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आपातकाल को लेकर राहुल के आरोप पर नितिन गडकरी का पलटवार, कहा- हम लोकतंत्र के साथ हैं

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी. (फाइल फोटो)

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी. (फाइल फोटो)

West Bengal Assembly Election: पश्चिम बंगाल की सभी 294 सीटों पर 27 मार्च से 29 अप्रैल के बीच विधानसभा चुनाव आठ चरणों में होंगे.

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नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने राहुल गांधी के उन आरोपों को बेबुनियाद बताया जिसमें उन्होंने कहा था कि भाजपा नीत सरकार में वर्तमान समय में जो हो रहा है वो आपातकाल से भी बदतर है. गडकरी ने कहा, 'मैं इमरजेंसी को भुगत चुका हूं. इमरजेंसी में मेरे नाना की मृत्यु हो गई और उस समय मेरे मामा जेल में थे. मैंने उस साल अपनी शिक्षा छोड़ दी थी और फिर उसी के कारण जयप्रकाश जी की प्रेरणा से राजनीति में आया. तो मैं इमरजेंसी देख चुका हूं बहुत बुरी हालत थी. मुझे याद है कि सुप्रीम कोर्ट में नीरेन डे जो अटॉर्नी जनरल थे... जज ने उनको पूछा था कि अगर इमरजेंसी में किसी को गोली मार दी जाए तो क्या उसे न्याय मांगने का भी अधिकार नहीं है, तो उनका जवाब था नहीं है. अगर कोई पुलिस अधिकारी गोली मारता है, तो पीड़ित को न्याय मांगने का अधिकार नहीं है. राहुल गांधी ने शायद उस स्थिति का अनुभव नहीं किया होगा वो बहुत बुरे दिन थे और हमारे राज में अभी ऐसी कोई इमरजेंसी नहीं है. हम लोकतंत्र के साथ चल रहे हैं उनका आरोप बेबुनियाद और गलत है.'


बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाया गया आपातकाल एक 'गलती' थी. उन्होंने कहा कि उस दौरान जो भी हुआ वह 'गलत' था, लेकिन वर्तमान परिप्रेक्ष्य से बिलकुल अलग था क्योंकि कांग्रेस ने कभी भी देश के संस्थागत ढांचे पर कब्जा करने का प्रयास नहीं किया. अमेरिका के कॉर्नेल विश्वविद्यालय में प्रोफेसर और भारत के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु के साथ हुई बातचीत में गांधी ने यह बात कही.

बंगाल में जनता परिवर्तन चाहती है- गडकरी
दूसरी ओर नितिन गडकरी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत का दावा करते हुए कहा कि बंगाल में जनता परिवर्तन चाहती है. इसके साथ ही उन्होंने आपातकाल को लेकर दिए गए बयान के सिलसिले में राहुल गांधी पर हमला बोला. क्या भाजपा इस बार बंगाल चुनाव में सत्ता में आएगी? इस सवाल के जवाब में गडकरी ने कहा, 'इस बार बंगाल की स्थिति ऐसी है कि बंगाल की जनता ने लेफ्ट पार्टी की सरकार को आजमाया, निराश होकर कांग्रेस को भी उन्होंने आजमाया और दोनों से निराश होकर फिर उन्होंने ममता बनर्जी को अवसर दिया. अब बंगाल की जनता ममता बनर्जी से भी नाराज है और परिवर्तन चाहती है और परिवर्तन के रूप में देश में मोदी जी के नेतृत्व में है.'

बंगाल की तस्वीर बदल देगी भाजपा
न्यूज़18 से एक्सक्लूसिव बातचीत में केंद्रीय मंत्री ने बुधवार को कहा कि हमारी सरकार ने जो अच्छा काम किया है अब उस काम को बंगाल का डबल इंजन लग जाता है, तो मेरे हिसाब से जनता अब चाहती है विकास और हम लोग कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी बंगाल की तस्वीर बदल सकती है और ये विश्वास लोगों के मन में है और लोग अब ममता की सरकार को बदलना चाहते हैं, तो निश्चित रूप में भाजपा की जीत होगी, हमें बहुमत मिलेगा और निश्चित रूप से चुनाव जीतेंगे.




ममता बनर्जी द्वारा भाजपा को बाहरी लोगों की पार्टी बताए जाने से जुड़े एक सवाल के जवाब में गडकरी ने कहा, 'हमारे विचारों की सबसे पहली विशेषता यही है कि हम जात, पंथ, धर्म और भाषा के आधार पर कोई भेदभाव नहीं करते. अलग भाषा अलग वेष फिर भी हमारा एक देश और हम बंगाल के इतिहास, संस्कृति, विरासत का सम्मान करते हैं. हम सब एक हैं यही हमारी भावना है और इसलिए चुनाव जीतने के लिए इस प्रकार का चुनाव में प्रचार करना... हमारी विचारधारा हमें इसकी इजाजत नहीं देती और हम ऐसा काम भी नहीं करते.'


'चुनाव की लड़ाई विचारों की लड़ाई होती है'
बंगाल में बढ़ती चुनावी हिंसा को लेकर केंद्र और चुनाव आयोग की तैयारियों के मद्देनजर नितिन गडकरी ने कहा कि शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव होने चाहिए. उन्होंने कहा, 'चुनाव की लड़ाई विचारों की लड़ाई होती है और हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश हैं, तो मेरा विश्वास है कि इन सब बातों को हमें टालना चाहिए. सभी पार्टियों को शांति और संयम के साथ चुनाव लड़ना चाहिए. लोकतंत्र की जीत होगी यदि शांतिपूर्ण मतदान होगा, लेकिन उसके लिए सबको सहयोग करना चाहिए.'




आठ चरणों में होंगे चुनाव
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की सभी 294 सीटों पर 27 मार्च से 29 अप्रैल के बीच विधानसभा चुनाव आठ चरणों में होंगे. पश्चिम बंगाल में चुनाव 27 मार्च, एक अप्रैल, छह अप्रैल, दस अप्रैल, 17 अप्रैल, 22 अप्रैल, 26 अप्रैल और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि मतों की गिनती दो मई को होगी. चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने 26 फरवरी को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में 2016 की तुलना में इस बार एक चरण अधिक होगा.

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