प्रोजेक्ट बनने में लगे 12 साल तो नितिन गडकरी बोले- जिनकी वजह से हुई देरी, उनकी टांग दें तस्वीर

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी

राष्ट्रीय कार्यक्रम एवं परियोजना प्रबंधन नीति रूपरेखा (NPMPF) को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने कहा कि ईमानदार अधिकारियों को समर्थन देने की जरूरत है, अन्यथा वे निर्णय नहीं ले पाएंगे.

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  • Last Updated: October 29, 2020, 2:27 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने मंत्रालय में लापरवाही बरतने और देर से काम करने वाले अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करने के संकेत दिए हैं. नितिन गडकरी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों के काम करने के तौर तरीकों पर भड़क गए. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री गडकरी ने कहा 'NAHI में बहुत सुधार की जरूरत है. नॉन परफॉर्मिंग असेट्स (काम न करने वाले अधिकारियों) को बाहर का रास्ता दिखाना होगा जो चीजों को उलझाते हैं और रुकावटे पैदा करते हैं. 50 करोड़ के इस प्रोजेक्ट पर साल 2008 में फैसला हुआ था. टेंडरसाल 2011 में निकला और अब यह नौ साल बाद पूरा हुआ है.'

एमएमएमई मंत्री ने कहा- 'जिन अधिकारियों की वजह से इस निर्माण में 12 साल की देरी हुई, उनकी तस्वीरें भी यहां 12 साल  के लिए लगा दें. देरी के चलते हमें लाखों-करोड़ों का घाटा हो रहा है. पर्यावरण मंजूरी हासिल करना सबसे बड़ी समस्या है.' गडकरी ने सख्त कार्रवाई के संकेत देते हुए कहा- 'NHAI में काम ना करने वाले और भ्रष्ट लोग इतने ताकतवर हैं कि कहने के बाद भी वे गलत फैसले लेते हैं. ऐसे  अधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाने का वक्त आ गया है.'





ईमानदार अधिकारियों को समर्थन देने की जरूरत- गडकरी
राष्ट्रीय कार्यक्रम एवं परियोजना प्रबंधन नीति रूपरेखा (एनपीएमपीएफ) के वर्चुअल आयोजन को संबोधित करते हुए गडकरी ने बुधवार को कहा कि ईमानदार अधिकारियों को समर्थन देने की जरूरत है, अन्यथा वे निर्णय नहीं ले पाएंगे. मंत्री ने कहा, ‘बेहतर गुणवत्ता की पर्यावरण अनुकूल और समय पर पूरी होने वाली बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से आत्मनिर्भर भारत का रास्ता खुलेगा.’ उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यावरण नियमन महत्वपूर्ण हैं.

उन्होंने कहा, ‘हम पर्यावरण नियमनों से समझौता नहीं करना चाहते हैं, लेकिन बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए पर्यावरण मंजूरी में बहुत अधिक विलंब से हमें मौद्रिक नुकसान होता है.’ गडकरी ने इस बात पर जोर दिया कि सरकारी अधिकारियों को जमीनी स्तर पर समस्याओं की पहचान करनी चाहिए.

इसी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि बुनियादी ढांचा आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ की हड्डी है. गोयल ने कहा, ‘नव भारत में हम चाहते हैं कि सभी को गुणवत्ता वाला बुनियादी ढांचा मसलन विश्वस्तरीय बंदरगाह, सड़कें, रेल और हवाई मार्ग उपलब्ध हों.’ (भाषा इनपुट के साथ)
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