Home /News /nation /

BJP की मुसीबत बना राम मंदिर मुद्दा, नीतीश-पासवान 'विकास' तो शिवसेना मांगे 'मंदिर'

BJP की मुसीबत बना राम मंदिर मुद्दा, नीतीश-पासवान 'विकास' तो शिवसेना मांगे 'मंदिर'

News18 Creative Graphic (Mir Suhail)

News18 Creative Graphic (Mir Suhail)

राम मंदिर पर आरएसएस के कड़े रूख का हवाला देते हुए शिवसेना प्रमुख ने दृढ़ता से हिंदुत्व के एजेंडे पर अपनी निगाहें टिका दी है.

  • News18.com
  • Last Updated :
    लोकसभा चुनाव 2019 के नजदीक आते देख एनडीए के सहयोगी ही उनके लिए समस्या खड़ी करते नजर आ रहे हैं. एक तरफ शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे राम मंदिर निर्माण में हो रही देरी पर बीजेपी को कड़ा संदेश दे रहे हैं. राम मंदिर पर आरएसएस के कड़े रूख का हवाला देते हुए शिवसेना प्रमुख ने दृढ़ता से हिंदुत्व के एजेंडे पर अपनी निगाहें टिका दी है.

    वहीं दूसरी तरफ जद (यू) के नेता नीतीश कुमार और लोजपा नेता रामविलास पासवान और उनके बेटे चिराग को लगता है कि चुनावी तख्तापलट के लिए मंदिर की जगह विकास का मुद्दा ही आधार होगा. हिंदुत्व जैसे विभिन्न मुद्दों पर बीजेपी को अपने सहयोगियों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है.

    जद (यू) प्रमुख नीतीश कुमार ने बिहार में सीट बंटवारे को लेकर पिछले 24 घंटे चले विरोधाभास के बाद राम मंदिर मामले पर कहा कि इस मामले को कोर्ट के फैसले के जरिए हल किया जाना चाहिए. उनके विचार रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान से मिलते जुलते हैं. जिसमें चिराग ने कहा था कि मंदिर उनकी पार्टी की प्राथमिकता नहीं है. गठबंधन को इसकी बजाय विकास की ओर ध्यान देना चाहिए.

    बीजेपी की दुविधा ये है कि ठाकरे 'हिंदुत्व का रक्षक' जैसी छवि बनाने के लिए अड़े हुए हैं. राम मंदिर निर्माण के लिए पिछले महीने अयोध्या में रैली करने के बाद शिवसेना ठाकरे ने सोमवार को महाराष्ट्र के पंढरपुर में एक विशाल धर्म सभा को संबोधित किया. शिवसेना ​फिर से बीजेपी को चुनौती दे रही है.

    ये भी पढ़ें: BJP का आंतरिक सर्वेक्षणः 2019 में 2014 के अपने प्रदर्शन को दोहराएगी पार्टी

    बीजेपी और आरएसएस दोनों ने यह जानने की कोशिश की है कि हाल में हुए विधानसभा चुनावों पर मंदिर मुद्दे का कितना असर पड़ा है. हालांकि अब राम मंदिर मुद्दे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ थोड़ा नरम पड़ा है. संघ ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि मई 2019 से पहले वह राम मंदिर मुद्दे पर अध्यादेश लाने की मांग करेगा या नहीं.

    हालांकि संघ के अंदर यह हलचल जरूर चल रही है कि अयोध्या मामले पर भविष्य में क्या होगा. क्योंकि पिछले एक साल में कांग्रेस ने भी विधानसभा चुनावों के दौरान मजबूती से हिंदुत्व का मुद्दा उठाया है. वहीं 2019 में नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के बीच की ​टक्कर के बीच एनडीए को अपनी मजबूती बरकरार रखनी होगी. क्योंकि मंदिर मुद्दे पर एनडीए के सभी दल भी एक राय नहीं दिख रहे हैं. जहां नीतीश और पासवान उन्हें पीछे खींचने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं शिवसेना और आरएसएस उन्हें मंदिर मुद्दे पर ठोस कदम उठाने की चेतावनी दे रहे हैं.

    ये भी पढ़ें: स्मृति ईरानी ने अब शेयर की पति के साथ उद्धव ठाकरे की फोटो, कैप्शन पढ़ छूट जाएगी हंसी

    Tags: BJP, Chirag Paswan, NDA, Nitish kumar, Pm narendra modi, Ram vilas paswan, RSS, Shiv sena, Udhav Thackeray

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर