कोरोना के कहर के बीच भारत को वैक्सीन नहीं देगा ब्रिटेन, कहा- भेजने के लिए नहीं हैं टीके

1 मई से 18 साल से ऊपर वालों के लिए कोरोना टीका लगना शुरू होगा. फाइल फोटो)

1 मई से 18 साल से ऊपर वालों के लिए कोरोना टीका लगना शुरू होगा. फाइल फोटो)

भारत में महामारी की भयावह दूसरी लहर के संदर्भ में, ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के प्रवक्ता ने कहा कि इस प्रक्रिया की निरंतर समीक्षा की जा रही है और देश 495 ऑक्सीजन सेंकेंद्रक, 120 वेंटिलेटर आदि का एक सहायता पैकेज भेज रहा है ताकि भारत में आपूर्ति की कमी को पूरा किया जा सके.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 28, 2021, 5:10 AM IST
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लंदन. भारत में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. कोरोना की दूसरी लहर भारत में इतनी भयावह (Coronavirus Second Wave) है कि मरीजों को ऑक्सीजन और दवाएं नहीं मिल पा रही है. ऐसी स्थिति में दुनिया के कई देश भारत की मदद के लिए आगे आए हैं. वहीं, ब्रिटेन ने मंगलवार को कहा कि वह फिलहाल कोविड-19 टीकों के लिए अपनी घरेलू प्राथमिकता पर जोर दे रहा है और इस चरण में भारत जैसे जरूरतमंद देशों को मुहैया कराने के लिए उसके पास अतिरिक्त खुराकें नहीं हैं.

भारत में महामारी की भयावह दूसरी लहर के संदर्भ में, ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के प्रवक्ता ने कहा कि इस प्रक्रिया की निरंतर समीक्षा की जा रही है और देश 495 ऑक्सीजन सेंकेंद्रक, 120 वेंटिलेटर आदि का एक सहायता पैकेज भेज रहा है ताकि भारत में आपूर्ति की कमी को पूरा किया जा सके.

एक सौ वेंटिलेटर और 95 ऑक्सीजन संकेंद्रक की पहली खेप मंगलवार तड़के नयी दिल्ली पहुंची. प्रवक्ता ने कहा कि हमने फरवरी में प्रतिबद्धता जतायी थी कि ब्रिटेन को होने वाली आपूर्ति से अतिरिक्त खुराकें ‘कोवैक्स खरीद पूल’ और जरूरतमंद देशों को दी जाएंगी. उन्होंने कहा कि अभी हम घरेलू मोर्चे पर जोर दे रहे हैं और हमारे पास अतिरिक्त खुराकें उपलब्ध नहीं हैं.




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जॉनसन ने मदद का जताया था भरोसा

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने हालांकि संकट की इस घड़ी में साथ खड़े होने का भरोसा जताया है. उन्होंने कहा था कि हम भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं. कोविड-19 से जंग के दौरान हमारे दोस्त व साझेदार के लिए बहुत ही चिंता का समय है. जल्द ही बेहद जरूरी मेडिकल उपकरण जैसे ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर और वेंटिलेटर्स पहुंचाएंगे. उन्होंने कहा था कि इस महामारी से लड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की मदद के लिए हम पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं.

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