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समझौते के बाद कश्मीर में LOC पर संघर्षविराम उल्लंघन का कोई मामला नहीं: अधिकारी

सेना का कहना है कि फरवरी के बाद से संघर्ष विराम का उल्‍लंघन नहीं हुआ है. (सांकेतिक फोटो)

सेना का कहना है कि फरवरी के बाद से संघर्ष विराम का उल्‍लंघन नहीं हुआ है. (सांकेतिक फोटो)

भारत और पाकिस्तान (India and Pakistan) की सेनाओं के बीच फरवरी में हुए समझौते के बाद से कश्मीर (Kashmir) में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर संघर्षविराम उल्लंघन (ceasefire violation) का कोई मामला सामने नहीं आया है. सेना के श्रीनगर स्थित 15 कोर या चिनार कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल डी पी पांडे ने यह जानकारी दी.

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    श्रीनगर . भारत और पाकिस्तान (India and Pakistan) की सेनाओं के बीच फरवरी में हुए समझौते के बाद से कश्मीर (Kashmir) में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर संघर्षविराम उल्लंघन (ceasefire violation) का कोई मामला सामने नहीं आया है. सेना के एक शीर्ष अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी. सेना के श्रीनगर स्थित 15 कोर या चिनार कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल डी पी पांडे ने कहा कि घुसपैठ के कुछ प्रयास हुए हैं, लेकिन पिछले वर्षों के विपरीत उन्हें संघर्षविराम उल्लंघन के द्वारा पर्याप्त रूप से समर्थित नहीं किया गया है.

    जीओसी ने यहां एक समारोह के इतर संवाददाताओं से कहा कि संघर्षविराम उल्लंघन के मामलों में वृद्धि नहीं हुई है. इस साल कोई (संघर्षविराम उल्लंघन) नहीं हुआ है. कम से कम कश्मीर घाटी में तो ऐसा बिल्कुल नहीं हुआ. लेफ्टिनेंट जनरल पांडे ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से उकसावे वाली कोई की घटना नहीं हुई. भारतीय सेना पूरी तरह से सतर्क है और किसी भी संघर्ष विराम उल्लंघन का उचित जवाब देने के लिए तैयार है.  अगर कुछ भी गलत होता है, तो हम उचित जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. लेकिन, यह स्पष्ट है कि सीमा पार से कोई उकसावे की घटना नहीं हुई है.

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    उन्होंने कहा कि हम संघर्ष विराम उल्लंघन का जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. इस साल नियंत्रण रेखा के पार से आतंकवादियों द्वारा घुसपैठ की कोशिशों के बारे में पूछे जाने पर सेना के अधिकारी ने कहा कि शायद ही ऐसा कोई सफल प्रयास हुआ हो. उन्होंने कहा,  कुछ प्रयास हुए हैं. लेकिन पिछले वर्षों के विपरीत, इन्हें (संघर्षविराम उल्लंघनों द्वारा) पर्याप्त रूप से समर्थन नहीं दिया गया है. शायद ही ऐसा कोई सफल प्रयास हुआ हो. केवल दो प्रयास ही सफल हो सकते थे. बांदीपोरा में ऐसे ही प्रयास को नाकाम कर दिया गया. दूसरे मामले में जांच जारी है.

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    उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर सेना द्वारा शुरू किए गए तलाशी अभियान का जिक्र करते हुए जीओसी ने कहा कि यह अभियान पिछले 24 घंटों से चल रहा है क्योंकि हमें पता चला है कि घुसपैठ की कोशिश की गई है. उन्होंने कहा, ’’हम उनकी तलाश कर रहे हैं. पता लगाया जा रहा है कि वे सीमा के इस तरफ हैं या घुसपैठ का प्रयास करके वापस चले गए हैं. इस मामले में तस्वीर साफ नहीं हुई है और न ही उसे सत्यापित किया गया. लेफ्टिनेंट जनरल पांडे ने कहा कि घुसपैठ की किसी भी कोशिश को विफल करने के लिए बल सतर्क है. उन्होंने कहा मैं आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि हम काफी सतर्क हैं। जमीन पर हमारे सैनिक पूरी तरह से सतर्क हैं.

    भारत और पाकिस्तान ने 24-25 फरवरी 2021 की मध्यरात्रि से नियंत्रण रेखा और अन्य सभी क्षेत्रों में सभी समझौतों, समन्वय और युद्धविराम के सख्ती से पालन पर सहमति जतायी थी. इससे पहले, जीओसी चिनार कोर ने सेना के कश्मीर सुपर 30 (मेडिकल) पाठ्यक्रम के पहले और दूसरे बैच के छात्रों को सम्मानित किया, जो अब एनईईटी पास करने के बाद एमबीबीएस और अन्य पाठ्यक्रमों में सफलतापूर्वक अध्ययन कर रहे हैं.

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