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कोरोना के नए स्ट्रेन का भारत में अब तक कोई केस नहीं, जेनेटिक के पॉजिटिव-निगेटिव की होगी जांच- AIIMS डायरेक्टर

 AIIMS के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया
AIIMS के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया

Coronavirus In India: ब्रिटेन (Britain) सरकार ने कहा है कि कोविड-19 का नए किस्म का वायरस 70 प्रतिशत अधिक संक्रामक है। .

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 22, 2020, 8:36 AM IST
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नई दिल्ली. देश में कोरोना वायरस (Coroanvirus In India) के मामले शुरुआती दिनों के मुकाबले बहुत कम होते जा रहे थे. माना जा रहा था कि परिस्थितियां फिर से सामान्य हो जाएंगी, लेकिन ब्रिटेन में कोरोना (Corona in Britain) का नया स्ट्रेन मिलने से एक बार फिर हड़कंप मच गया है. ब्रिटेन में कोरोना के स्ट्रेन पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि अभी तक देश में कोई भी केस नहीं मिला है.

एक टीवी चैनल से डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि ब्रिटेन ने कोरोना के नए स्ट्रेन के म्यूटेशन के बारे में जानकारी दी है. उन्होंने यह पाया कि जहां यह म्यूटेशन हुआ वह तेजी से कोरोना फैल रहा है. ऐसे मामले दक्षिण ब्रिटेन और लंदन में ज्यादा पाए जा रहे हैं. जहां भी यह म्यूटेशन हुआ वहां मामला ज्यादा पाए गए.

बता दें कि कोरोना के नए स्ट्रेन पर भारत में भी निगाह रखी जा रही है. इसी क्रम में देश ने ब्रिटेन से आने वाली हर फ्लाइट पर रोक लगा दी है. साथ ही कहा गया है कि ब्रिटेन और यूरोप से आने वाले सभी यात्री संस्थागत क्वारंटीन होंगे या उन्हें होम क्वारंटीन रखा जाएगा.



 नए किस्म के कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल सकता है- ब्रिटेन
डॉक्टर ने कहा कि अभी तक भारत में कोई भी ऐसा मामला सामने नहीं आया है. लेकिन अब जो भी मामले आ रहे हैं उनकी टेस्टिंग बहुत जरूरी है. अब तक हम सिर्फ यह देख रहे थे कि कोई पॉजिटिव है या नहीं.

गुलेरिया ने कहा कि खास तौर से जो लोग ब्रिटेन से आ रहे हैं उनके स्ट्रेन्स की जांच करनी होगी. अगर किसी में भी ब्रिटेन के नए वायरस जैसे स्ट्रेन्स दिखते हैं तो उन्हें तुरंत सर्विलांस पर रख कर सर्विलांस पर रखेंगे.

ब्रिटेन की सरकार ने चेताया है कि नए किस्म के कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल सकता है और रविवार से वहां पर नयी पाबंदियां लगायी गयी हैं. वहीं, भारतीय मूल के अमेरिकी डॉक्टर विवेक मूर्ति ने कहा है कि ऐसा कोई साक्ष्य मौजूद नहीं है जिससे यह सिद्ध हो सके कि कोरोना वायरस का ब्रिटेन में पाया गया नया और अधिक संक्रामक रूप ज्यादा घातक है.
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