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    कोलकाता और दिल्ली में दुर्गा पूजा पंडाल में आम लोगों की नो एंट्री, सिर्फ इनको मिलेगा प्रवेश

    बंगाल और दिल्ली में दुर्गा पूजा पंडालों आम लोगों को प्रवेश नहीं मिलेगा. (फाइल फोटो)
    बंगाल और दिल्ली में दुर्गा पूजा पंडालों आम लोगों को प्रवेश नहीं मिलेगा. (फाइल फोटो)

    Durga Puja: देश में फैले कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते कोलकाता और दिल्ली के दुर्गा पूजा पंडालों में आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. दोनों ही जगह सिर्फ समिति के सदस्यों को प्रवेश की अनुमति होगी.

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    कोलकाता/नई दिल्ली. कलकत्ता उच्च न्यायालय (Kolkata Highcourt) ने कोविड-19 (Covid-19) के प्रसार पर काबू के लिए सोमवार को राज्य भर के सभी दुर्गा पूजा पंडालों (Durga Puja Pandal) को प्रवेश निषेध क्षेत्र (Containment Zone) घोषित कर दिया. पश्चिम बंगाल (West Bengal) में अब तक कोरोना वायरस (Coronavirus) के 3.2 लाख मामले सामने आ चुके हैं और इस बीमारी के कारण 6,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.

    न्यायमूर्ति संजीव बनर्जी और न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि किसी भी आगंतुक को पंडाल में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. अदालत ने आदेश दिया कि छोटे पंडालों के लिए प्रवेश द्वार से पांच मीटर की दूरी पर बैरिकेड लगाने होंगे जबकि बड़े पंडालों के लिए यह दूरी 10 मीटर होनी चाहिए. पीठ ने कहा कि बैरिकेडों पर प्रवेश निषेध के बोर्ड लगे होने चाहिए. अदालत ने यह भी कहा कि आयोजन समितियों से जुड़े सिर्फ 15 से 25 लोगों को ही पंडालों में प्रवेश करने की अनुमति होगी.

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    ओणम के बाद बढ़े मामले
    केरल में ओणम के बाद संक्रमितों की संख्या में तेजी से वृद्धि दर्ज की गयी. दुर्गा पूजा पश्चिम बंगाल का सबसे बड़ा उत्सव है. लेकिन विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने आशंका जतायी थी कि इस उत्सव में लापरवाही से वायरस का प्रकोप बढ़ सकता है.

    पीठ ने यह आदेश सब्यसाची चटर्जी नामक एक व्यक्ति की जनहित याचिका पर दिया. याचिकाकर्ता ने कहा कि महामारी के बावजूद पश्चिम बंगाल सरकार ने सिर्फ कोलकाता में करीब 3,000 सामुदायिक पूजा के लिए अनुमति दी.

    अदालत ने कहा कि जब स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों को पिछले छह महीनों से शिक्षण संस्थानों में जाने से रोका जा रहा है तो इस साल उत्सव आयोजित करने की अनुमति देना अनुपयुक्त होगा. पीठ ने कहा कि मार्च, 2020 के बाद से मानव के लिए जीवन सामान्य नहीं रहा है. पीठ ने लोगों को डिजिटल दर्शन करने का सुझाव दिया.

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    दिल्ली में ऑनलाइन होंगे दर्शन, घर पर मिलेगा प्रसाद
    वहीं वायरस के प्रकोप से बचाव के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में दुर्गा पूजा आयोजकों ने खास तैयारी करने का निर्णय लिया है. इसके तहत, ऑनलाइन दर्शन के साथ ही प्रसाद घर पर ही पहुंचाया जाएगा और पुजारियों के अलावा रसोइये का भी कोविड-19 परीक्षण कराया जाएगा.

    कुछ आयोजकों ने कहा कि वे अंतिम समय में किसी भी दिक्कत से बचने के लिए दो पुजारियों की सेवा लेंगे ताकि एक पुजारी यदि संक्रमण की चपेट में आ जाए तो दूसरा जिम्मेदारी निभा सके. इसके अलावा, संपर्क में आए लोगों का आसानी से पता लगाने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं का पूरा विवरण रखने की भी योजना है.

    दिल्ली में अधिकतर दुर्गा पूजा समितियों ने फैसला किया है कि आम लोगों को प्रवेश की अनुमति नहीं जाए और सीमित संख्या में केवल समिति के सदस्य दर्शन करें. दिल्ली में दुर्गा पूजा उत्सव का भव्य आयोजन करने वाली 'चितरंजन पार्क काली मंदिर सोसायटी' ने इस साल कोविड-19 महामारी के मद्देनजर आम जनता को मंदिर प्रांगण में प्रवेश नहीं देने का निर्णय लिया है.

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    केबल संचालक से किया गया समझौता
    सोसायटी ने एक डीटीएच सेवा प्रदाता और स्थानीय केबल संचालक से समझौता किया है ताकि श्रद्धालु घर बैठे ही मां दुर्गा की मूर्ति के दर्शन कर सकें. साथ ही सोसायटी ने अन्य सोशल मीडिया माध्यमों जैसे अपने फेसबुक पेज और यूट्यूब चैनल पर ऑनलाइन दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराने की भी योजना बनाई है.



    पूर्वी दिल्ली की 38 दुर्गा पूजा समितियों का नेतृत्व करने वाली पूर्वांचल बंगियो समिति ने कहा कि एक समय में हर समिति के केवल 10 सदस्यों को दर्शन करने की अनुमति दी जाएगी और प्रवेश के समय उनका विवरण दर्ज किया जाएगा ताकि किसी के संक्रमित पाए जाने पर संपर्कों का पता लगाने में आसानी हो सके.
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