केरल गोल्ड स्मलिंग में अब तक CM पिनराई विजयन के खिलाफ नहीं मिले सबूत- NIA अधिकारी

केरल गोल्ड स्मलिंग में अब तक CM पिनराई विजयन के खिलाफ नहीं मिले सबूत- NIA अधिकारी
विपक्षी कांग्रेस और बीजेपी ने गोल्ड स्कैम को लेकर पिनराई विजयन के इस्तीफे की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किए.

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के एक अधिकारी की मानें तो अब तक 500 करोड़ रुपये के इस हाई-प्रोफाइल सोने की तस्करी (Kerala Gold Smuggling Scam) के मामले में पिनराई विजयन (Pinarayi Vijayan) के कनेक्शन का कोई सबूत नहीं मिला है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 1, 2020, 2:20 PM IST
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तिरुवनंतपुरम. केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन (Pinarayi Vijayan) हाई-प्रोफाइल सोने की तस्करी (Kerala Gold Smuggling Scam) के मामले में विपक्ष के गुस्से का सामना कर रहे हैं. हालांकि, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के एक अधिकारी की मानें तो अब तक 500 करोड़ रुपये के इस रैकेट में सीएम विजयन के कनेक्शन का कोई सबूत नहीं मिला है.

इस मामले की जांच में शामिल एजेंसी के अधिकारियों ने News18 को बताया कि जांचकर्ताओं को अभी तक केरल के मुख्यमंत्री को फंसाने या 'मुख्यमंत्री कार्यालय की संस्थागत भागीदारी' को साबित करने वाला कोई सबूत नहीं मिला है.

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राज्य में 8 महीने बाद विधानसभा चुनाव होने है. विपक्षी कांग्रेस और बीजेपी गोल्ड स्कैम को लेकर पिनराई विजयन के इस्तीफे की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन कर रही है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने विजयन के इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले सप्ताह एक दिन का उपवास किया था. वहीं, कांग्रेस नीत यूडीएफ विधानसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आई थी, जो गिर गया था. एनआईए के स्पष्टीकरण से फिलहाल विजयन को राहत मिलती दिख रही है.
ये है पूरा मामला?
5 जुलाई को तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग के अधिकारियों ने पहले से मिली गुप्त सूचना के आधार पर यूएई से आया एक डिप्लोमेटिक सामान पकड़ा. विदेश मंत्रालय से अनुमति लेने के बाद यूएई वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों की मौजूदगी में जब उसे खोला गया, तो उसमें घरेलू इस्तेमाल की कई चीजों में भरा हुआ 30 किलो सोना मिला. इसकी कीमत लगभग 15 करोड़ रुपए बताई जा रही है. अपने आप को वाणिज्य दूतावास का कर्मचारी बताकर सोने को लेने आए व्यक्ति सरित कुमार को कस्टम विभाग ने पूछताछ के बाद हिरासत में लिया और पूछताछ की.

सामने आया गोल्ड स्मलिंग गर्ल का नाम
सरित ने बाद में विभाग को बताया कि उसकी एक सहयोगी केरल सरकार के आईटी विभाग की एक कर्मचारी है, जिसका नाम स्वप्ना सुरेश है. सुरेश से पूछताछ करने के लिए जब विभाग हरकत में आया तो पता चला कि वो सामान खोले जाने के एक दिन पहले से लापता है. स्वप्ना का पूरा रिकॉर्ड सामने आने के बाद पता चला कि वो भी पहले यूएई के वाणिज्य दूतावास में एग्जीक्यूटिव सेक्रेटरी के पद पर काम करती थी, वो भी पहले दुबई में रहती थी.

2013 में उसे तिरुवनंतपुरम में हवाईअड्डे पर एक कंपनी में नौकरी मिली, वहां उसने एक वरिष्ठ कर्मचारी के साथ मिलकर हवाईअड्डे के एक कर्मचारी के खिलाफ यौन शोषण की कम से कम 17 फर्जी शिकायतें दर्ज कराईं. बाद में वह यूएई चली गई. 2019 में किन्हीं कारणों की वजह से यूएई में नौकरी से निकाल दिया गया. नौकरी से निकाले जाने और एक पुलिस केस में नामित होने के बावजूद, उसे किसी तरह से केरल सरकार के आईटी विभाग के एक उपक्रम में नौकरी मिल गई.



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विपक्ष ने उठाए सवाल
मीडिया में आई खबरों में दावा किया गया है कि प्रिंसिपल सेक्रेटरी शिवशंकर ने बहुराष्ट्रीय कंपनी प्राइसवाटर हाउसकूपर्स के जरिए स्वप्ना के नाम की उस पद पर नियुक्ति के लिए सिफारिश की थी. उसकी घोषित शैक्षणिक योग्यता के भी फर्जी होने का दावा किया जा रहा है. विपक्ष के नेताओं ने आरोप लगाया है कि यह सुनियोजित साजिश थी और शिवशंकर स्वप्ना से मिले हुए हैं.
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