ICMR के पूर्व वैज्ञानिक का दावा- जेनेटिक या कृत्रिम तरीके से कोरोना वायरस के तैयार होने के कोई सबूत नहीं

इसके अलावा, 32मरीजों के दम तोड़ देने से प्रदेश में अब तक कुल 6401 कोरोना संक्रमित अपनी जान गंवा चुके हैं.  (सांकेतिक फोटो)

इसके अलावा, 32मरीजों के दम तोड़ देने से प्रदेश में अब तक कुल 6401 कोरोना संक्रमित अपनी जान गंवा चुके हैं. (सांकेतिक फोटो)

Coronavirus Pandemic: डॉ. गंगाखेडकर ने यह भी कहा कि हम यह नहीं कह सकते कि वे (प्लाज्मा और रेमडेसिविर का तर्कसंगत उपयोग) कोरोना के नए वैरिएंट के एकमात्र कारण हैं.

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नई दिल्‍ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) की उत्‍पत्ति का मुद्दा हर दिन जोर पकड़ता जा रहा है. कानूनविदों की एक इकाई ने डब्ल्यूएचओ से गुजारिश की है कि वह कोरोना के संबंध में सभी वैज्ञानिक और चिकित्सा जानकारियां और सूचनाएं जारी करें. इसी बीच भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) में महामारी विज्ञान और संचारी रोगों के पूर्व प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. रमन आर गंगाखेडकर ने कहा कि कोरोना महामारी जेनेटिक या इसे कृत्रिम तरीके से बनाया गया है, इसके कोई सबूत नहीं है.

उन्होंने कहा कि कुछ भी निर्णायक रूप से कहने के पहले हमें सबूत मिलने का इंतजार करना होगा. डॉ. गंगाखेडकर ने यह भी कहा कि हम यह नहीं कह सकते कि वे (प्लाज्मा और रेमडेसिविर का तर्कसंगत उपयोग) कोरोना के नए वैरिएंट के एकमात्र कारण हैं. कुछ दिनों में हमें पता चल जाएगा कि मोनोक्लोनल एंटीबॉडीज कोविड और इसके प्रकारों के खिलाफ कैसे काम करती हैं.

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उन्होंने कहा, हमें याद रखना चाहिए कि यदि आप हर साल वैश्विक आंकड़ों को देखें, तो बीएसएल -4 प्रयोगशालाओं में भी लगभग सौ दुर्घटनाएं होती हैं, जिनसे इन उच्च जोखिम वाले रोगजनकों को रखने और यह सुनिश्चित करने की उम्मीद की जाती है कि वे अपनी संस्कृतियों में ठीक से बनाए रखें.
स्वदेशी टीकों की क्षमत को बढ़ाने के लिए निवेश

गंगाखेडकर ने कहा, अब जब देश में कोरोना वैक्सीन की पर्याप्त खुराक उपलब्ध नहीं है, हमनें अन्य विदेशी निर्माताओं से वैक्सीन खरीद की छूट दे दी है. हम अन्य देशों से भी वैक्सीन खरीदने के लिए तैयार हैं और स्वदेशी टीकों की क्षमता को बढ़ाने के लिए भी निवेश कर रहे हैं.




विश्व स्वास्थ्य संगठन जल्द शुरू कर सकता है जांच

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी संकेत दिए हैं कि कोरोना की उत्पत्ति को लेकर जांच जल्द ही फिर से शुरू की जा सकती है. वहीं, समाचार एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक स्काई न्यूज ऑस्ट्रेलिया के होस्ट एंड्रयू बोल्ट ने अपने शो द बोल्ट रिपोर्ट में फ्लिंडर्स मेडिकल सेंटर में एंडोक्राइनोलॉजी के निदेशक प्रोफेसर निकोलाई पेत्रोवस्की से बातचीत की.

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