Assembly Banner 2021

कोविड-19 की दूसरी लहर के चलते फ्लाइट्स पर रोक लगाने की कोई मंशा नहीं: हरदीप सिंह पुरी

हरदीप सिंह पुरी ने कहा फ्लाइट्स पर रोक लगाने की मंशा नहीं है (फाइल फोटो)

हरदीप सिंह पुरी ने कहा फ्लाइट्स पर रोक लगाने की मंशा नहीं है (फाइल फोटो)

Covid-19 Cases: पिछले साल शुरू हुए कोरोना वायरस संक्रमण के चलते लगाए गए लॉकडाउन के कारण फ्लाइट सेवाओं पर मार्च 2020 से 25 मई 2020 तक रोक लगा दी गई थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 27, 2021, 5:40 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने कहा है कि कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते फ्लाइट सेवाओं पर रोक लगाने की सरकार की कोई मंशा नहीं है. पुरी ने कहा कि कोविड-19 की दूसरी लहर (Second Wave of Covid-19) के बीच सरकार की फ्लाइट सेवाओं पर रोक लगाने का कोई विचार नहीं है, हालांकि 1 अप्रैल से सभी सेवाओं को दोबारा शुरू करने की योजना को बढ़ते मामलों के चलते स्थगित कर दिया गया है.

बता दें पिछले साल शुरू हुए कोरोना वायरस संक्रमण के चलते लगाए गए लॉकडाउन के कारण फ्लाइट सेवाओं पर मार्च 2020 से 25 मई 2020 तक रोक लगा दी गई थी. पुरी ने कहा कि आगे की सेवाओं को हम फिर से शुरू कर रहे हैं. हमारा मकसद था कि 100 फीसदी सेवाओं को 1 अप्रैल से शुरू कर दिया जाए क्योंकि पहले से ही वर्तमान में 80 फीसदी फ्लाइट्स उड़ान भर रही हैं. लेकिन अब कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण हम 100 फीसदी सेवाओं को अभी शुरू नहीं कर सकते.

ये भी पढ़ें- UP में कोरोना के दक्षिण अफ्रीकी स्ट्रेन के तीन मरीजों की पुष्टि, मचा हड़कंप



कोविड उपयुक्त व्यवहार नहीं करने वाले यात्री होंगे ब्लैकलिस्ट
पुरी ने कहा कि दूसरी लहर के संक्रमणों का पता लगाने के लिए एयरपोर्ट प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वह ऐसे सभी यात्रियों को ब्लैकलिस्ट करें जो कोविड उपयुक्त व्यवहार नहीं कर रहे हैं. पुरी ने कहा, मैंने एयरपोर्ट संचालकों और एयरलाइंस से कहा है कि जो यात्री मास्क नहीं करते या फिर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करते उन्हें नो फ्लायर्स लिस्ट में डाल दिया जाए.

एयर इंडिया के निजीकरण को लेकर पुरी ने कहा कि इसकी प्रक्रिया मई के अंत तक पूरी हो जाएगी. पुरी ने एएनआई को बताया कि "सोमवार को हुई एक बैठक में, यह निर्णय लिया गया कि सरकार 64 दिनों के भीतर वित्तीय बोलियों को बंद कर देगी." इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इसके लिए कई बोलियां लगाई गई थीं और कुछ को शॉर्टलिस्ट भी कर लिया गया है.

ये भी पढ़ें- राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की हालत स्थिर, रेफर किए गए AIIMS

उन्होंने कहा कि पवन हंस विनिवेश जैसे अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) भी प्रक्रिया में हैं. उन्होंने कहा, "एयरलाइन अभी भी 60 हजार करोड़ के कर्ज में डूबी है और इसे बेचा जाना आवश्यक है."

बता दें भारत में कोविड-19 के उपचाराधीन रोगियों की संख्या 4,52,647 पहुंच गई है और फिलहाल यह देश में संक्रमण के कुल मामलों का 3.8 प्रतिशत है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि बीते 24 घंटों के दौरान देश में संक्रमण के 62,258 नए मामले सामने आए जो इस साल एक दिन में सामने आए सर्वाधिक मामले हैं. मंत्रालय ने कहा कि महाराष्ट्र में कोविड-19 के सर्वाधिक 36,902 नए मामले सामने आए. उसके बाद पंजाब में 3122 और छत्तीसगढ़ में 2665 नए मामले मिले. मंत्रालय के मुताबिक, 10 राज्यों में कोविड-19 के मामले ऊपर जाते दिख रहे हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज