63 मून्स टेक्नोलॉजीज मामला: सीबीआई को नहीं मिले पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम के खिलाफ सुबूत

63 मून्स टेक्नोलॉजीज मामला: सीबीआई को नहीं मिले पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम के खिलाफ सुबूत
सीबीआई के वकील हितेन वेनगावकर ने एजेंसी की तरफ से एक शपथपत्र दाखिल किया था.

63 moons technologies case: जस्टिस साधना जाधव और जस्टिस एनजे जामदार की खंडपीठ जिग्नेश शाह की कंपनी 63 मून्स (पुराना नाम फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज) की याचिका पर सुनवाई कर रही थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 14, 2020, 2:35 PM IST
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नई दिल्ली. सीबीआई (CBI) ने गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) में बताया कि उसे पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम (P Chidambaram) और दो अन्य के खिलाफ 63 मून्स टेक्नोलॉजीज द्वारा लगाए गए आरोपों को प्रमाणित करने के लिए कोई सामग्री नहीं मिली है. जस्टिस साधना जाधव और जस्टिस एनजे जामदार की खंडपीठ जिग्नेश शाह की कंपनी 63 मून्स (पुराना नाम फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज) की याचिका पर सुनवाई कर रही थी.

पीठ के सामने सीबीआई के वकील हितेन वेनगावकर ने एजेंसी की तरफ से एक शपथपत्र दाखिल किया था. इसमें कंपनी की तरफ से दाखिल की गई शिकायत वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के चीफ विजिलेंस ऑफिसर को भेज दी गई है. 63 मून्स के वकील ने इस मामले को हाई प्रोफाइल साजिश बताते हुए जांच कराए जाने की गुहार लगाई.

15 फरवरी 2019 को सीबीआई के पास दर्ज की शिकायत
कोर्ट ने इस मामले में 3 महीने बाद की तारीख तय की है. कंपनी की तरफ से 15 फरवरी, 2019 को सीबीआई के पास शिकायत दर्ज कराई गई थी. शिकायत में कहा गया कि नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लि. (एनसईएल) का अरबों रुपये का पेमेंट डिफॉल्ट घोटाला सामने आने पर चिदंबरम और अन्य दोनों अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग कर कंपनी को नुकसान पहुंचाया था.
इससे एक दिन पहले हुई सुनवाई में सीबीआई ने कोर्ट से कहा था उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता (63 मून्स टेक्नोलॉजिस) को सीबीआई ने बयान दर्ज कराने और आरोपों के समर्थन में और सबूत देने के लिए समन किया था। उन्होंने कहा था कि मामला 2012-2013 का होने की वजह से हमें अपना दिमाग लगाना है, आरोपों को सत्यापित करना है और सभी प्रासंगिक दस्तावेज बरामद करने हैं.
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