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कोई जादू नहीं! अमेरिकी वैज्ञानिक ने 9 प्वाइंट में बताया, भारत ने कोरोना पर कैसे पाया काबू

मध्य प्रदेश में कोरोना बेकाबू होता दिखाई दे रहा है. (File)

मध्य प्रदेश में कोरोना बेकाबू होता दिखाई दे रहा है. (File)

Coronavirus in India: अमेरिकी वैज्ञानिक ने कहा कि भारत की सफलता ने दिखाया दिया कि महामारी को कंट्रोल करने में टाइम और ट्रैवेल की महत्वपूर्ण भूमिका होती है.

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नई दिल्ली. पूरी दुनिया इस पहेली में उलझी हुई है कि भारत ने पिछले कुछ महीनों में किस तरह से कोरोना संक्रमण और वायरस (Coronavirus) से होने वाली मृत्यु दर को काबू में कर रखा है. कुछ विशेषज्ञ इसे 'रहस्यमयी' बता रहे हैं तो अमेरिकी वैज्ञानिक याने बा येम ने इसका क्रेडिट केंद्र सरकार को दिया है, जिसने संक्रमण को रोकने के लिए सही समय पर उचित कदम उठाया. महामारी के परिमाणात्मक विश्लेषण में विशेषज्ञता रखने वाले याने बा येम ने उन कारणों की पहचान की, जिनके जरिए पूर्व में महामारी पर काबू पाने में सफलता मिली है. उन्होंने कहा कि कम शहरीकरण से यात्राएं सीमित हुईं और सामुदायिक संक्रमण की रफ्तार भी कम हुई. सीमित यात्राओं और स्थानीय पर्यटन पर लगाम ने वायरस संक्रमण के प्रभाव को कम करने में बड़ी भूमिका अदा की.

अमेरिकी वैज्ञानिक ने यह भी कहा है कि आवागमन को नियंत्रित करने के लिए भारत सरकार ने तेजी से कदम उठाए और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए तत्काल फैसले लिए गए ताकि महामारी से पैदा हुई जरूरतों को पूरा किया जा सके. उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने वायरस के प्रभाव को सीमित करने के लिए सफलतापूर्वक पर्याप्त कदम उठाए जोकि तत्कालीन परिस्थितियों में बहुत ही आवश्यक थे. बता दें कि पिछले साल सितंबर महीने में भारत में प्रतिदिन कोरोना वायरस संक्रमण के 1 लाख से ज्यादा मामले सामने आ रहे थे, लेकिन ये आंकड़ा अब 12 हजार प्रतिदिन हो गया है और इससे पता चलता है कि केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण को थामने में कामयाबी पाई है. वायरस संक्रमण के चलते मृत्यु दर में भी तेजी से गिरावट आई है.

सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर याने बा येम ने कहा कि यात्राओं पर कड़े प्रतिबंध, भीड़ के इकट्ठा होने पर रोक, स्थानीय लॉकडाउन, स्कूलों को बंद किया जाना... ये सभी कदम महामारी को रोकने में सहायक साबित हुए. इसके अलावा अन्य महत्वपूर्ण फैसलों में पब्लिक कम्युनिकेशन, लोगों की पहचान करना, मास्क और पीपीई किट का बड़े पैमाने पर उत्पादन, टेस्टिंग क्षमता को तेजी से बढ़ाने से भी संक्रमण पर काबू पाने में मदद मिली. अमेरिकी वैज्ञानिक ने कहा कि भारत की सफलता ने दिखाया दिया कि महामारी को कंट्रोल करने में टाइम और ट्रैवेल की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. उन्होंने लिखा, "भारत से संदेश निकला है कि जहां भी संक्रमण है, वहां ट्रैवल को प्रतिबंधित किया जाना चाहिए. संक्रमण के मामले क्वारंटीन किए जाए ताकि इंफेक्शन फैलने की गुंजाइश ना रहे."



endcoronavirus.org पर प्रकाशित अपने पेपर में उन्होंने भारत सरकार द्वारा उठाए गए 9 कदमों को लिस्ट किया है, जिनकी वजह से वायरस संक्रमण पर काबू पाने में सफलता मिली है.
1. सबसे पहले उन्होंने देश को तीन जोन- रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में बांटने को लिस्ट किया है और कहा है कि पिछले साल अप्रैल में स्थानीय लेवल पर लॉकडाउन लगाना, संभवतः सरकार का सबसे प्रभावी कदम था. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ इलाकों में कड़े प्रतिबंध लगाने के साथ अप्रभावित इलाकों में प्रतिबंध हटाने और ढील देने, कुछ औद्योगिक इलाकों को खोलने से अर्थव्यवस्था के स्तर पर चुनौती से पार पाने में मदद मिली.

2. याने बा येम के मुताबिक ट्रैवल पर प्रतिबंध लगाना सरकार का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण कदम था. भारत सरकार ने ई-पास के जरिए ट्रैवल को रेगुलेट किया था और राज्य की सीमाओं पर चेक-पोस्ट बनाए थे. 2021 में भी ट्रैवल पर प्रतिबंध जारी हैं और पूरी तरह छूट नहीं दी गई है.

3. याने बा येम के मुताबिक तीसरा महत्वपूर्ण कदम कोरोना वायरस संक्रमितों को आइसोलेट करना और उनके कॉन्टैक्ट की ट्रेसिंग करना रहा. हाई रिस्क वाले प्राथमिक संक्रमित के कॉन्टैक्ट्स की खोजबीन भी एक प्रभावी रणनीति साबित हुई.

4. लंबे समय के लिए सभी स्कूल और कॉलेजों को बंद करने और हाल ही में धीरे-धीरे स्कूलों को खोलना भी काफी सहायक साबित हुआ.

5. याने बा येम ने कहा कि भारतीय औद्योगिक संस्थानों ने गजब का काम किया और जुझारूपन दिखाते हुए मास्क और पीपीई किट का भरपूर मात्रा में उत्पादन किया. इससे ना केवल देश की जरूरतें पूरी हुईं बल्कि दुनिया के अन्य देशों को भी सप्लाई की गईं.

6. उन्होंने कहा कि भारत के पास शुरू में आरटी-पीसीआर टेस्ट के लिए सिर्फ एक लैब था, लेकिन थोड़े ही समय में भारत ने 2300 लैब विकसित कर लिए, इससे ना केवल टेस्ट रिजल्ट जानने में कम समय लगा, बल्कि संक्रमण के मामलों को आइसोलेट करने और क्वारंटीन करने में भी मदद मिली.

7. जागरूकता के लिए मोबाइल कॉलर ट्यून के साथ मास्क ना पहनने पर भारी जुर्माना लगाना भी कारगर सिद्ध हुआ, जिससे जनता में जागरूकता फैली और कोरोना वायरस के खतरे को कम करने में भी मदद मिली. जनता द्वारा सहयोग करने से स्पष्ट हो गया कि पब्लिक ने भी सरकार के प्रयासों में बखूबी सहयोग किया.

8. अमेरिकी वैज्ञानिक ने घनी आबादी वाले शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों की तरफ से मिले सहयोग की भी सराहना की है, जोकि एक बहुत बड़ी चुनौती थी. उन्होंने कहा कि इन इलाकों में लॉकडाउन, ट्रैवल पर प्रतिबंध, मामलों की तेजी से पहचान और अन्य स्थानों से कम्युनिकेशन बनाने से संक्रमण को रोकने में काफी मदद मिली.

9. उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण कार्यक्रम चला रहा है और उम्मीद है कि कोरोना वायरस संक्रमण को थामने में इससे बहुत मदद मिलेगी.
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