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ओडिशाः जगन्नाथ मंदिर में दर्शन के लिए बृहस्पतिवार से कोरोना निगेटिव रिपोर्ट की जरूरत नहीं


23 दिसबंर को जगन्नाथ मंदिर दोबारा खुलने के बाद अब भक्तों को दर्शन के लिए कोरोना निगेटिव रिपोर्ट की जरूरत नहीं पड़ेगी. फाइल फोटो
23 दिसबंर को जगन्नाथ मंदिर दोबारा खुलने के बाद अब भक्तों को दर्शन के लिए कोरोना निगेटिव रिपोर्ट की जरूरत नहीं पड़ेगी. फाइल फोटो

Coronavirus in Puri Odisha: कोविड-19 वैश्विक महामारी के मद्देनजर करीब नौ महीने बंद रहने के बाद आखिरकार जगन्नाथ मंदिर (Jagannath Temple) 23 दिसबंर को दोबारा खुला. लेकिन, अब भक्तों को दर्शन के लिए कोरोना निगेटिव रिपोर्ट की जरूरत नहीं पड़ेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 21, 2021, 12:33 AM IST
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पुरी. भगवान जगन्नाथ के मंदिर (Jagannath Temple) के अंदर करीब 10 महीने बाद बृहस्पतिवार से श्रद्धालु फिर से प्रवेश कर सकेंगे और उन्हें कोविड-19 की निगेटिव (जांच) रिपोर्ट दिखाने की जरूरत नहीं होगी. पुरी जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस के साथ बैठक के बाद श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजीटीए) के मुख्य प्रशासक कृष्ण कुमार ने बताया कि 12वीं सदी के इस मंदिर में प्रवेश के लिए कोविड-19 की निगेटिव रिपोर्ट पेश करने का प्रावधान खत्म करने का फैसला किया गया है.

उन्होंने कहा, ‘‘श्रद्धालु मंदिर में 21 जनवरी से सुबह सात बजे से प्रवेश कर सकते हैं. इस तरह, कोविड-19 रिपोर्ट पेश करने की अनिवार्यता हट गई है.’’ पुरी के जिलाधिकारी समर्थ वर्मा ने कहा कि बृहस्पतिवार से प्रति दिन कम से कम 30,000 श्रद्धालुओं के सुगमता से (भगवान जगन्नाथ के) दर्शन के लिए व्यवस्था की गई है. यह मंदिर देश के चार धामों में शामिल है, जिनमें पूर्व में जगन्नाथ पुरी, पश्चिम में द्वारका, उत्तर में बद्रीनाथ और दक्षिण में रामेश्वरम शामिल हैं.

बता दें कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के मद्देनजर करीब नौ महीने बंद रहने के बाद आखिरकार श्री जगन्नाथ मंदिर 23 दिसबंर को दोबारा खुल गया, लेकिन लोगों को तीन जनवरी से भगवान के दर्शन करने का मौका मिला.

वैश्विक महामारी के कारण मंदिर मध्य मार्च से बंद था. 12वीं शताब्दी के भगवान विष्णु के मंदिर के द्वार इतिहास में पहली बार भक्तों के लिए बंद किए गए थे.
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