पाकिस्तान से शांति से बातचीत करना अब बेमानी है: पासवान

पाकिस्तान से शांति से बातचीत करना अब बेमानी है: पासवान
Photo : PTI

रामविलास पासवान ने कश्मीर में आतंकी हिंसा, पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा भारतीय सैनिकों के शव क्षत विक्षत करने जैसी घटनाओं के मद्देनजर दोनों देशों के बीच शांतिवार्ता को बेमानी बताया है.

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केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कश्मीर में आतंकी हिंसा, पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा भारतीय सैनिकों के शव क्षत विक्षत करने जैसी घटनाओं के मद्देनजर दोनों देशों के बीच शांतिवार्ता को बेमानी बताया है. पासवान ने लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) की हाल ही में हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कश्मीर के हालात पर जारी प्रस्ताव के हवाले से कहा कि राज्य में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी हिंसा को सख्ती से दबाना चाहिए.

लोजपा अध्यक्ष पासवान ने कहा कि सैनिकों के शव क्षत विक्षत करना यह साबित करता है कि अब पानी सिर से ऊपर निकल गया है. हालांकि उन्होंने आतंकी हिंसा और घुसपैठ को रोकने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक जैसे मोदी सरकार के कदमों को पुख्ता प्रयास बताते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब इस समस्या का स्थायी समाधान हो. अब तक बातचीत के रास्ते स्थाई समाधान के प्रयास पाकिस्तान ने बेमानी साबित कर दिए हैं.

उन्होंने कहा कि अलगाववादियों से बातचीत का कोई मतलब नहीं रह जाता है जब अलगाववादियों को लगातार बढ़ावा दे रहे पाकिस्तान के सैनिक घुसपैठ कर भारतीय सैनिकों के शव क्षत विक्षत करते हैं.



पासवान ने कहा कि हर वर्ग के गरीब अभी भी सामाजिक न्याय से वंचित हैं. इसके हवाले से पार्टी के प्रस्ताव में मोदी सरकार से देशभर में ऐसे हर गांव को प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम घोषित करने की मांग की है जिसकी कुल आबादी में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी विधवाओं का हो.
उन्होंने आरक्षण खत्म करने के शिगूफे को विपक्ष की साजिश करार देते हुए सभी विपक्षी दलों को आगाह किया कि कम से कम साल 2024 तक विपक्ष को प्रधानमंत्री पद की ओर देखने की कोई जरूरत नहीं है. इसके लिये महागठबंधन जैसी कवायद कर विपक्ष अपना समय नष्ट न करे क्योंकि बिहार में इस प्रयोग का हश्र अब दिखने लगा है.
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