CAA नियमों को बनने में अभी लगेगा 6 महीने से ज्यादा वक्त, NRC पर अभी फैसला नहीं: केंद्र

2019 के दिसंबर महीने में नागरिकता संशोधन बिल को पास किया गया था. तब से इस कानून को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. (फाइल फोटो)

2019 के दिसंबर महीने में नागरिकता संशोधन बिल को पास किया गया था. तब से इस कानून को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. (फाइल फोटो)

यह तीसरी बार है जब गृह मंत्रालय (Home Ministry) ने सीएए नियमों (CAA Rules) को फ्रेम करने के लिए वक्त की मांग की है. अधिकारियों के अनुसार पहला विस्तार जुलाई में और दूसरा अक्टूबर में मांगा गया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 3, 2021, 6:19 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने मंगलवार को संसद को सूचित किया कि नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA), 2019 के कार्यान्वयन में 6 महीने या उससे अधिक वक्त लगेगा. इसके अलावा नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (NRC) के पूरे देश में रोल-आउट पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है. गृह मंत्रालय, जो सीएए के कार्यान्वयन के लिए नियमों को तैयार कर रहा है, ने लोकसभा अधीनस्थ कानून समिति से अप्रैल और राज्यसभा समिति से जुलाई तक का समय मांगा है.

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने समय विस्तार की बात कही

लोकसभा में केरल के कांग्रेस सांसद वीके श्रीकंदन के एक सवाल के जवाब में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने समय विस्तार का खुलासा किया. राय ने कहा, 'अधीनस्थ कानून, लोकसभा और राज्यसभा की समिति ने सीएए नियमों को लागू करने के लिए क्रमशः 9.4.2021 और 9.07.2021 तक का समय दिया है.'

एनपीआर का पहला चरण भी स्थगित कर दिया गया है
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना वायरस महामारी के कारण राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) की जनगणना और अपडेशन का पहला चरण भी स्थगित कर दिया गया है.

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तीसरी बार गृह मंत्रालय ने सीएए नियमों को फ्रेम करने के लिए समय मांगा है



यह तीसरी बार है जब गृह मंत्रालय ने सीएए के लिए नियमों को बढ़ाने के लिए समय बढ़ाया है. अधिकारियों के अनुसार पहला विस्तार जुलाई में और दूसरा अक्टूबर में मांगा गया था. संसदीय प्रक्रियाओं के अनुसार, संबंधित मंत्रालय को अपने प्रभावी कार्यान्वयन के लिए बिल बनने के छह महीने के भीतर नियमों को लागू करना होगा.

गौरतलब है कि दिसंबर 2019 में नागरिकता संशोधन कानून पास किया गया था. इसके बाद से देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे. दिल्ली के शाहीन बाग में इसे लेकर लंबा विरोध प्रदर्शन किया गया था.

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