आवासीय क्षेत्रों में किसी को भी पार्किंग शुल्‍क वसूलने की अनुमति नहीं: कोर्ट

न्यायालय ने इस संबंध में ईपीसीए के सुझाव पर दिल्ली सरकार की आपत्ति पर संज्ञान लेते हुए यह टिप्पणी की.

News18Hindi
Updated: July 29, 2019, 11:53 PM IST
आवासीय क्षेत्रों में किसी को भी पार्किंग शुल्‍क वसूलने की अनुमति नहीं: कोर्ट
न्यायालय ने इस संबंध में ईपीसीए के सुझाव पर दिल्ली सरकार की आपत्ति पर संज्ञान लेते हुए यह टिप्पणी की.
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Updated: July 29, 2019, 11:53 PM IST
उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि वह इस समय किसी को भी अपने आवासीय क्षेत्रों में वाहनों की पार्किंग के लिए लोगों से शुल्क वसूलने की अनुमति नहीं दे रहे हैं. न्यायालय ने इस संबंध में ईपीसीए के सुझाव पर दिल्ली सरकार की आपत्ति पर संज्ञान लेते हुए यह टिप्पणी की.

दिल्ली सरकार की ओर से पेश वकील ने पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) के उस सुझाव को लेकर आपत्ति व्यक्त की है जिसमें कहा गया था कि रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों के साथ चर्चा कर मासिक शुल्क के आधार पर निवासियों को 'पार्किंग परमिट' जारी किए जा सकते हैं.

इसके बाद न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने दिल्ली सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील से कहा, 'हम अभी किसी को भी किसी से कुछ भी शुल्क लेने की अनुमति नहीं दे रहे हैं.'

ईपीसीए ने अपनी रिपोर्ट में लाजपत नगर में पार्किंग क्षेत्र प्रबंधन पर दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) के कार्यों का जिक्र किया है. शीर्ष अदालत द्वारा नियुक्त पैनल ईपीसीए ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि एसडीएमसी ने लाजपत नगर में प्रायोगिक परियोजना शुरू की है जिसमें सेंट्रल मार्केट के वाणिज्यिक और उस इलाके की आसपास की रिहायशी कॉलोनियों भी शामिल हैं.

वरिष्ठ अधिवक्ता अपराजिता सिंह ने पीठ को बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में तीनों नगर निगमों ने इस पायलट परियोजना को लागू करने पर सहमति जताई है. हालांकि, दिल्ली सरकार के वकील ने कहा, 'आवासीय क्षेत्रों में, वे (ईपीसीए) कह रहे हैं कि निवासियों पर पार्किंग शुल्क लगाया जा सकता है. हमारी आपत्ति उसी पर है.'
First published: July 29, 2019, 11:53 PM IST
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