कश्मीर में अब जैश-ए-मोहम्मद काे नहीं मिल पा रहा कोई कमांडर- सेना

कश्मीर में अब जैश-ए-मोहम्मद काे नहीं मिल पा रहा कोई कमांडर- सेना
सेना जम्मू-कश्मीर में इस साल अब तक 41 आतंकियों को ढेर कर चुकी है.

लेफ्टिनेंट जनरल कंवलजीत सिंह ढिल्लन ने बताया कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद सेना ने खासतौर पर जैश के शीर्ष नेतृत्व को निशाने पर लिया. इससे स्थानीय युवाओं में आतंकी संगठन में शामिल होने को लेकर घबराहट है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 25, 2019, 9:34 AM IST
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कश्मीर घाटी में कोई भी युवक आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का सरगना बनने को तैयार नहीं है. श्रीनगर में चिनार कॉर्प्स के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल कंवलजीत सिंह ढिल्लन ने कहा कि पुलवामा हमले के बाद जैश के खिलाफ शुरू किए गए आक्रामक ऑपरेशन के कारण स्थानीय युवाओं में घबराहट का माहौल है. इसलिए कोई भी आगे बढ़कर इस आतंकी संगठन का नेतृत्व करने को तैयार नहीं हो रहा है.

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ढिल्लन ने भरोसा दिलाया कि घाटी और नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर आतंकियों के खिलाफ सेना का आक्रामक अभियान जारी रहेगा. अब आतंकियों को पहले की तरह सिर उठाने का मौका नहीं दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि सेना ने इस साल अब तक 41 आतंकियों को मार गिराया है, जबकि 12 को गिरफ्तार किया गया है. पुलवामा में 14 फरवरी के आत्मघाती हमले के बाद ढेर किए गए आतंकियों में 25 जैश के थे.



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कमांडर ने कहा कि 22 साल के स्थानीय आतंकी आदिल अहमद डार ने विस्फोटक से लदी कार सीआरपीएफ के काफिले में भिड़ा दी थी. धमाके में 40 जवानों की मौत हुई. इसके बाद सुरक्षाबलों ने खास तौर से जैश को टारगेट करना शुरू कर दिया. सेना ने जैश के शीर्ष कमांडरों पर निशाना साधा. अब हालात ऐसे हैं कि कोई भी स्थानीय युवक जैश का जिम्मा लेने को तैयार नहीं है. हम आगे भी जैश पर दबाव बनाए रहेंगे.

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ढिल्लन ने कहा कि घाटी में स्थानीय युवाओं के जैश में भर्ती होने की संख्या में जबरदस्त गिरावट आई है. पिछले कुछ दिन में कई लोगों ने हमसे संपर्क किया है. इनमें कई ने आत्मसमर्पण भी कर दिया. इस दौरान ढिल्लन ने आतंकी संगठनों में शामिल हो चुके स्थानीय युवकों से आत्मसमर्पण करने की अपील भी की. उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पुलिस प्रमुख दिलबाग सिंह और सीआरपीएफ के आईजी (ऑपरेशंस) जुल्फिकार हसन की मौजूदगी में भरोसा दिलाया कि सेना समर्पण करने वालों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी.

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