राज्‍यसभा: अमित शाह बोले- विपक्ष भ्रम न फैलाए, NPR में डॉक्‍यूमेंट की जरूरत नहीं, इसमें D कैटेगरी नहीं

राज्‍यसभा: अमित शाह बोले- विपक्ष भ्रम न फैलाए, NPR में डॉक्‍यूमेंट की जरूरत नहीं, इसमें D कैटेगरी नहीं
एनपीआर पर सभी सवालों के जवाब देने के लिए तैयार हूं: अमित शाह

गृहमंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने कहा, 'अगर एनपीआर (NPR) की बात करें तो उसमें सूचना देने का प्रावधान वैकल्पिक है. एनपीआर (NPR) में कोई भी कागजात नहीं मांगा जाएगा. इस देश में किसी को भी NPR की प्रक्रिया से डरने की जरूरत नहीं है.'

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 13, 2020, 7:27 AM IST
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नई दिल्‍ली. राज्‍यसभा (Rajya Sabha) में दिल्‍ली हिंसा (Delhi Violence) पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता कपिल सिब्‍बल, आनंद शर्मा, बीजेपी नेता विजय गोयल, आम आदमी पार्टी नेता संजय सिंह और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर समेत कई नेताओं ने भाषण दिया. विपक्ष के नेताओं ने सरकार से कई सवाल भी पूछे. वहीं विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए गृहमंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने सीएए, एनपीआर और दिल्‍ली हिंसा पर विस्‍तार पर भाषण दिया.

एनपीआर पर सभी सवालों के जवाब देने के लिए तैयार हूं: अमित शाह
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि कपिल सिब्बल बड़े अधिवक्ता हैं. मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि मुझे बताएं सीएए में ऐसा कौन सा प्रावधान है जिससे मुस्लिमों की नागरिकता छिन सकती है. इसपर कपिल सिब्‍बल ने बीच में उठकर कहा कि उन्‍होंने मुस्लिमों की नागरिकता छिनने की बात नहीं कही. जब अमित शाह और कपिल सिब्‍बल के बीच में सदन में बात हो रही थी तो अन्‍य सांसद हूटिंग भी कर रहे थे.

अमित शाह ने कहा, 'अगर एनपीआर की बात करें तो उसमें सूचना देने का प्रावधान वैकल्पिक है. एनपीआर में कोई भी कागजात नहीं मांगा जाएगा. इस देश में किसी को भी NPR की प्रक्रिया से डरने की जरूरत नहीं है.' गृह मंत्री ने कहा, 'मैं गुलाम नबी आजाद, डेरेक ओ ब्रायन और आनंद शर्मा से कह चुका हूं कि आप आइए हमारे साथ बैठिए और एनपीआर पर चर्चा कीजिए, मैं सभी सवालों के जवाब देने के लिए तैयार हूं.
हिंसा के मददगार सैकड़ों अकाउंट को बंद किया गया: शाह


शाह ने कहा कि हमनें सभी संप्रदाय के धर्मगुरूओं की बैठक बुलाकर अमन-चैन कायम करने की कोशिश की. उन्‍होंने कहा कि एजेंसियों के माध्‍यम से हमारे पास सूचना आई कि हिंसा के लिए पैसे विदेश से आए थे, पैसे देश से आए थे और पैसे बांटे भी गए. इसके लिए हमनें उस वक्‍त ही जांच शुरू कर दी थी, लेकिन दुर्भाग्‍य की बात है कि प्राथमिक जांच चल रही थी और दंगा हो गया. पैसे ट्रांसफर करने वाले, हवाला का काम करने वाले ऐसे 5 लोगों को हमनें गिरफ्तार किया है.

शाह ने कहा कि दंगों के पहले और बाद में यूज होने वाले सैकड़ों अकाउंट को बंद किया गया है. कुछ अकाउंट ऐसे थे जो दंगों के दो दिन पहले शुरू हुए और दो दिन बाद बंद हो गए, उनकी जांच की जा रही है. उनके माध्‍यम से केवल दंगा फैलाने, घृणा फैलाने का काम किय गया. उन्हें बताना चाहता हूं कि अगर वो सोचते हैं कि हम बच गए, तो वो गलत हैं, हम उन्हें पाताल से भी खोजकर निकालेंगे और सजा दिलाएंगे.

दो IS संदिग्‍ध भी गिरफ्तार हुए हैं: अमित शाह
शाह ने कहा कि दो लोग आईएसआईएस के संदिग्‍ध भी मिले हैं. उनके पास आईएस से मैटेरियल आता था और वे नफरत को आगे फैलाने का काम करते थे उनको भी हमनें पकड़ लिया है. उन्‍होंने कहा कि पुलिस विभाग के दोनों कर्मचारी अंकित शर्मा और रतनलाल को मारने वालों को दिल्‍ली पुलिस ने पूर्णतया रूप से गिरफ्तार कर लिया. इसकी साजिश की जांच चल रही है. जिन्‍होंने चाकू चलाया उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी उपलब्‍ध है. रतनलाल पर पत्‍थर चलाने वाले की भी गिरफ्तारी हो चुकी है.

सीएए से किसी की नागरिकता छिनेगी नहीं: शाह
शाह ने कहा कि बहुत दु:ख के साथ मैं कहना चाहता हूं कि पूरे देश में CAA को लेकर मुसलमान भाइयों-बहनों के मन में एक भय बैठाया गया कि आपकी नागरिकता CAA से छीन ली जाएगी. ये गलत अफवाहें फैलाई जा रही हैं, CAA नागरिकता लेने का कानून है ही नहीं, ये नागरिकता देने का कानून है.

लोगों की जान गई, घर जल गए, हम निजता की बात करते हैं: शाह
शाह ने कहा कि सदन में कहा गया था फेस आईडी के लिए हम जिस साफ्टवेयर का यूज कर रहे हैं उससे निजता भंग हो रही है. मैं यहां पर स्‍पष्‍ट कर दूं कि इसके लिए हम आधार डेटा का उपयोग नहीं कर रहे हैं. हमने ड्राइविंग लाइसेंस और वोटर आईडी कार्ड का फेस आईडी के लिए उपयोग किया. लेकिन मैं काफी विनम्रता के साथ सदन से कहना चाहता हूं कि किसी की जान चली गई, किसी का घर जल गया तो क्‍या हम निजता की बात करते हैं.

1100 की पहचान हुई, 336 लोग UP ये आए थे: अमित शाह
अमित शाह ने कहा कि पुलिस को यह अधिकार होना चाहिए कि जिसने भी ऐसा काम किया है उसे वैज्ञानिकता के साथ कोर्ट के सामने खड़ा करे और कठोर से कठोर सजा देने का काम किया जाए. इसमें हमने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का दुरुपयोग नहीं किया. उन्‍होंने कहा कि हिंसा में 1100 से ज्‍यादा लोगों की पहचान हुई. जिनमें 336 लोग उत्‍तर प्रदेश से आए थे. ये सवाल उठता है कि यूपी के लोगों का नाम क्‍यों लिया जा रहा है. ऐसा इसलिए क्‍योंकि दिल्‍ली में जहां हिंसा हुई उसकी सीमा यूपी से लगती है. हिंसा के दौरान यूपी से लोग आए, इसका हमारे पास प्रमाण भी है.

हम किसी को बख्‍शेंगे नहीं: अमित शाह
देश के गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि दिल्‍ली हिंसा पर आज सदन में चर्चा हो रही है. सबसे पहले इस हिंसा में जिन लोगों की जान गई और जिन लोगों की मलकियत को नुकसान पहुंचा है उन लोगों के प्रति दिन की गहराई से संवेदना, दुख प्रकट करता हूं. मैं देश को भी विश्‍वास दिलाना चाहता हूं कि हिंसा में शामिल लोग चाहे किसी भी जाति, मजहब और पार्टी के होंगे उनको बख्‍शा नहीं जाएगा. उन्‍हें छोड़ा नहीं जाएगा.

अमित शाह ने विपक्ष का जवाब देते हुए कहा कि दंगों के उपरांत अब तक 700 FIR दर्ज की गई है और जिसने भी FIR दर्ज करवाई है, उसे रजिस्टर करने से पुलिस ने कहीं भी ना नहीं की है. 2647 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. सभी को सबूत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है. हिंसा के अगले दिन ही हमनें एक एैड दिया था कि जिसके पास भी दंगे से जुड़े सबूत या कोई वीडियो हो वे इस इमेल एट्रेस या फिर व्‍हाट्सऐप पर भेजे. इसके बाद हमारे पास समाज के सभी वर्गों के माध्‍यम से भारी संख्‍या में वीडियो आए और 25 कंप्‍यूटर की मदद से इसको जांचा जा रहा है.

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