फारुक अब्दुल्ला को जितेंद्र सिंह का जवाब- कोई भी दल अनुच्‍छेद-370 की बहाली वहन नहीं कर सकता

कोई भी दल धारा 370 की बहाली वहन नहीं कर सकता: जितेंद्र सिंह (फाइल फोटो)
कोई भी दल धारा 370 की बहाली वहन नहीं कर सकता: जितेंद्र सिंह (फाइल फोटो)

Jammu Kashmir: कश्मीर केंद्रित पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस (PDP and National Conference) जैसे 'तथाकथित' मुख्यधारा के राजनीतिक दलों के कुछ नेताओं द्वारा दिए गए बयानों पर निशाना साधते हुए सिंह ने कहा, 'देश में कोई भी राजनीतिक दल जम्मू-कश्मीर में धारा 370 (Article-370) की बहाली वहन नहीं कर सकता.

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  • Last Updated: November 6, 2020, 11:30 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह (Union Minister Jitendra Singh) ने शुक्रवार को कहा कि देश में कोई भी राजनीतिक दल जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में धारा 370 (Article-370) की बहाली वहन नहीं कर सकता. उन्होंने आरोप लगाया कि स्वायत्ता अथवा स्वशासन का मामला कुछ निश्चित विपक्षी नेताओं द्वारा केवल उस समय उठाया जाता है जब वे सत्ता से बाहर होते हैं. कश्मीर केंद्रित पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस जैसे 'तथाकथित' मुख्यधारा के राजनीतिक दलों के कुछ नेताओं द्वारा दिए गए बयानों पर निशाना साधते हुए सिंह ने कहा, 'देश में कोई भी राजनीतिक दल जम्मू-कश्मीर में धारा 370 की बहाली वहन नहीं कर सकता. इन नेताओं की ओर से दिए गए निराधार बयान, केवल अपनी जमीन बचाने का एक उत्साही कदम है जोकि बड़ी तेजी से इनके पैरों के नीचे से खिसक रही है.'

उन्होंने कांग्रेस को इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की चुनौती भी दी और कहा कि अगर कांग्रेस में हिम्मत एवं दृढ संकल्प है तो उसे जम्मू-कश्मीर के जिला विकास परिषद (डीडीसी) के चुनाव में इस नारे के साथ उतरना चाहिए कि यदि केंद्र में उसकी सरकार बनी तो धारा 370 की बहाली करेगी. कार्मिक राज्य मंत्री सिंह ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व को जम्मू-कश्मीर के लोगों को इस बारे में अपनी सफाई देनी चाहिए कि फारूक अब्दुल्ला ने उस समय मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना क्यों उचित नहीं समझा, जब तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य की सरकार के स्वायत्ता संबंधी प्रस्ताव को केंद्र की तत्कालीन वाजपेयी सरकार ने खारिज कर दिया था. उन्होंने कहा, 'केवला इतना ही नहीं, उनके बेटे भी वाजपेयी सरकार में मंत्री बने रहे.'

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अपने लोगों के अधिकार बहाल होने तक नहीं मरूंगा : फारूक अब्दुल्ला
जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के एक साल से भी ज्यादा समय बाद जम्मू में अपनी पहली राजनीतिक रैली में भावुक होकर पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने शुक्रवार को कहा कि पूर्ववर्ती राज्य के लोगों का संवैधानिक अधिकार बहाल होने तक वह नहीं मरेंगे. नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष ने भाजपा को उनके सवालों का जवाब देने की चुनौती दी और भगवा दल पर 'देश को गुमराह करने' और जम्मू कश्मीर के साथ साथ लद्दाख के लोगों से 'झूठे वादे' करने के आरोप लगाए.

गुपकर गठबंधन घोषणापत्र (पीएजीडी) की शनिवार को होने वाली बैठक के पहले शेर-ए-कश्मीर भवन में नेशनल कॉन्फ्रेंस के कार्यकर्ताओं से अब्दुल्ला ने कहा, 'अपने लोगों के अधिकार वापस लेने तक मैं नहीं मरूंगा ...मैं यहां लोगों का काम करने के लिए हूं, और जिस दिन मेरा काम खत्म हो जाएगा, मैं इस जहां से चला जाऊंगा.' अब्दुल्ला ने कहा, 'हम अपने अधिकारों और पहचान के लिए लड़ेंगे और पीछे नहीं हटेंगे.' साथ ही उन्होंने पूछा, ' हमारी गलती क्या थी.' जम्मू-कश्मीर की भाजपा इकाई पर निशाना साधते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि उनका पुतला फूंकने वालों को याद रखना चाहिए कि, 'वह फारूक अब्दुल्ला ही थे जिन्होंने जिनेवा में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ भारत को प्रस्तुत किया था और विरोधियों को चुप करा दिया था.'
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