दुनिया का कोई प्रोपेगेंडा भारत की एकता को डिगा नहीं सकता: अमित शाह

गृह मंत्री अमित शाह ने किसान आंदोलन पर अंतरराष्ट्रीय हस्तियों के ट्वीट्स पर प्रतिक्रिया दी है. (File Pic)

गृह मंत्री अमित शाह ने किसान आंदोलन पर अंतरराष्ट्रीय हस्तियों के ट्वीट्स पर प्रतिक्रिया दी है. (File Pic)

अमित शाह (Amit Shah) ने कहा है कि कोई भी प्रोपेगेंडा भारत की एकता को डिगा नहीं सकता. कोई प्रोपेगेंडा भारत को नई ऊंचाइयां छूने से रोक नहीं सकता. प्रोपेगेंडा भारत की प्रगति का भविष्य नहीं तय कर सकता. भारत प्रगति हासिल करने के लिए पूरी तरह एक है.

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  • Last Updated: February 3, 2021, 11:15 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने किसान आंदोलन पर अंतरराष्ट्रीय हस्तियों (Indian Celebrities) के ट्वीट्स पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि कोई भी प्रोपेगेंडा भारत की एकता को डिगा नहीं सकता. कोई प्रोपेगेंडा भारत को नई ऊंचाइयां छूने से रोक नहीं सकता. प्रोपेगेंडा भारत की प्रगति का भविष्य नहीं तय कर सकता. भारत प्रगति हासिल करने के लिए पूरी तरह एक है.

गौरतलब है कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन के समर्थन में रिहाना और ग्रेटा थनबर्ग जैसी अंतरराष्ट्रीय हस्तियों के ट्वीट्स का कई केंद्रीय मंत्रियों ने जवाब दिया है. मंत्रियों ने इसे इंटरनेशनल प्रोपेगेंडा करार दिया है. मंत्रियों ने #IndiaTogether #IndiaAgainstPropaganda के हैशटैग के साथ ट्वीट किए. दरअसल एक के बाद एक ये ट्वीट विदेश मंत्रालय के उस बयान के

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निर्मला सीतारमण और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा
विदेश मंत्रालय के बयान का लिंक साझाकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लिखा. 'इस तरह के मुद्दे पर कमेंट करने की जल्दबाजी करने से पहले हमारा निवेदन है कि तथ्य की सही पड़ताल और मुद्दे की बेहतर समझ होनी चाहिए.' बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने लिखा, 'प्रोपेगेंडा और फेक नैरेटिव के जरिए भारत की छवि धूमिल करने के हर प्रयास के खिलाफ हम साथ खड़े हैं.'

सड़क परिवहन राज्य मंत्री वीके सिंह ने कहा, 'समय बदल रहा है. डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के प्रभावशाली लोगों के पास अपने फॉलोअर्स से बात करने की बड़ी शक्ति है. उन्हें अपनी शक्ति और जिम्मेदारी का एहसास होना चाहिए.' केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, 'करीब 1000 साल तक भारत हारा, कब्जा हुआ, लूट हुई और विदेशी आक्रांताओं का शासन रहा. ऐसा इसलिए नहीं हुआ क्योंकि हम कमजोर थे. दरअसल हमारे बीच हमेशा जयचंद थे. हमें पूछना होगा कि इस इंटरनेशनल प्रोपेगेंडा के पीछे कौन है.'

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