येदियुरप्पा के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने का सवाल ही नहीं: कर्नाटक मंत्री ईश्वरप्पा

ईश्वरप्पा ने सीएम येदियुरप्पा पर आरोप लगाए थे. (फाइल फोटो)

ईश्वरप्पा ने सीएम येदियुरप्पा पर आरोप लगाए थे. (फाइल फोटो)

केएस ईश्वरप्पा (K.S. Eshwarappa) ने कहा है कि कांग्रेस नेता सिद्धरमैया मुख्यमंत्री बनने का दिवास्वप्न देख रहे हैं और येदियुरप्पा से इस्तीफे की मांग कर रहे है. ईश्वरप्पा ने हाल में राज्यपाल से येदियुरप्पा की शिकायत करते हुए कहा था कि वह सीधे तौर पर उनके विभाग के मामलों में दखल दे रहे हैं.

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शिवमोगा. कर्नाटक में वरिष्ठ मंत्री के.एस. ईश्वरप्पा (K.S. Eshwarappa) ने राज्यपाल को लिखे अपने पत्र को प्रशासनिक मामलों से जुड़ा हुआ बताते हुए शनिवार को कहा कि बी.एस. येदियुरप्पा का मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने का सवाल ही नहीं है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता सिद्धरमैया मुख्यमंत्री बनने का दिवास्वप्न देख रहे हैं और येदियुरप्पा से इस्तीफे की मांग कर रहे है.

ईश्वरप्पा ने हाल में राज्यपाल से येदियुरप्पा की शिकायत करते हुए कहा था कि वह सीधे तौर पर उनके विभाग के मामलों में दखल दे रहे हैं. इसके बाद विधानसभा में विपक्ष के नेता सिद्धरमैया ने मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की. उन्होंने राज्यपाल से मामले में हस्तक्षेप करने और राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने को लेकर सिफारिश करने का आग्रह किया था.

'सिद्धरमैया को मुख्यमंत्री बनने की जल्दी है'

ईश्वरप्पा ने कहा, ‘सिद्धरमैया को मुख्यमंत्री बनने की जल्दी है जबकि लोगों ने उन्हें खारिज कर दिया. चामुंडेश्वरी (विधानसभा क्षेत्र में 2018 में) में हार का सामना करना पड़ा और वह मुख्यमंत्री पद भी गंवा बैठे. वह दिवास्वप्न देख रहे हैं कि अगर येदियुरप्पा ने इस्तीफा दिया तो वह मुख्यमंत्री बन जाएंगे.’ उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि येदियुरप्पा के इस्तीफे का सवाल ही नहीं है और सिद्धारमैया भ्रम जाल में न रहें.
‘गंभीर चूक और मुख्यमंत्री द्वारा निरंकुश तरीके से प्रशासन चलाए जाने’ के आरोप

गौरतलब है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता ईश्वरप्पा राज्यपाल वजुभाई वाला से मिले और उन्हें पांच पन्ने का पत्र सौंपा था. इस पत्र में उन्होंने ‘गंभीर चूक और मुख्यमंत्री द्वारा निरंकुश तरीके से प्रशासन चलाए जाने’ के आरोप लगाये हैं. राज्यपाल के साथ बैठक और पत्र सौंपने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि कुछ प्रशासकीय मतभेद हैं और उन्हें दूर करने की कोशिश हो रही है. इसके अलावा कुछ भी नहीं है.
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