पूर्व नक्सली ने कहा, 'अर्बन नक्सलियों की हैसियत नहीं कि PM की हत्या की साजिश रचें'

प्रधानमंत्री की हत्या की साजिश रचने के आरोपी 'अर्बन नक्सलियों' को लेकर सवा करोड़ के ईनामी नक्सली सुधाकरण ने बड़ा खुलासा किया है. सुधाकरण का कहना है कि प्रतिबंधित पार्टी सीपीआई माओवादी इस समय किसी छोटे-मोटे नेता को मारने की स्थिति में भी नहीं है.

Sanjay Tiwari | News18Hindi
Updated: February 14, 2019, 11:57 AM IST
पूर्व नक्सली ने कहा, 'अर्बन नक्सलियों की हैसियत नहीं कि PM की हत्या की साजिश रचें'
नक्सली सुधाकरण की फाइल फोटो.
Sanjay Tiwari | News18Hindi
Updated: February 14, 2019, 11:57 AM IST
भीमा कोरेगांव हिंसा मामले के नामजद आरोपियों को भले बुधवार को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली, लेकिन हैदराबाद में सरेंडर करने वाले सवा करोड़ के इनामी नक्सली सुधाकरण ने दावा किया कि कथित शहरी नक्सलियों पर प्रधानमंत्री की हत्या की साजिश रचने का आरोप गलत है. सुधाकरण ने दावा किया उसे भीमा कोरेगांव साजिश की जानकारी नहीं है. उसने कहा कि वामपंथी विचारधारा वाली प्रतिबंधित पार्टी सीपीआई माओवादी और उससे जुड़े लोगों की इतनी हैसियत नहीं कि प्रधानमंत्री की हत्या की साजिश रच सकें. इस समय पार्टी एक छोटे नेता को मारने की हालत में भी नहीं है.

सुधाकरण के मुताबिक शहरों में रहने वाले वामपंथी विचारधारा के कुछ लोग प्रतिबंधित सीपीआई माओवादी का समर्थन जरूर करते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है कि वो पार्टी में आकर कुछ मदद कर रहे हैं. सुधाकरण ने कहा कि 'प्रधानमंत्री को मारने की साजिश करनी होती तो पार्टी ही करती है, इसमें बाहर वाले लोगों को कोई रोल नहीं होता. उसने कहा कि पार्टी की हालत सभी जगह कमजोर है. केवल छत्तीसगढ़ के दंडकारण्य में पार्टी की हालत बाकी जगहों के मुकाबले कुछ मजबूत है.

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सुधाकरण ने भीमा कोरेगांव साजिश की जानकारी होने से भी इनकार किया. हैदराबाद में रहने वाले वामपंथ समर्थक प्रोफेसर वरवर राव से संपर्क के बारे में सुधाकरण ने कहा कि वह, वरवर राव को 1989-90 से जानता है और 2010 में रामनगर षड़यंत्र केस में वरवर राव भी उसके साथ आरोपी थे. लेकिन उसके बाद से वरवर राव के संपर्क में नहीं रहा है. सुधाकरण का दावा है कि भीमा कोरेगांव साजिश के बारे में उसे अखबारों के जरिए ही जानकारी मिली.

वैसे, सुधाकरण के साथ उसकी पत्नी नीलिमा उर्फ अरुणा ने भी आत्मसमर्पण किया है. नीलिमा ने खुलासा किया कि महिला नक्सलियों के साथ अत्याचार होते हैं. महिलाओं पर शादी के लिए दवाब बनाया जाता है और अगर वो नहीं तैयार हो तो उसके साथ जबरदस्ती की जाती है. नीलिमा ने बताया कि पार्टी में तमाम खामियां पैदा हो गई हैं. लोगों का जोर पैसा कमाने पर है. तेलंगाना के निर्मल जिले का रहने वाला सुधाकरण साल 2001 से छत्तीसगढ़ और झारखंड में ऑपरेट कर रहा था. सेंट्रल कमेटी के सदस्य सुधाकरण के सिर पर झारखंड में 1 करोड़ और तेलंगाना में 25 लाख रुपए का इनाम था. तेलंगाना में नीलिमा के सिर पर 10 लाख का इनाम था. पिछले कुछ महीनों से सुधाकरण और उसकी पत्नी नीलिमा तेलंगाना पुलिस के संपर्क में थे और आत्मसमर्पण करना चाहते थे. सरेंडर के बाद तेलंगाना पुलिस ने दोनों के ऊपर घोषित इनाम की रकम उन्हें देने का वादा किया है. सुधाकरण ने बताया कि उसने सरेंडर के लिए कोई शर्त नहीं रखी थी और वो अब तेलंगाना में रहकर शांति की जिंदगी जीना चाहता है.​

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