जम्मू-कश्मीर में लोगों की आवाजाही पर कोई पाबंदी नहीं: सरकार

गृह राज्यमंत्री ने कहा, ‘‘इस समय लोगों की आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं है लेकिन कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिहाज से सुरक्षा परामर्श जारी किये जाते हैं (सांकेतिक फोटो)
गृह राज्यमंत्री ने कहा, ‘‘इस समय लोगों की आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं है लेकिन कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिहाज से सुरक्षा परामर्श जारी किये जाते हैं (सांकेतिक फोटो)

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री (Union Minister of State for Home Affairs) ने कहा, ‘‘इस समय लोगों की आवाजाही पर कोई प्रतिबंध (restriction) नहीं है लेकिन कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिहाज से सुरक्षा परामर्श जारी किये जाते हैं. सार्वजनिक स्वास्थ्य दिशानिर्देशों (Public health guidelines) के अतिरिक्त अन्य किसी कारण से कोई घर में नजरबंद नहीं है.’’

  • भाषा
  • Last Updated: September 20, 2020, 9:38 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्र सरकार (Central Government) ने रविवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में पीडीपी (PDP) के सदस्यों समेत किसी भी व्यक्ति की आवाजाही (movement) पर कोई पाबंदी (Restriction) नहीं है. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी (Union Minister of State for Home Affairs Kishan Reddy) ने लोकसभा (Lok Sabha) में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि जम्मू कश्मीर में मौजूदा सुरक्षा हालात के मद्देनजर कानून प्रवर्तन एजेंसियों (Law enforcement agencies) से प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ लोगों की आवाजाही को पिछले साल अनुच्छेद 370 (Article 370) समाप्त किये जाने के बाद उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबंधित किया गया था.

उन्होंने कहा, ‘‘इस समय लोगों की आवाजाही पर कोई प्रतिबंध (restriction) नहीं है लेकिन कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिहाज से सुरक्षा परामर्श (Safety advice) जारी किये जाते हैं. सार्वजनिक स्वास्थ्य दिशानिर्देशों (Public health guidelines) के अतिरिक्त अन्य किसी कारण से कोई घर में नजरबंद नहीं है.’’ रेड्डी ने कहा, ‘‘किसी एक क्षेत्र में कानून व्यवस्था (Law and order) और सुरक्षा स्थिति पर विचार करने के बाद आवश्यक होगा कि संरक्षित व्यक्ति (Protected person) अपनी आवाजाही आदि के संबंध में पहले सूचना दे.’’

राहुल के सवाल के जवाब में सरकार- कश्मीर में एहतियातन 223 लोग डिटेन किए गये
सरकार ने रविवार को लोकसभा में कहा कि जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा समाप्त किये जाने के मद्देनजर लोक व्यवस्था बनाये रखने के लिए विभिन्न उपाय किये गये जिनके तहत अब तक एहतियातन 223 लोगों को निरुद्ध (डिटेन) किया गया है.
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रश्न के लिखित उत्तर में गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि जम्मू कश्मीर सरकार ने बताया है कि पूर्ववर्ती जम्मू कश्मीर राज्य के संबंध में संसद द्वारा पिछले साल अगस्त में किये गये संवैधानिक परिवर्तनों के मद्देनजर लोक व्यवस्था को कायम रखने के लिए विभिन्न प्रकार के उपाय किये गये थे. उन्होंने कहा कि इनमें कुछ लोगों को एहतियातन निरुद्ध करना शामिल था. 11 सितंबर की स्थिति के अनुसार 223 लोग निरुद्ध किये गये हैं.
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