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दोनों वैक्सीन लगवा चुके लोगों को मुंबई एयरपोर्ट पर RT-PCR रिपोर्ट दिखाने की जरूरत नहीं

महाराष्‍ट्र के रेलवे स्‍टेशन, बस स्‍टैंड्स पर हो रही कोरोना जांच.  (फाइल फोटो)

महाराष्‍ट्र के रेलवे स्‍टेशन, बस स्‍टैंड्स पर हो रही कोरोना जांच. (फाइल फोटो)

बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के कमिश्‍नर ने महाराष्‍ट्र के चीफ सेकेट्री को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि मुंबई या महाराष्‍ट्र में आने वाले उन लोगों जिनका पूरी तरह से टीकाकरण हो चुका हो, उन्‍हें अनिवार्य आरटी-पीसीआर टेस्‍ट से छूट दी जानी चाहिए. अभी रेलवे स्‍टेशन, बस स्‍टैंड और अन्‍य स्‍थलों पर गहन परीक्षण अभियान चलाया जा रहा है.

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    मुंबई. दोनों वैक्सीन लगवा चुके लोगों को मुंबई एयरपोर्ट में दाखिल होने के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट रिपोर्ट की जरूरत नहीं होगी. इससे पहले सरकार की ओर से जारी गाइडलाइंस के मुताबिक घरेलू उड़ानों से मुंबई पहुंचने वाले यात्रियों को फ्लाइट में चढ़ने से पहले निगेटिव आरटी-पीसीआर रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य किया गया था. ये आरटी-पीसीआर रिपोर्ट मुंबई पहुंचने के 48 घंटों के भीतर की होनी जरूरी है. वहीं जिन यात्रियों के पास आरटी-पीसीआर परीक्षण नहीं है, उन्हें एयरलाइनों द्वारा सवार होने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

    बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर सिफारिश की है कि मुंबई आने वाले पूरी तरह से टीकाकरण वाले लोगों को अनिवार्य आरटी-पीसीआर परीक्षण से छूट दी जा सकती है. उन्‍होंने कहा है कि अभी रेलवे स्‍टेशन, बस स्‍टैंड्स पर सघन परीक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है और आने वाले सभी लोगों की कोरोना जांच की जा रही है. इनमें से कोरोना के बीमार और आशंका होने पर लोगों को सीधे क्‍वारंटाइन सेंटर्स में भेजा जा रहा है.

    उन्‍होंने कहा कि मुंबई में वैक्‍सीन की किल्‍लत के कारण कई टीकाकरण केंद्रों पर काम रोकना पड़ गया था. अभी मुंबई में 18 से 45 वर्ष की आयु के लगभग 90 लाख लोग हैं. उन सभी को टीका लगाने के लिए लगभग 1.80 करोड़ खुराक की आवश्यकता होगी. इतनी बड़ी संख्या के लिए वैक्सीन स्टॉक की उपलब्धता, उसकी खरीद, ट्रांसपोर्टेशन, डिस्ट्रीब्यूशन के साथ-साथ टीकाकरण केंद्रों की संख्या बढ़ाना प्रमुख मुद्दे हैं. निगम इन मुद्दों पर सरकार और वैक्सीन कंपनियों के साथ काम कर रहा है.

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    महाराष्ट्र में 11 दिनों में सामने आए 88 हजार से ज्यादा केस
    सरकारी आंकड़ों की माने तो जुलाई के पहले 11 दिनों में महाराष्ट्र में कोरोना के 88,130 नए मामले सामने आ चुके हैं. इसे कोरोना वायरस की तीसरी लहर के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. इसके मद्देनजर कोरोना मामलों के विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्‍पष्‍ट संकेत है और इसने चिंता बढ़ा दी है. इसे कोरोना महामारी की तीसरी लहर ही कहना चाहिए, महाराष्‍ट्र में पिछली दो लहरों के दौरान भी वायरस का यही ट्रेंड देखने को मिला था.

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    कोविड टास्क फोर्स के सदस्य डॉ शशांक जोशी ने बताया कि कोल्हापुर जिले में पिछले 15 दिनों में 3,000 मामले जबकि मुंबई में पिछले तीन दिनों से 600 से कम मामले सामने आए हैं. लेकिन वायरस संक्रमण की स्थिति अजीब है, कोल्हापुर में टीकाकरण प्रतिशत सबसे अधिक है और संक्रमण दर भी सबसे अधिक है.

    भारत में सोमवार को कोरोना वायरस के 37 हजार 154 नए मामले दर्ज किए गए हैं, जिसके बाद अब देश में कुल केस 3 करोड़ 8 लाख 74 हजार 376 हो गए हैं. अब देश में इलाजरत मरीजों की संख्या कुल मामलों का 1.46 फीसदी है. फिलहाल भारत में कोरोना के 4 लाख 50 हजार 899 ऐक्टिव केस हैं.

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