जम्मू-कश्मीर में हिरासत में लिए गए लोगों रखने के लिए जगह पड़ी कम, होटलों के सहारे सरकार

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Updated: August 16, 2019, 7:42 PM IST
जम्मू-कश्मीर में हिरासत में लिए गए लोगों रखने के लिए जगह पड़ी कम, होटलों के सहारे सरकार
जम्मू-कश्मीर में हिरासत में लिए गए लोगों को रखने के लिए कम पड़ी जगह. (सांकेतिक तस्वीर)

अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद उमर अब्दुल्ला Omar Abdullah और महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) जैसे पूर्व मुख्यमंत्रियों को भी हिरासत में रखा गया है. सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने जमीन से जुड़े कार्यकर्ता और पूर्व में पत्थरबाजी की घटनाओं में शामिल रहे कई लोगों को भी हिरासत में लिया है.

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जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाए जाने के बाद सुरक्षा की दृष्टि से हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया है. हालांकि अब सुरक्षाबलों के सामने हिरासत में लिए गए इन लोगों को रखने के लिए जगह ही नहीं बची है. इस चुनौती से पार पाने के लिए प्रशासन अब प्राइवेट प्रॉपर्टीज हायर कर रहा है ताकि लोगों को वहां रखा जा सके. प्रशासन ने कई होटलों को भी किराए पर लिया है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक हिरासत में लिए गए कम से कम 560 लोगों को श्रीनगर में शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर, बारामूला और गुरेज के अस्थाई केंद्रों में रखा गया है. अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) और महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) जैसे पूर्व मुख्यमंत्रियों को भी हिरासत में रखा गया है. सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने जमीन से जुड़े कार्यकर्ता और पूर्व में पत्थरबाजी की घटनाओं में शामिल रहे कई लोगों को भी हिरासत में लिया है.

पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत हो रहीं हैं गिरफ़्तारी
जम्मू-कश्मीर के एडिशनल डायरेक्टर जनरल (ADGP) मुनीर खान ने कहा था कि इससे पहले कहा था कि कुछ लोगों को पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) के तहत हिरासत में लिया गया है, जिसके जरिए घाटी में संदिग्धों को वर्षों तक जेल में रखा जाता है. एक प्रेस ब्रीफिंग में खान ने कहा, "कुछ पीएसए केस दर्ज किए गए हैं. हम नहीं चाहते कि किसी की जान जाए."

हालांकि अभी तक पुलिस और प्रशासन ने हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या के बारे में नहीं बताया लेकिन सूत्रों का कहना है कि ये संख्या काफी अधिक है इसी कारण प्राइवेट प्रॉपर्टीज हायर करने की जरूरत पड़ रही है. अधिकारियों ने कहा कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि कोई भी लोगों को न भड़का पाए और सड़कों पर अनुच्छेद 370 हटाए जाने को लेकर विरोध प्रदर्शन न हों.

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First published: August 16, 2019, 7:08 PM IST
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