क्यों नहीं हो पा रही है भारत में कोरोना की दवा Remdesivir की सप्लाई

क्यों नहीं हो पा रही है भारत में कोरोना की दवा Remdesivir की सप्लाई
कोरोना के इलाज में रेमिडिसिविर महत्वपूर्ण दवा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

भारत में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच बांग्लादेश से रेमडेसिवीर (Remedesivir) के आयात के मामले सामने आने के बाद ड्रग रेगुलेट्री बॉडी ने साफ कर दिया है कि बांग्लादेश से गैरकानूनी ढंग से हो रहे इस दवा के आयात पर वे सख्ती से रोक लगाएंगे.

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नई दिल्ली. कोविड-19 (Covid19) के इलाज के लिए अहम मानी जा रही एंटी वायरल दवा रेमडेसिवीर (Remedesivir) के मरीजों द्वारा गैरकानूनी ढंग से भारत में आयात होने पर भारतीय ड्रग रेगुलेटरी एजेंसी ने बड़ा बयान दिया है. दरअसल, भारत में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच बांग्लादेश से रेमडेसिवीर के आयात के मामले सामने आने के बाद ड्रग रेगुलेटरी बॉडी ने साफ कर दिया है कि बांग्लादेश से गैरकानूनी ढंग से हो रहे इस दवा के आयात पर वे सख्ती से रोक लगाएंगे.

'रेमडेसिवीर के उत्पादन का लाइसेंस नहीं'
केंद्रीय ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा 'बांग्लादेश की इन कंपनियों के पास रेमडेसिवीर बनाने का लाइसेंस नहीं है. ऐसे में भला कैसे इस एंटी वायरल दवा को इन कंपनियों से आयात किया जा सकता है?' अधिकारी ने बताया कि रेगुलेटरी बॉडी भारत में जेनरिक ड्रग निर्माता कंपनियों द्वारा बनाई जा रही रेमडेसिवीर की गुणवत्ता की जांच कर रही है. फिलहाल, अभी हमारा फोकस अवैध सप्लायर्स द्वारा की जा रही गैर कानूनी सप्लाई रोकने पर है.

1 जून को मिली थी उपयोग की अनुमति
दरअसल, 1 जून को भारत के ड्रग कंट्रोलर जनरल डॉ. वी जी सोमानी ने इमरजेंसी स्थितियों मे रेमडेसिवीर के उपयोग की अनुमति दी थी. इसके लिए जिलैड साइंसेस (Gilead Sciences) कंपनी को आयात और आपूर्ति का अधिकार दिया था. डॉ. सोमानी के इस बयान के बाद रेमडेसिवीर की मांग में अचानक से तेजी आ गई. इसके अलावा मुंबई की क्लीनेरा ग्लोबल सर्विसेज को भी इस दवा के आयात के अधिकार दिए गए हैं.



13 जून को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (Indian Council of Medical Research) ने रेमडेसिवीर के इस्तेमाल को लेकर एक दिशानिर्देश जारी किया. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि जिलैड साइंस और क्लीनेरा जैसी कंपनियां कितनी मात्रा में इस दवा का आयात कर सकती हैं, फिलहाल अभी इसको लेकर दोनों कंपनियों के पास कोई जवाब नहीं है.

3 जून को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में जिलैड के मुताबिक दुनिया में इस दवा की आपूर्ति बहुत सीमित है. ऐसे में समझा जा सकता है कि आपूर्ति की नई खेप जुलाई में ही आ पाएगी. CDSCO के एक अधिकारी ने बताया कि 6 भारतीय फर्म्स ने स्वीकृति के लिए CDSCO में अर्जी लगाई है. इन अर्जियों को प्राथमिकता के साथ जांचा परखा जा रहा है. कुछ दिनों में अनुमति देने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.

मुंबई में बढ़ी मांग
मुंबई में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बीच इस दवा की मांग तेजी से बढ़ रही है. मुंबई के भाटिया अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया कि एक परिवार के कोविड पॉजिटिव 6 मरीज हाल ही में यहां भर्ती हुए. उन्होंने हमसे रेमडेसिवीर से इलाज करने की गुजारिश की. उनमें से चार ठीक भी हो गए.

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