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Tool Kit Case: दिशा रवि के बाद अब निकिता जैकब की तलाश में दिल्‍ली पुलिस, गैर जमानती वारंट जारी

निकिता जैकब पेशे से वकील हैं.
निकिता जैकब पेशे से वकील हैं.

Tool Kit case: दिल्‍ली पुलिस की स्‍पेशल सेल ने इस केस में एक और आरोपी निकिता जैकब (Nikita Jacob) के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी करवाया है. निकिता जैकब पेशे से वकील हैं और इस मामले में फरार बताई जा रही हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 15, 2021, 11:48 AM IST
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नई दिल्‍ली. किसान आंदोलन (Farmers Protest) को लेकर पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग (Greta Thunberg) की ओर से ट्विटर पर शेयर किए गए टूल किट (Tool kit case) के मामले में दिल्‍ली पुलिस (Delhi Police) ने इसे तैयार करने वाले आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. दिल्‍ली पुलिस की ओर से पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि को गिरफ्तार किया गया है. वहीं अब दिल्‍ली पुलिस की स्‍पेशल सेल ने इस केस में एक और आरोपी निकिता जैकब के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी करवाया है. निकिता जैकब पेशे से वकील हैं और इस मामले में फरार बताई जा रही हैं.

दिल्‍ली पुलिस की स्पेशल सेल के सूत्रों के मुताबिक 11 फरवरी को निकिता जैकब के घर स्पेशल सेल की टीम सर्च करने गई थी. यह टीम उनके मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच करने गई थी. उस दिन शाम का वक्त होने के कारण उनसे पूछताछ नहीं हो सकी थी. निकिता से स्पेशल सेल ने दस्तावेज पर दस्तखत करवाया था कि वो जांच में शामिल होंगी. लेकिन उसके बाद निकिता अंडरग्राउंड हो गईं.

दिल्‍ली पुलिस के अनुसार निकिता जैकब खालिस्तान विचारधारा से प्रभावित हैं. निकिता जैकब ने कनाडा के पुनीत नाम के शख्स से भी संपर्क किया था. 26 जनवरी के चार दिन पहले निकिता और अन्य की जूम ऐप पर मीटिंग भी हुई थी. खालिस्तान संगठन से जुड़े संगठन पॉइंट फ़ॉर जस्टिस के एमओ धालीवाल ने अपने कनाडा में रह रहे सहयोगी पुनीत के जरिये निकिता जैकब से संपर्क किया था. इसका मकसद ये था कि रिपब्लिक डे के पहले ट्विटर पर हलचल उत्‍पन्‍न की जाए.



बताया गया है कि निकिता जैकब पहले भी पर्यावरण से जुड़े मुद्दे उठाती रही हैं. रिपब्लिक डे के पहले हुई ज़ूम मीटिंग में एमओ धालीवाल, निकिता और दिशा के अलावा अन्य लोग शामिल हुए थे. एमओ धालीवाल ने उस दौरान कहा था कि मुद्दे को बड़ा बनाना है. उनका मकसद किसानों के बीच असंतोष और गलत जानकारी फैलाना था. यहां तक कि एक किसान की मौत को पुलिस की गोली से हुई मौत बताया गया था.

26 जनवरी की हिंसा के बाद अंतरराष्ट्रीय सेलिब्रिटी और एक्टिविस्ट से संपर्क किया गया था. चूंकि दिशा ग्रेटा थनबर्ग को जानती थीं इसलिए उसकी मदद ली गई. निकिता के घर भी स्पेशल सेल की टीम गई थी. उनके इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की जांच की गई है. उस वक्त शाम हो गयी थी इसलिए निकिता से पूछताछ नहीं की गई थी. टीम ने कहा था कि वो कल फिर आएंगे. लेकिन जब अगले दिन स्पेशल सेल की टीम निकिता के यहां पहुंची वह गायब मिली थीं.
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