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    सिंचाई घोटाला केस: सोशल मीडिया पर वायरल हो रही लिस्ट का अजित पवार से संबंध नहीं- ACB सूत्र

    एसीबी ने सिंचाई घोटाले से जुड़े 9 मामलों मे अजित पवार को क्लीन चिट दी है.
    एसीबी ने सिंचाई घोटाले से जुड़े 9 मामलों मे अजित पवार को क्लीन चिट दी है.

    नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (Nationalist Congress Party) के नेता अजित पवार (Ajit Pawar) ने शनिवार को महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री (Maharashtra Deputy CM) के रूप में शपथ ली थी.

    • News18Hindi
    • Last Updated: November 25, 2019, 8:50 PM IST
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    मुंबई. नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (Nationalist Congress Party) नेता अजित पवार (Ajit Pawar) को एसीबी (Anti Corruption Bureau) ने 70,000 करोड़ के सिंचाई घोटाले में राहत देते हुए 9 मामलों में क्लीन चिट दी है. एंटी करप्शन ब्यूरो के सूत्रों से खबर मिली है कि कथित सिंचाई घोटाले से जुड़े जिन मामलों की लिस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है उनका महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार से कोई संबंध नहीं है. महाराष्ट्र एंटी करप्शन ब्यूरो के सूत्रों ने यह भी बताया कि जो केस आज बंद किए गए हैं वह अब तक मिले साक्ष्यों पर आधारित हैं और इनसे जुड़ी अधिक जानकारी सामने आने या अदालत के आदेश पर इन्हें दोबारा खोला जा सकता है.



    वहीं महाराष्ट्र एसीबी के डीजी परमबीर सिंह ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई को बताया कि हम सिंचाई से जुड़ी 3000 टेंडरों की शिकायतों की जांच कर रहे हैं. यह नियमित जांच पड़ताल है जो कि बंद की गई है और जो जांच पहले से चल रही हैं वह उसी प्रकार से चलती रहेंगी. एसीबी ने कहा है कि हमने करीब 3 महीने पहले इस केस को बंद करने की अनुशंसा की थी.




    शनिवार को अजित पवार ने ली थी शपथ
    गौरतलब है कि महाराष्ट्र में हुए आश्चर्यजनक उलटफेर में शनिवार को भाजपा के देवेंद्र फडणवीस की मुख्यमंत्री के रूप में वापसी हुई जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली. यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ जब कुछ घंटे पहले ही कांग्रेस और राकांपा ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में सरकार बनाने पर सहमति बनने की घोषणा की थी.

    बाद में शिवसेना ने देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने की महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की ‘‘मनमानी और दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई/फैसले’’ के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर की.

    एनसीपी में दिखी दरार
    राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी द्वारा आनन-फानन में राजभवन में सुबह आठ बजे आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में नाटकीय तरीके से फडणवीस और पवार को शपथ दिलाए जाने के बाद राकांपा में दरार दिखाई देने लगी. पार्टी अध्यक्ष शरद पवार ने भतीजे अजित पवार के कदम से दूरी बनाते हुए कहा कि फडणवीस का समर्थन करना उनका निजी फैसला है न कि पार्टी का.

    बाद में एनसीपी ने अजित पवार को पार्टी विधायक दल के नेता पद से हटाते हुए कहा कि उनका कदम पार्टी की नीतियों के अनुरूप नहीं है.

    (भाषा के इनपुट के साथ)

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