पाबंदियों में ढील के बावजूद कश्मीर में सामान्य जनजीवन प्रभावित

भाषा
Updated: September 1, 2019, 1:14 PM IST
पाबंदियों में ढील के बावजूद कश्मीर में सामान्य जनजीवन प्रभावित
घाटी के अधिकतर इलाकों में अवरोधक और पाबंदियां हटा ली गई हैं.

अधिकारियों ने कहा कि कश्मीर घाटी (Kashmir Valley) में रविवार को लगातार 28वें दिन आम जनजीवन प्रभावित रहा. दुकानें बंद रहीं और सड़कों से सार्वजनिक वाहन नदारद रहे.

  • Share this:
कश्मीर घाटी (Kashmir Valley) के 11 और थाना क्षेत्रों में पाबंदियों में ढील दी गई है, इसके बावजूद रविवार को लगातार 28वें दिन सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा. अधिकारियों (Officers) ने बताया कि अब घाटी के 105 थाना क्षेत्रों में से 82 में कोई पाबंदी नहीं है. 29 टेलीफोन एक्सचेंजों में लैंडलाइन सेवाएं बहाल कर दी गई हैं. ये एक्सचेंज पहले से चालू 47 एक्सचेंज से अलग हैं. हालांकि, लाल चौक और प्रेस एनक्लेव में सेवाएं अब भी बाधित हैं.

उन्होंने बताया कि घाटी में शनिवार को शांति बनी रही और कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है. कश्मीर में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद कानून-व्यवस्था खराब होने की आशंका की वजह से लोगों की आवाजाही पर सख्त प्रतिबंध लगाए गए थे. केवल एंबुलेंस को और आपात मामलों में ही आने-जाने की अनुमति थी. शनिवार सुबह अधिकतर इलाकों से पाबंदियां हटा दी गईं.

28वें दिन भी आम जनजीवन प्रभावित रहा

अधिकारियों ने कहा कि रविवार को लगातार 28वें दिन आम जनजीवन प्रभावित रहा. दुकानें बंद रहीं और सड़कों से सार्वजनिक वाहन नदारद रहे. लेकिन श्रीनगर के कई इलाकों में निजी वाहनों की आवाजाही दिखी. शहर के सिविल लाइन इलाकों में कुछ रेहड़ी वालों ने अपनी दुकानें लगाई. उन्होंने बताया कि घाटी के अधिकतर इलाकों में अवरोधक और पाबंदियां हटा ली गई हैं.

लेकिन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षाबलों की तैनाती जारी है. पांच अगस्त को केंद्र की ओर से अनुच्छेद-370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त करने और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के फैसले के बाद से बंद बीएसएनएल ब्रॉडबैंड और निजी लीज लाइन इंटरनेट सहित मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं अभी बहाल नहीं की गई हैं.

ये भी पढ़ें-
NRC: बाहर हुए 19 लाख लोगों के पास बचे 120 दिन, करना होगा ये
Loading...

NRC: SC में याचिका दाखिल करने वाले NGO ने उठाए लिस्ट पर सवाल

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 1, 2019, 1:14 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...