कड़ाके की ठंड में भी गुलजार रहेंगी लद्दाख की वादियां, खाने से लेकर पानी तक नहीं होगी किसी चीज की कमी

कड़ाके की ठंड में भी गुलजार रहेंगी लद्दाख की वादियां, खाने से लेकर पानी तक नहीं होगी किसी चीज की कमी
फोटो साभारः फेसबुक

cold storage in Ladakh: केंद्र शासित बनने के बाद पिछले एक साल से लद्दाख में विकास की गतिविधियां जोरों पर है. ठंड में जरूरी वस्तु जिसमें सब्जी, अंडा, फिश, मीट शामिल है उनके स्टोर करने के लिए करीब एक हजार मीट्रिक टन क्षमता का कोल्ड स्टोरेज बनाया गया है.

  • Aglasem
  • Last Updated: August 24, 2020, 7:53 PM IST
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नई दिल्ली. भारत-चीन (India-China) सीमा से सटे लद्दाख (Ladakh) में इस बार ठंड का मौसम बिल्कुल अलग तरीके का होगा. कड़कड़ाती सर्दी में वीरान पड़े उस इलाके को भारत सरकार ने अब आबाद करने का प्लान तैयार किया है. भारत सरकार के प्लान के मुताबिक 22,000 से ज्यादा लोग ठंड के मौसम में लद्दाख में रुकेंगे, जिसके लिए 418 मीट्रिक टन खाद्य पदार्थों की सप्लाई की जाएगी.

केंद्र शासित बनने के बाद पिछले एक साल से लद्दाख में विकास की गतिविधियां जोरों पर है. ठंड में जरूरी वस्तु जिसमें सब्जी, अंडा, फिश, मीट शामिल हैं उनके स्टोर करने के लिए करीब एक हजार मीट्रिक टन क्षमता का कोल्ड स्टोरेज बनाया गया है.

भारत के सबसे बड़े कोल्ड स्टोरेज में से एक
यह कोल्ड स्टोरेज उत्तर भारत के सबसे बड़े कोल्ड स्टोरेज में से एक है जिसे लद्दाख की भौगोलिक परिस्थिति के मुताबिक ही तैयार किया गया है. 2018 तक लद्दाख में सर्दियों के वक्त में करीब 100 मीट्रिक टन जरूरी खाद्य पदार्थों की ही सप्लाई होती थी लेकिन केंद्र शासित राज्य बनने और अब भारत-चीन विवाद के सामने आने के बाद इस सप्लाई में खासी बढ़ोतरी की गई है और यह 414 मीट्रिक टन तक पहुंच गई है. कोल्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट मैनेजर ने कहा, 'हमने बहुत ही बारीक बातों को ध्यान में रखकर इस कोल्ड स्टोरेज का निर्माण किया है और इसमें उर्जा की खपत भी बेहद कम होगी.'
इन वस्तुओं की होगी आपूर्ति


भारत सरकार की योजना के मुताबिक सड़क के रास्ते और इंडियन एयर फोर्स और कमर्शियल विमानों से जिन वस्तुओं की आपूर्ति की जाएगी. उसमें 2 टन बटर, 6 टन चिकन, 44 टन अंडे, 8 टन फल, 2 टन घी,  109 टन दूध,  22 टन दाल, 64 टन चीनी और 141 टन सब्जियां प्रमुख है. इससे पहले जरूरी खाद्य पदार्थों के स्टोरेज की व्यवस्था लद्दाख में नहीं थी. नया कोल्ड स्टोरेज बन जाने से जो कीमतें ठंड के वक्त यहां पर आसमान छूती थी वह भी अब मुनासिब दाम में आम जनता को मिलेंगी.

सर्दियों में इलाका नहीं छोड़ेंगे लोग
इसके अलावा भारत सरकार और स्थानीय प्रशासन ने इस ठंड के सीजन में 22,000 अतिरिक्त लोगों को लद्दाख में रोका है. यह लोग यहां पर आधारभूत सुविधाओं के निर्माण से जुड़े हैं, जो लद्दाख के अलग-अलग हिस्सों में ठंड के वक्त भी काम करेंगे. लद्दाख में हर साल ठंड के मौसम में यह हालत होती थी कि स्थानीय निवासी तक भी यह इलाका छोड़कर भारत के अन्य इलाकों में चले जाते थे, लेकिन अब भारत सरकार की इस योजना से लद्दाख को ठंड में भी गुलजार रखने की एक नई कोशिश की जा रही है.
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