हमारी एक इंच जमीन भी नहीं गई है, लद्दाख में डिसइंगेजमेंट पर बोले आर्मी चीफ

आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे. (फाइल फोटो)

आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे. (फाइल फोटो)

आर्मी चीफ एमएम नरवणे (MM Narvane) ने कहा है कि भारत का विवाद के पहले जिन इलाकों पर अधिकार था, वो अब भी बना हुआ है. इससे पहले उन्होंने कहा था कि चीन के साथ समझौते के बाद पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील (Pangong Lake) क्षेत्र से सैनिकों के हटने के बाद भारत के लिए खतरा केवल ‘कम हुआ’ है, लेकिन यह बिल्कुल खत्म नहीं हुआ है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 30, 2021, 11:27 PM IST
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नई दिल्ली. भारतीय सेना चीफ जनरल एमएम नरवणे (MM Narvane) ने कहा है कि चीन का हमारी एक इंच जमीन पर कब्जा नहीं बढ़ा है. उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में साफ किया है कि भारत का विवाद के पहले जिन इलाकों पर अधिकार था, वो अब भी बना हुआ है. इससे पहले नरवणे ने कहा था कि चीन के साथ समझौते के बाद पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील (Pangong Lake) क्षेत्र से सैनिकों के हटने के बाद भारत के लिए खतरा केवल ‘कम हुआ’ है, लेकिन यह बिल्कुल खत्म नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि यह कहना गलत होगा कि चीनी सैनिक पूर्वी लद्दाख में उन क्षेत्रों में अब भी बैठे हैं जो पिछले साल मई में गतिरोध शुरू होने से पहले भारत के नियंत्रण में थे.

पर्वतीय क्षेत्र की स्थिति का संदर्भ देते हुए नरवणे ने ‘इंडिया इकोनॉमिक कांक्लेव’ में कहा कि पीछे के क्षेत्रों में सैन्य शक्ति उसी तरह बरकरार है जिस तरह यह सीमा पर तनाव के चरम पर पहुंचने के समय थी. सत्र में यह पूछे जाने पर कि क्या वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उस टिप्पणी से सहमत हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि चीनी भारत के नियंत्रण वाले क्षेत्र में नहीं आए हैं, नरवणे ने ‘हां’ में जवाब दिया.

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'क्षेत्र में गश्त शुरू नहीं हुई है क्योंकि तनाव अब भी काफी है'
उन्होंने कहा, ‘हां, बिलकुल.’ नरवणे ने यह भी कहा कि क्षेत्र में गश्त शुरू नहीं हुई है क्योंकि तनाव अब भी काफी है और टकराव की स्थिति हमेशा रहती है. उन्होंने कहा, ‘अभी कुछ क्षेत्र हैं जहां हमें चर्चा करनी है लेकिन सभी चीजों को मिलाकर मुझे लगता है कि यह विश्वास करने के लिए हमारे पास काफी मजबूत आधार है कि हम अपने सभी उद्देश्यों को प्राप्त करने में सफल होंगे.’ विशिष्ट तौर पर यह पूछे जाने पर कि क्या चीनी अब भी उन क्षेत्रों में बैठे हैं जो अप्रैल 2020 से पहले भारत के नियंत्रण में थे, नरवणे ने कहा, ‘नहीं, यह एक गलत बयान होगा.’
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