बहन के शव को कंधा देने के लिए नहीं मिले चार लोग, तो भाइयों ने साइकिल पर पहुंचाया श्मशान

बहन के शव को कंधा देने के लिए नहीं मिले चार लोग, तो भाइयों ने साइकिल पर पहुंचाया श्मशान
गांव वालों ने बहन की अंतिम यात्रा में शामिल होने से इनकार किया तो भाइयों ने साइकिल से पहुंचाया श्मशान

ओडिशा (Odisha) में चंदाहांडी ब्लॉक के मोती गांव में 42 वर्षीय आदिवासी महिला नुआखाई पांडे की बीमारी के चलते मौत हो गई. गांव वालों ने अंतिम यात्रा में शामिल होने से इनकार कर दिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 13, 2019, 10:21 AM IST
  • Share this:
भुनेश्वर. ओडिशा (Odisha) से एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाली खबर सामने आई है. जहां गांव वालों द्वारा शव यात्रा (funeral) में शामिल होने से इनकार करने के चलते दो भाइयों ने अपनी बहन के शव को साइकिल पर श्मशान पहुंचाया. बताया जा रहा है कि मृतका अपने पति को छोड़ने के बाद अपने भाइयों के साथ रहती थी.

दरअसल राज्य चंदाहांडी ब्लॉक के मोती गांव में 42 वर्षीय आदिवासी महिला नुआखाई पांडे की बीमारी के चलते मौत हो गई. मृतका नुआखाई अपने पिता से अलग होने के बाद अपने भाइयों के साथ गांव में रहती थी. बहन की मौत के बाद गांव वालों ने उसके अंतिम संस्कार में शामिल होने से इनकार कर दिया. यहां तक की रिश्तेदारों ने भी शव के अंतिम यात्रा में शामिल होने से इनकार कर दिया.

मजबूर भाइयों ने साइकिल पर बहन का शव ले जाकर अंतिम संस्कार किया. बता दें कि इस दौरान सिवाय दोनों भाइयों के श्मशान में कोई मौजूद नहीं था. गौरतलब है कि दिल को दहलाने वाली ओडिशा की यह कोई पहली घटना नहीं है.  इससे पहले राज्य के दानामांझी गांव के एक शख्स ने एंबुलेंस न मिलने के चलते 10 किलोमीटर तक अपनी पत्नी का शव कंधे पर लेकर घर पहुंचा था. इस घटना की चर्चा पूरे देश में हुई थी.



ये भी पढ़ें: 
दीवाली-छठ पर घर जाने के लिए आसानी से मिलेगी कन्‍फर्म सीट! अपनाएं ये 7 टिप्‍स
नीदरलैंड के राजा और रानी भारत के सरकारी दौरे पर आज आएंगे
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading