सिर्फ रफ्तार ही नहीं और भी खासियतें है बुलेट ट्रेन की

बुलेट ट्रेन में बच्चों को स्तनपान कराने के लिए अलग से कमरा मुहैया कराया जाएगा. बीमार लोगों के लिए सुविधा प्रदान की जाएगी और पुरुषों व महिलाओं के लिए अलग-अलग शौचालय बनाए जाएंगे.

भाषा
Updated: July 30, 2018, 9:47 AM IST
सिर्फ रफ्तार ही नहीं और भी खासियतें है बुलेट ट्रेन की
प्रतीकात्मक फोटो
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Updated: July 30, 2018, 9:47 AM IST
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन की खासियत सिर्फ इसकी स्पीड ही नहीं है बल्कि इसमें और भी तमाम ऐसी सुविधाएं दी जा रही हैं जो काफी स्पेशल हैं. रेलवे इस दिशा में आगे बढ़ रहा है. बुलेट ट्रेन में बच्चों को स्तनपान कराने (ब्रेस्ट फीडिंग) के लिए अलग जगह मुहैया कराई जाएगी. बीमार लोगों के लिए सुविधा प्रदान की जाएगी और पुरुषों व महिलाओं के लिए अलग-अलग शौचालय बनाए जाएंगे. भारतीय रेलवे में ये सुविधाएं यात्रियों को पहली बार दी जाएंगी. सभी ट्रेनों में 55 सीटें बिजनेस क्लास और 695 सीटें स्टैंडर्ड क्लास के लिए आरक्षित होंगी. ट्रेन में यात्रियों को सामान रखने के लिए भी जगह दी जाएगी.

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ई-5 शिंकनसेन सिरीज बुलेट ट्रेन में बेबी चेंजिंग रूम की भी सुविधा दी जाएगी, जिसमें बेबी टॉयलेट सीट, डायपर डिस्पोजल और बच्चों के हाथ धोने के लिए कम ऊंचाई के सिंक लगे होंगे. व्हीलचेयर वाले यात्रियों के लिए ज़्यादा जगह वाले टॉयलेट की सुविधा दी जाएगी.

750 सीटों वाले ई-5 शिंकनसेन एक नए जमाने की हाई स्पीड ट्रेन है. इसमें 'वॉल माउंटेड टाईप यूरिनल' की सुविधा दी जाएगी. डिब्बों में बढ़िया आरामदायक घूमने वाली सीट होगी.

ट्रेन में फ्रीजर, हॉट केस, पानी उबालने की सुविधा, चाय और कॉफी बनाने की मशीन और बिजनेस क्लास में हैंड टॉवल वार्मर की सुविधा दी जाएगी. डिब्बों में एलसीडी स्क्रीन लगी होगी, जहां मौजूदा स्टेशन, आने वाले स्टेशन, अगले स्टेशन पहुंचने और अंतिम स्टेशन पर पहुंचने के समय के बारे में जानकारी आती रहेगी.

मोदी सरकार की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना के अंतर्गत रेलवे 5000 करोड़ रुपये में जापान से 25, ई-5 शिंकनसेन सिरीज के बुलेट ट्रेन खरीदने की तैयारी में है.

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मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर का अधिकतर हिस्सा एलिवेटेड होगा, जिसमें ठाणे से विरार तक 21 किलोमीटर अंडर ग्राउंड कॉरीडोर होगा. इसमें भी सात किलोमीटर का कॉरीडोर समुद्र के अंदर बनाया जाएगा.

अधिकारी ने कहा, "बुलेट ट्रेन के डिज़ाइन को लंबी नाक के आकार का रखा गया है. जब एक बुलेट ट्रेन  सुरंग से बाहर निकलती है तो, सूक्ष्म दबाव तरंगों की वजह से काफी तेज ध्वनि पैदा होती है. सूक्ष्म दबाव को कम करने के लिए, सामने की कार को नाक के आकार का बनाया जाता है."

बुलेट ट्रेन से मुंबई और अहमदाबाद के बीच 508 किलोमीटर की यात्रा करने में मात्र दो घंटा सात मिनट का समय लगेगा. भारतीय रेलवे इस परियोजना में 9800 करोड़ रुपये खर्च करेगी, जबकि बाकी खर्च महाराष्ट्र और गुजरात की सरकारें वहन करेंगी.
First published: July 30, 2018, 8:16 AM IST
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