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विदर्भ: बेहद कम कोरोना केस के बावजूद प्रतिबंध नहीं हटा रही महाराष्ट्र सरकार, एक्सपर्ट बोले- अवैज्ञानिक कदम

विदर्भ: बेहद कम कोरोना केस के बावजूद प्रतिबंध नहीं हटा रही महाराष्ट्र सरकार, एक्सपर्ट बोले- अवैज्ञानिक कदम

महाराष्ट्र के विदर्भ में कोरोना की स्थिति अब काफी बेहतर है. (सांकेतिक तस्वीर-AP)

महाराष्ट्र के विदर्भ में कोरोना की स्थिति अब काफी बेहतर है. (सांकेतिक तस्वीर-AP)

महाराष्ट्र के विदर्भ इलाके (Vidarbha Region) में कोरोना की स्थितियां सामान्य होने के बावजूद प्रतिबंध लगाए रखने को एक्सपर्ट्स (Experts) अवैज्ञानिक कदम मान रहे हैं.

    नागपुर. महाराष्ट्र के विदर्भ (Vidarbha) इलाके के सभी 11 जिलों में कोरोना महामारी (Covid-19) के हालात इस वक्त बेहतर स्थिति में हैं. बीते चार हफ्ते से इस इलाके में कोरोना के नए मामले बेहद कम संख्या में आए हैं. इसके बावजूद महाराष्ट्र सरकार कोरोना प्रतिबंधों में ढील नहीं दे रही है. राज्य के पुणे और नागपुर नगर निगमों ने अब कोरोना प्रतिबंधों में छूट दी है तो माना जा रहा था कि विदर्भ के जिलों के जिलाधिकारी और निगम कमिश्वर भी कुछ ऐसी ही छूट देंगे. लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ.

    इस इलाके में कोरोना महामारी का पॉजिटिविटी रेट अब महज 0.3% है. विरोधाभासी बात ये है कि जिन पुणे और नागपुर जिलों में ढील दी गई है वहां से ज्यादा बेहतर हालात विदर्भ के हैं. विदर्भ के भंडारा और गोंडिया के हालात कहीं बेहतर हैं लेकिन सख्त प्रतिबंध अब भी यहां बने हुए हैं.

    भंडारा में बीते तीन दिनों के दौरान एक भी कोरोना मरीज इलाज के लिए भर्ती नहीं हुआ है वहीं गोंडिया अब कोरोना फ्री स्टेटस प्राप्त करने की ओर है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इलाके के सभी
    जिलों को इस स्तर तक लाना वैज्ञानिक रूप से संभव नहीं है.

    ‘जीरो कोरोना केस की तलाश करना अवैज्ञानिक और नासमझी वाली सोच’
    टाइम्स ऑफ इंडिया पर प्रकाशित एक रिपोर्ट में संक्रामक रोगों के विशेषज्ञ डॉ. नितिन शिंदे ने कहा है-मुझे लगता है कि प्रशासन कोरोना के ‘जीरो’ मामले की तरफ देख रहा है. मतलब इलाके में कोई केस न हो. पूरे जिले में किसी भी कोरोना मरीज का इलाज न चल रहा हो. ये अवैज्ञानिक और नासमझी वाली सोच है. विदर्भ में बीते दो महीने से कोई भी आर्थिक गतिविधि नहीं हुई है.

    ‘कोरोना का कोई भी केस न होना एक काल्पनिक स्थिति’
    संक्रामक रोगों के एक अन्य विशेषज्ञ आनंद थाट्टे का कहना है-कोरोना का कोई भी केस न होना एक काल्पनिक स्थिति है. वायरस यहां हमेशा रहेगा. ये लोगों को संक्रमित करता रहेगा. अगर हमारे पास गंभीर रोगी न हों, संक्रमितों को अस्पतालों में भर्ती होने की जरूरत न हो, ऑक्सीजन की बेतहाशा जरूरत न हो तो सिर्फ कोरोना के मामले गिनने का कोई कारण नहीं है.

    उन्होंने कहा कि विदर्भ ने कोरोना से बेहद बुरे हालात देख लिए हैं. अब स्थितियां सामान्य जैसी हैं लेकिन कुछ-कुछ मामले तो अगले एक साल तक आते रहेंगे.

    Tags: Corona in Maharashtra, Uddhav Government

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