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अब उठी PoK के मंदिरों में भारतीयों को दर्शन कराने की मांग

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Updated: September 17, 2019, 10:04 PM IST
अब उठी PoK के मंदिरों में भारतीयों को दर्शन कराने की मांग
PoK स्थित मंदिरों में सबसे प्रसिद्ध तीर्थस्थल शारदा पीठ है (फाइल फोटो)

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) से अनुच्छेद 370 (Article 370) हटने के बाद अब पाकिस्तान (Pakistan) के कब्जे वाले कश्मीर (Kashmir) के मंदिरों में जाने की मांग उठने लगी है.

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  • Last Updated: September 17, 2019, 10:04 PM IST
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(पंकज तोमर)

नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) से अनुच्छेद 370 (Article 370) हटने के बाद अब पाकिस्तान (Pakistan) के कब्जे वाले कश्मीर (Kashmir) के मंदिरों में जाने की मांग उठने लगी है. दरअसल देश की संसद (Parliament) पहले ही सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर चुकी है कि पाकिस्तान ने कश्मीर के उस हिस्से पर अनाधिकृत तरीके से कब्जा किया हुआ है और वो असलियत में भारत का ही हिस्सा है.

ऐसे में आम भाषा में PoK कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर के उस हिस्से में भारत की कई धार्मिक, पुरातात्विक और ऐतिहासिक महत्व की इमारते हैं, जो रखरखाव के अभाव में जर्जर होती जा रही हैं.

पीएम के जन्मदिन पर लगी प्रदर्शनी में दिखाए गए PoK के 35 मंदिर

पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर राष्ट्रीय संस्मारक प्राधिकरण (National Monuments Authority) में एक विशेष प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें PoK के करीब 35 मंदिरों की जानकारी दी गई है, जो इस समय बेहद खराब हालत में है. प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने इसका उदघाटन किया.

करतारपुर कॉरिडोर के बाद बढ़ी शारदा पीठ में जाने की उम्मीद
इन मंदिरों में खासतौर से शारदा पीठ (Sharada Peeth)  की जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के हिंदुओं के बीच बहुत मान्यता है. इसे 18 महाशक्तिपीठ में से एक माना जाता है. कश्मीरी पंडितों के लिए तो मार्तंड सूर्य मंदिर, अमरनाथ मंदिर के साथ ही तीसरा सबसे ज्यादा मान्यता वाला मंदिर है. शारदा कम्युनिटी कश्मीर के संस्थापक अध्यक्ष रविंदर पंडिता के मुताबिक हम लोग लगातार प्रयास कर रहे हैं कि वहां की यात्रा करने के लिए भारतीय हिंदुओं को पहले की तरह परमिट दिए जाएं, ताकि वहां जाकर अपनी पूजा-अर्चना कर सकें.
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उन्होंने बताया कि इस तीर्थयात्रा की कश्मीरी पंडितों में बहुत मान्यता है. करतारपुर कॉरिडोर के बाद उनकी उम्मीद और ज्यादा बढ़ गई है.

PoK में स्थित मंदिरों, रघुनाथ मंदिर, बुद्ध मुज्जस्मा, पेत्रोग्लिप्स चिलास और शिव मंदिर को प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया (फाइल फोटो)


खराब है PoK के मंदिरों की स्थिति
इसी तरह 17वीं शताब्दी का शिव मंदिर, रघुनाथ मंदिर, पेत्रोग्लिप्स चिलास, बुद्ध मुज्जस्मा समेत कई ऐसी धरोहर हैं, जिनका रखरखाव ठीक से नहीं किया जा रहा. रघुनाथ मंदिर तो रखरखाव के अभाव में बिल्कुल ढहने की कगार पर है. धार्मिक मंदिरों के साथ साथ कई ऐसी ऐतिहासिक इमारते भी हैं, जो अखंड भारत के विराट वैभव की छाप दिखाती हैं. यूं तो पाकिस्तान (Pakistan) के पुरातात्विक संस्थान ने इनमें से कुछ को संरक्षित भी घोषित किया है. लेकिन बावजूद उसके इनकी खराब हालत स्थिति बयां कर रही हैं.

जल्द ही आराम से PoK जा सकेंगे देश के लोग
केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री प्रह्लाद पटेल ने कहा, "देश को किसी भी भ्रम में नहीं रहना चाहिए. पीएम के हर निर्णय से उनके संकल्प के बारे में पता चलता है. अनुच्छेद 370 खत्म हो गया है. उसके बाद से जिम्मेदारी बढ़ गई है कि हम अपने स्मारकों की चिंता करें. ये हमारी यश गाथा के स्मारक हैं. वैसे भी संसद का प्रस्ताव है कि पाकिस्तान (Pakistan) ने अवैध रूप से कश्मीर के हिस्से पर कब्जा किया हुआ है और वहां जितने भी स्मारक हैं, वो हमारी धरोहर हैं." पटेल ने देश की जनता को विश्वास रखने का दिलासा देते हुए कहते हैं कि जल्द ही ये सपना भी पूरा होगा कि देश के लोग आराम से वहां जा सकेंगे.

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First published: September 17, 2019, 9:15 PM IST
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