लाइव टीवी

हरियाणा और महाराष्ट्र के बाद अब कर्नाटक में छिड़ी टीम राहुल और सोनिया के वफादारों के बीच जंग

News18Hindi
Updated: October 7, 2019, 2:42 PM IST
हरियाणा और महाराष्ट्र के बाद अब कर्नाटक में छिड़ी टीम राहुल और सोनिया के वफादारों के बीच जंग
सिद्धारमैया आसानी से अपना पद छोड़ने के मूड में नहीं दिख रहे हैं.

कर्नाटक कांग्रेस (Karnataka Congress) के वरिष्ठ नेता बीके हरिप्रसाद (B. K. Hariprasad) और केएच मुनियप्पा (K. H. Muniyappa) के नेतृत्व में रविवार को बेंगलुरु स्थित कांग्रेस दफ्तर के बाहर पार्टी नेताओं ने जमकर हंगामा किया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 7, 2019, 2:42 PM IST
  • Share this:
हरियाणा, महाराष्ट्र, त्रिपुरा और झारखंड के बाद अब कर्नाटक (Karnataka) में भी कांग्रेस (Congress) विद्रोह का सामना करती दिख रही है. तीन महीने पहले तक राज्य में जनता दल सेक्युलर (JDS) के साथ गठबंधन सरकार चला रही कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं के बीच अब खुली जंग देखने को मिल रही है.

कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बीके हरिप्रसाद (B. K. Hariprasad) और केएच मुनियप्पा (K. H. Muniyappa) के नेतृत्व में रविवार को बेंगलुरु स्थित कांग्रेस दफ्तर के बाहर पार्टी नेताओं ने जमकर हंगामा किया. ये नेता राज्य में पार्टी की दुर्दशा की जिम्मेदारी तय करने और नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहे हैं. उनके निशाने पर पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश गुंडुराव थे. इस खुले विरोध प्रदर्शन से कुछ ही दिन पहले पार्टी बैठक में इन नेताओं के बीच हाथापाई तक की नौबत आ गई थी.

राज्य नेतृत्व के खिलाफ जोरशोर से उठने लगी आवाज़
राज्य में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार के ढहने और हालिया लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद पार्टी में राज्य नेतृत्व के खिलाफ जोरशोर से आवाज़ उठने लगी. विरोधी धड़ा सिद्धारमैया और राव की विदाई से कम पर तैयार नहीं दिख रहा. उनका आरोप है कि ये नेता पूरे राज्य नहीं, बल्कि एक तबके के ही नेता बनकर रह गए हैं.

सिद्धारमैया विपक्ष के नेता का पद बचाए रखने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं.
सिद्धारमैया विपक्ष के नेता का पद बचाए रखने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं.


हालिया लोकसभा चुनाव में कोलार सीट से शिकस्त खाए सात बार के सांसद तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री केएच मुनियप्पा का मानना है कि सिद्धारमैया फेल हो चुके हैं और उन्हें अब कांग्रेस विधायक दल के नेता पद से हट जाना चाहिए. वहीं पूर्व एआईसीसी महासचिव तथा सांसद बीके हरिप्रसाद ने राव के खिलाफ झंडा बुलंद कर रखा है. उनकी मांग है कि आलाकमान को राव की जगह दूसरे धड़े के किसी नेता को जिम्मेदारी देनी चाहिए.

खड़गे भी राज्य की सियासत में प्रवेश की कोशिश में
Loading...

उधर वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे भी राज्य की सियासत में प्रवेश की कोशिश में जुटे हैं. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, वह भी सिद्धारमैया से खुश नहीं हैं. पूर्व उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर भी आलाकमान से नाराज़गी के चलते पार्टी की बैठकों में शामिल नहीं हो रहे हैं.

इस बीच सिद्धारमैया आसानी से अपना पद छोड़ने के मूड में नहीं दिख रहे हैं और विपक्ष के नेता का पद बचाए रखने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं. वहीं खबर है कि ज्यादातर विधायक भी उनके समर्थन में हैं.

राज्य की सियासत पर करीबी नजर रखने वाले जानकारों की मानें यह राहुल गांधी और सोनिया गांधी के वफादारों के बीच की लड़ाई है. राहुल गांधी के अचानक इस्तीफे और फिर अध्यक्ष पद पर सोनिया गांधी की अचानक वापसी ने सोनिया के वफादारों को फिर से पैर जमाने का मौका दे दिया है.

ये भी पढ़ें- कर्नाटक के मंत्री बोले- मुसलमान अगर देशभक्त तो BJP को ही देंगे वोट

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 7, 2019, 2:20 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...