प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नजर अब तीन राज्यों के विधानसभा चुनावों पर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नजर अब तीन राज्यों के विधानसभा चुनावों पर
BJP आलाकमान को भरोसा है कि पीएम मोदी (Narendra Modi) का नाम और काम और अनुच्छेद 370 (Article 370 ) हटाना इन राज्यों में वोटर्स के बीच में ब्रह्मास्त्र का काम करेगा.

BJP आलाकमान को भरोसा है कि पीएम मोदी (Narendra Modi) का नाम और काम और अनुच्छेद 370 (Article 370 ) हटाना इन राज्यों में वोटर्स के बीच में ब्रह्मास्त्र का काम करेगा.

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  • Last Updated: September 6, 2019, 12:21 PM IST
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नई दिल्ली. जम्मू और कश्मीर (Jammu And Kashmir) से अनुच्छेद 370 (Article 370) समाप्त हुए एक महीना पूरा हो गया. पीएम मोदी ने पार्टी नेताओं को दो टूक कहा था कि कोई ताल नहीं ठोकेगा और खुद भी आगे बढ़ कर कश्मीर की जनता को विकास का संदेश दिया. पीएम मोदी यहीं नहीं रुके. दुनिया भर के देशों के राष्ट्राध्यक्षों से बात कर माहौल भारत के पक्ष में बनाया. आलम ये कि हर वक्त कश्मीर की रट लगाने वाला पाकिस्तान भीगी बिल्ली बना बैठा है.

दूसरी तरफ पीएम मोदी को एक ओर महात्मा गांधी की 150वीं जयंती (150th birth anniversary of Mahatma Gandhi) पर देश भर में चल रहे कार्यक्रमों की मॉनिटरिंग करनी है तो दूसरी ओर सिर्फ एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक से मुक्ति पर शुरु हुए अभियान को भी दिशा देनी है. ऐसे में राष्ट्रपति पुतिन (President Putin) के न्यौते पर व्लादीवोस्तॉक जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री मोदी वापस आते ही पार्टी और सरकार के कामों में लग जाएंगे.

तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं. ये राज्य हैं महाराष्ट्र, हरियाणा, और झारखंड. ऐसे तीन राज्य जहां पिछली बार तमाम अटकलबाजियों और राजनीतिक पंडितों को धता बताते हुए बीजेपी ने अपने दम पर जीत हासिल की थी. उसके बाद हुए लोकसभा चुनावों में भी बीजेपी ने इन तीन राज्यों में अपनी जीत का परचम लहराए रखा.



अब पांच साल बाद बीजेपी आलाकमान की जिम्मेदारी है इस जीत को दोहराने की. आलाकमान जानता है कि अनुच्छेद 370 हटाने का फैसला आम आदमी के अंदर तक धर गया है. इसलिए पूरी पार्टी लग गयी है देश भर में जन जागरण अभियान चलाने में ताकि लोगों को बताया जाए कि इसे हटाने का फैसला कितना सही था. जाहिर है ये चुनावों का एक बड़ा मुद्दा रहने वाला है.
अब बात बीजेपी की चुनावी तैयारियों की. 2019 लोकसभा चुनावों में जीत मिलते ही आलाकमान ने अपने कार्यकर्ताओं को आराम करने का वक्त नहीं दिया. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने एक के बाद एक तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों, पदाधिकारियों की बैठक बुला कर साफ कर दिया कि चुनावों के ऐलान होने का इंतजार नहीं करना है. इसलिए तमाम मुख्यमंत्री लग गए अपनी यात्रा निकालने में.

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(PTI Photo/Kamal Kishore)


महाराष्ट्र (Maharashtra )के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ( Chief Minister Devendra Fadnavis) यात्रा पर निकलने को हैं तो हरियाणा (Haryana) के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Chief Minister Manohar Lal Khattar) की यात्रा 8 सितंबर को पूरी होने वाली है. झारखंड  (Jharkhand) के मुख्यमंत्री रघुवर दास (Chief Minister Raghuvar Das) एक के बाद एक जिलों की यात्रा कर रहे हैं और एक बात दोहरा रहे हैं कि शासन तो पीएम मोदी के दिशा निर्देशों पर चल रहा है. यानि अजेंडा साफ है कि अब भी पीएम मोदी के नाम और काम पर ही राज्यों में वोट मांगे जाएंगे. इसलिए अब जबकि चुनावों के ऐलान में महज हफ्ते दस दिन बाकी हैं, पीएम मोदी की एक के बाद एक इन राज्यों में दौरा तय है.

इन दौरों में पीएम मोदी न सिर्फ सरकारी योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे बल्कि जन सभाओं को भी संबोधित करेंगे. यानि बीजेपी का चुनावी बिगुल बजाने की पूरी तैयारी बीजेपी ने कर ली है जिसे बजाने खुद पीएम इन राज्यों में जा रहे हैं.

महाराष्ट्र

7 सितंबर को पीएम मोदी महाराष्ट्र पहुंचेंगे. 11 बजे मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में एक बड़ा कार्यक्रम है. फिर 2 बजे औरंगाबाद में पीएम एक कार्यक्रम को संबोधित करेंगे जिसमे सेल्फ हेल्प से जुड़ी दो लाख महिलाओं को शामिल होने के लिए बुलाया है. 5 बजे नागपुर में मेट्रो का शुभारंभ पीएम मोदी के हाथों से होगा. यानि महाराष्ट्र के तीन इलाकों मुंबई, मराठवाड़ा और विदर्भ को पीएम मोदी अपने एक दिन के दौरे में कवर कर लेंगे. जाहिर है एक बार फिर पीएम मोदी, बीजेपी के ट्रंप कार्ड है जिसकी काट फिलहाल विपक्ष के पास नहीं है. महाराष्ट्र चुनावों की तैयारियां बीजेपी ने लोकसभा चुनावों के खत्म होने के बाद ही शुरु कर दी थी.

PTI


बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने आला पदाधिकारियों की बैठक भी ली. राज्य में बीजेपी महासचिव भूपेन्द्र यादव को राज्य चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया. बीजेपी महासचिव सरोज पांडे पहले ही बतौर प्रभारी महासचिव राज्य में काम कर रहीं थीं. उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव मोर्या को भी महाराष्ट्र का सहप्रभारी नियुक्त किया गया.

मुख्यमंत्री फडणवीस ने महाजनादेश यात्रा की शुरुआत कर दी. उधर अरसे से पीएम मोदी के खिलाफ मोर्चा खोले शिवसेना ने भी चुनावी समझौते के लिए हामी भर दी. ये बात और है कि अभी सीटों को लेकर कोई ऐलान नहीं हुआ है. लेकिन बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मिशन-220 का ऐलान पहले ही कर चुके हैं.

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हरियाणा

8 सितंबर को पीएम मोदी हरियाणा में होंगे और एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे. पिछले चुनावों में पीएम मोदी ने हरियाणा जीत मिलने के बाद मुख्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर को बनाकर एक कार्ड खेला था जो अब तक खुद को राजनीति का मंझा हुआ खिलाड़ी साबित कर चुके है. 8 सितंबर को ही खट्टर की यात्रा का समापन होगा. जाहिर है पीएम मोदी के साथ मंच साझा कर हरियाणा की जनता को संदेश दिया जाएगा कि भरोसा मोदी पर ही करें.

उधर कांग्रेस ने दलित को अध्यक्ष और जाट नेता को चुनाव समिति की कमान सौंप कर या साफ कर दिया है कि वो दलित-जाट कार्ड खेलेगी. लेकिन बीजेपी ने पिछले चुनावों का बाद ही साफ कर दिया था वो गैर जाट राजनीति के जरिए ही सफल होने की प्रक्रिया जारी रखेगी.

(PTI Photo/Kamal Kishore)


अमित शाह ने केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को चुनाव प्रभारी बना कर साफ कर दिया है तमाम नेताओं के बीच संतुलन बरकरार रहे. अमित शाह और कार्यकारी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के दौरे हो चुके हैं. और अब पार्टी अपने तय लक्ष्य मिशन-75 यानि 75 सीटों पर जीत के लिए एक बार फिर मोदी के नाम और काम का ही इस्तेमाल करेगी.

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झारखंड

आखिरी में बारी है झारखंड की. 12 सितंबर को पीएम मोदी झारखंड के दौरे पर रहेंगे. इस बार झारखंड में पार्टी ने मिशन-65 का लक्ष्य तय कर रखा है. पिछले चुनावों में बड़ी मशक्कत करने के बाद सरकार बनी थी और उम्मीदों के मुताबिक सीटें नहीं आयीं थी. इस बार आलाकमान कोई कसर नहीं छोडना चाहता है. इसलिए चुनावी बिगुल पीएम मोदी ही बजाएंगे.

रांची में पीएम मोदी झारखंड के सबसे बड़े पंचायत भवन का उद्घाटन करेंगे. साथ ही साहेबगंज के मल्टी मॉडल हब का उद्घाटन भी होगा जिसके शुरु होने पर जलमार्ग से लोग सस्ती दर पर माल की ढुलाई कर सकेंगे. ये ढुलाई बांग्लादेश, म्यांमार ससमेत कुछ अन्य देशों को भी हो सकेगी. पीएम किसान मानधन योजना की शुरुआत भी करेंगे.

(PTI Photo)


अपने पांच साल के कार्यकाल में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने एक ही बात बार बार दोहराई है और वो है कि मोदी जी के दिखाए रास्ते पर राज्य मे काम कर रहा हूं. लोकसभा चुनावों में भी सीएम रघुवर दास ने मोदी के नाम पर ही वोट मांगे थे और पार्टी भारी जीत पाने में सफल रही थी. इसलिए इस बार भी आलाकमान को भरोसा है कि एक बिखरा विपक्ष और पीएम मोदी पर वोटरों का भरोसा ही नैय्या पार लगाएगा.

आलाकमान को भरोसा है कि पीएम मोदी का नाम और काम और अनुच्छेद 370 हटाना इन राज्यों में वोटर्स के बीच में ब्रह्मास्त्र का काम करेगा. इसलिए इन तीन राज्यों में ऐसे लक्ष्य तय किए हैं जिसमें बीजेपी जीत के लिए आश्वस्त ही नजर आ रही है.

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