1 हफ्ते में शहीद हुए 10 सुरक्षाबलों के बाद कश्मीर में तेज हुई राजनीति, आमने-सामने आए नेता

जम्मू-कश्मीर की स्थानीय पार्टियां ये सवाल उठा रही हैं कि क्या 'ऑपरेशन ऑल आउट' बंद कर बातचीत करनी चाहिए. पढ़िए क्या है मोदी सरकार का जवाब?

अमित पांडेय | News18Hindi
Updated: June 19, 2019, 7:09 PM IST
1 हफ्ते में शहीद हुए 10 सुरक्षाबलों के बाद कश्मीर में तेज हुई राजनीति, आमने-सामने आए नेता
लगातार आतंकवादी हमलों को देखते हुए जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा पहले से भी ज्यादा कड़ी हो गई है.
अमित पांडेय
अमित पांडेय | News18Hindi
Updated: June 19, 2019, 7:09 PM IST
जम्मू कश्मीर में पिछले 1 हफ्ते में सेना, अर्धसैनिक बल और पुलिस के 10 जवान शहीद हो चुके हैं. इसके बाद कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसदों की मांग है कि बातचीत का सिलसिला शुरू होना चाहिए और ऑपरेशन ऑल आउट में नरमी बरती जानी चाहिए. जबकि बीजेपी की ओर से एक बार फिर यह दोहराया गया है कि आतंकवादियों के साथ कोई भी नरमी नहीं बरती जानी चाहिए, बीजेपी सांसदों का यह भी कहना है कि जो सुरक्षा बलों को देश की सुरक्षा के लिए मुनासिब लगता है उसी के मुताबिक मोदी सरकार की नीति है और उसी पर काम हो रहा है

नेशनल कॉन्फ्रेंस जो कि कश्मीर में प्रमुख राजनैतिक दलों में से एक है प्रदेश में उसके तीन सांसद हैं. पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, मोहम्मद अकबर लोन और एनसी बारामुला. सांसद एनसी बारामुला ने न्यूज18 इंडिया से खास बातचीत में कहा है जहां भी मौत होती है हमें दुख होता है, चाहे वह घाटी में हमारे लड़के हों या फिर सिक्योरिटी फोर्स के लोग. खून दोनों और बहता है पर दुख हमें होता है. हम यही चाहते हैं कि इस मामले में बातचीत शुरू हो कम से कम लोग बातचीत के लिए आगे तो आएं क्योंकि बातचीत नहीं होगी तो ऐसा ही होगा. भारत सरकार द्वारा कश्मीर में चलाए जा रहे ऑपरेशन ऑल आउट पर पार्टी के सांसद का कहना है ऑपरेशन ऑल आउट चलाया जा रहा है लेकिन इसका नतीजा क्या है क्या मौत थमीं है, नहीं. सरकार को बजाय गन पावर के बातचीत के लिए आगे आना चाहिए, कुछ खास हासिल नहीं हुआ है हमें ऑपरेशन ऑल आउट से.

अन्य नेता भी विरोध में

पार्टी के ही एक और सांसद हसनैन मसूदी जो कि अनंतनाग से चुने गए हैं उनका कहना है कि भारत सरकार को बातचीत के लिए आगे आना चाहिए नहीं तो मौत का यह सिलसिला नहीं रुकेगा. इस ऑपरेशन को रोका जाना चाहिए. ऑपरेशन ऑल आउट के कारण दोनों ओर से मौतें हो रही हैं. अनंतनाग देश की वहीं लोकसभा सीट है जहां पर 3 चरणों में मतदान हुआ था. यहीं पर पुलवामा हमला भी हुआ था जिसमें 40 सीआरपीएफ के जवान शहीद हुए थे और इसी लोकसभा सीट के अंतर्गत अवंतीपुरा और शोफिया जैसे संवेदनशील इलाके आते हैं.

मोदी सरकार का सीधा जवाब

हालांकि, इस मामले में केंद्र सरकार में बीजेपी के सांसदों की राय बिल्कुल अलग है. मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर और बीजेपी सांसद सत्यपाल सिंह का कहना है कि आतंकवाद पर कतई भी नरमी बरती नहीं जा सकती. पिछली कांग्रेस सरकार की पॉलिसी की वजह से ही कश्मीर में आज ऐसे हालात हैं. बातचीत के मसले पर पूर्व केंद्रीय मंत्री का यह भी कहना है कि बातचीत तभी शुरू होनी चाहिए जब आतंक रुके और आतंक को रोकने के लिए उसका मुंहतोड़ जवाब हमारी सरकार दे रही है. इलाहाबाद से बीजेपी सांसद रीता बहुगुणा जोशी के मुताबिक यह दोनों देशों की सरकारों का फैसला होगा लेकिन जो भी हमारी सरकार कर रही है वह सेना और सुरक्षा बलों के मुताबिक ही कर रही है.

चाहे नेशनल कॉन्फ्रेंस हो या फिर पीडीपी, कश्मीर की दोनों ही पार्टियां शुरू से ही ऑपरेशन ऑल आउट की खिलाफत करती रही हैं, लेकिन घाटी में लगातार सुरक्षाबलों के ऊपर हो रहे आतंकी हमले के बाद यह ऑपरेशन लगातार जारी है जिससे पिछले कुछ महीनों में आतंकियों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है. केंद्र में वापस लौटी मोदी सरकार ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि ऑपरेशन ऑल आउट आने वाले दिनों में जारी रहेगा और आतंक के खिलाफ भारत सरकार की सख्त नीति कश्मीर में पुख्ता तरीके से लागू होती रहेगी.
First published: June 19, 2019, 7:09 PM IST
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