सीवर सफाई के दौरान अब नहीं होगी मजदूरों की मौत, बजट में मोदी सरकार ने उठाया ये कदम

लोकसभा में बजट 2019 के दौरान केन्द्र सरकार ने ऐसी मौतों को रोकने के लिए एक नया कदम उठाया है.

News18Hindi
Updated: July 5, 2019, 1:24 PM IST
सीवर सफाई के दौरान अब नहीं होगी मजदूरों की मौत, बजट में मोदी सरकार ने उठाया ये कदम
सांकेतिक फोटो.
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Updated: July 5, 2019, 1:24 PM IST
मेनेहोल (सीवर) की सफाई के दौरान देशभर में सैकड़ों मजदूरों की मौत हो जाती है. देश क राजधानी दिल्ली भी इस तरह की घटनाओं से अछूती नहीं है. इन मौतों पर सरकारें हर साल करोड़ों रुपये का मुआवजा भी देती हैं. लेकिन अब मेनहोल की सफाई के दौरान मजदूरों की मौत नहीं होगी. लोकसभा में बजट 2019 के दौरान केन्द्र सरकार ने ऐसी मौतों को रोकने के लिए एक नया कदम उठाया है.

बजट पेश करते हुए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सीवर की सफाई मशीनों या रोबोट से कराने के लिए मदद दी जाएगी. मशीन और रोबोट खरीदने के लिए बैंक लोन देंगी. जल्द ही इस योजना को और विस्तृत किया जाएगा.

गौरतलब रहे कि अकेले वर्ष 2017 में देशभर में 96 कर्मचारियों की मौत हो गई थी. दिल्ली की बात करें तो एक साल में 17 सफाई कर्मियों की मौत हुई थी. वहीं पांच सालों में अकेले दिल्ली में ही 74 सफाईकर्मियों की मौत सीवर और सेप्टिक टैंकों की सफाई के दौरान हुई थी.

एक सरकारी सर्वे के अनुसार देश के 12 राज्यों के 121 जिलों में 53 हजार 236 लोग मैला ढोने यानी मैनुअल स्कैवेंजर के काम में लगे हुए हैं. जिसमें से उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 28 हजार 796 मैनुअल स्कैवेंजर रजिस्टर्ड हैं. राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अनुसार सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन है कि सीवर सफाई के दौरान मौत होने पर कर्मचारी को 10 लाख रुपये देने का नियम है.

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First published: July 5, 2019, 1:24 PM IST
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