NRC की अंतिम सूची से बाहर हुए असम के लोग आज से फॉरनर्स ट्रिब्‍यूनल में कर सकते हैं आवेदन

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Updated: September 2, 2019, 8:48 PM IST
NRC की अंतिम सूची से बाहर हुए असम के लोग आज से फॉरनर्स ट्रिब्‍यूनल में कर सकते हैं आवेदन
गृह मंत्रालय के प्रवक्‍ता ने ट्वीट किया कि असम के प्रभावित लोगों के लिए 31 अगस्‍त से 120 दिन के भीतर फॉरनर्स ट्रिब्‍यूनल में आवेदन करने की न्‍यायिक प्रक्रिया उपलब्‍ध है.

गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने ट्वीट किया कि असम सरकार एनआरसी की अंतिम सूची (Final List of NRC) से बाहर हुए लोगों को कानूनी मदद (Legal Aid) मुहैया कराने के लिए जरूरी इंतजाम कर चुकी है.

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असम के नेशनल रजिस्‍ट ऑफ सिटिजंस (NRC) में शामिल नहीं हुए लोग आज से 200 नए फॉरनर्स ट्रिब्‍यूनल (foreigners' Tribunals) में आवेदन कर सकते हैं. गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने ट्वीट कर बताया कि ऐसे लोगों के पास 31 अगस्‍त से 120 दिन का समय है. इस दौरान वे अपनी नागरिकता साबित करने के लिए उपलब्‍ध उपायों का इस्‍तेमाल कर सकते हैं. गृह मंत्रालय के प्रवक्‍ता ने ट्वीट किया कि असम के प्रभावित लोगों के लिए 31 अगस्‍त से 120 दिन के भीतर फॉरनर्स ट्रिब्‍यूनल में आवेदन करने की न्‍यायिक प्रक्रिया उपलब्‍ध है. इसके लिए आज यानि सोमवार से 200 नएट्रिब्‍यूनल का संचालन शुरू किया गया है. इसके अलावा 100 ट्रिब्‍यूनल पहले से ही उपलब्‍ध हैं. बता दें कि रविवार को विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) ने भी यही जानकारी दी थी.

हिरासत में नहीं लिए जाएंगे सूची से बाहर हुए लोग
विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता रवीश कुमार (Raveesh Kumar) ने रविवार को कहा था कि एनआरसी की अंतिम सूची में शामिल नहीं किए गए असम के नागरिकों के अधिकारों पर कोई असर नहीं पड़ेगा. अंतिम सूची से बाहर हुए लोगों को हिरासत में नहीं लिया जाएगा. कानून के तहत उपलब्‍ध सभी उपायों का इस्‍तेमाल करने तक उनके अधिकार पहले की तरह बरकरार रहेंगे. एनआरसी 24 मार्च, 1971 या उससे पहले से असम में रहने वाले वास्‍तविक भारतीय नागरिकों (Indian Citizens) की पहचान करने के लिए बनाया जा रहा है.

असम सरकार ने कानूनी मदद के इंतजाम किए पूरे
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एनआरसी के जरिये गैरकानूनी तरीके से सूबे में रहने वाले प्रवासी बांग्‍लादेशियों (Illegal Migrants of Bangladesh) की भी पहचान की जाएगी. बता दें कि 3.3 करोड़ आवेदकों में से 19 लाख लोग एनआरसी की अंतिम सूची (Final List) से बाहर हो गए हैं. एनआरसी की अंतिम सूची शनिवार को जारी की गई थी. गृह मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि असम सरकार (Assam Government) ने अंतिम सूची में शामिल नहीं किए गए लोगों को कानूनी मदद मुहैया कराने के सभी इंतजाम कर लिए हैं. नागरिकता सूची से बाहर हुए लोगों को अगले 120 दिन के भीतर ट्रिब्‍यूनल में दस्‍तक देनी होगी.

छह जगह की जेलों को बनाया गया है डिटेंशन कैंप
रवीश कुमार ने बताया था कि ट्रिब्‍यूनल न्‍यायिक प्रक्रिया के तहत सभी आवेदन और बाहर किए गए लोगों के मामलों का परीक्षण करेगा. यह न्‍यायिक प्रक्रिया आवेदन अवधि खत्‍म होने के बाद शुरू होगी. ट्रिब्‍यूनल के फैसले से असंतुष्‍ट लोग असम हाईकोर्ट (Assam High Court) और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का दरवाजा खटखटा सकते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्‍य में अवैध रूप से रहने वाले लोगों के लिए डिटेंशन कैंप तैयार कर लिए गए हैं. फिलहाल ऐसे कैंप गोलपारा, डिब्रूगढ़, जोरहाट, सिलचर, कोकराझार और तेजपुर में बनाए गए हैं. इन जगहों पर मौजूद जेलों को कैंप में तब्‍दील कर दिया गया है.

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First published: September 2, 2019, 6:07 PM IST
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