NRC संयोजक प्रतीक हजेला के खिलाफ दो FIR दर्ज

राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) की अंतिम सूची में विसंगतियों के लिए एनआरसी के असम संयोजक प्रतीक हजेला (prateek hajela) के खिलाफ दो प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं.

भाषा
Updated: September 5, 2019, 4:39 PM IST
NRC संयोजक प्रतीक हजेला के खिलाफ दो FIR दर्ज
राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) की अंतिम सूची में विसंगतियों के लिए एनआरसी के असम संयोजक प्रतीक हजेला के खिलाफ दो प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं.
भाषा
Updated: September 5, 2019, 4:39 PM IST
राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) की अंतिम सूची में विसंगतियों के लिए एनआरसी के असम संयोजक प्रतीक हजेला (Prateek Hajela) के खिलाफ दो प्राथमिकियां ( FIR) दर्ज की गई हैं. पुलिस ने गुरुवार को बताया कि एक वकील और मुस्लिम छात्र संगठन अखिल असम गोरिया-मोरिया युवा छात्र परिषद ने डिब्रूगढ़ और गुवाहाटी में हजेला के खिलाफ अलग-अलग प्राथमिकियां दर्ज करायी हैं.

पुलिस ने बताया कि चंदन मजूमदार ने बुधवार को डिब्रूगढ़ पुलिस थाने में हजेला के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी. उनका नाम एनआरसी की अंतिम सूची में नहीं है. मजूमदार ने आरोप लगाया कि उन्होंने सभी दस्तावेज दिए थे लेकिन कर्मचारियों की अक्षमता और आपराधिक षडयंत्र के कारण एनआरसी की अद्यतन सूची में उनका नाम शामिल नहीं किया गया.

NRC में जानबूझ कर गड़बड़ करने का आरोप
छात्र परिषद ने गुवाहाटी के लतासिल थाने में मंगलवार को राज्य के संयोजक के खिलाफ एक अन्य शिकायत दर्ज करायी. शिकायत में अंतिम सूची में जानबूझकर विसंगतियों का दावा किया गया. छात्र संगठन द्वारा दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है, 'सूची में कई मूल निवासियों के नाम शामिल नहीं किए गए और यह एनआरसी के प्रदेश संयोजक ने जानबूझकर किया.'



हालांकि, पुलिस ने अभी दूसरी प्राथमिकी के आधार पर मामला दर्ज नहीं किया है. हजेला की टिप्पणियां नहीं मिल पायी क्योंकि उच्चतम न्यायालय ने उन्हें मीडिया से बातचीत करने से रोक रखा है. गुवाहाटी के गीतानगर थाने में एनजीओ असम लोक निर्माण कार्य (एपीडब्ल्यू) ने तीन घोषित विदेशियों के खिलाफ तीसरी शिकायत दायर की है जिनके नाम एनआरसी की अंतिम सूची में हैं. एपीडब्ल्यू उच्चतम न्यायालय में मूल याचिकाकर्ता है जिसके चलते छह साल पहले एनआरसी का अद्यतन हुआ था.

केंद्र ने स्पष्ट की है प्रक्रिया
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बता दें कि केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) की अंतिम सूची में जिन लोगों का नाम नहीं है उन्हें तब तक हिरासत में नहीं लिया जाएगा जब तक उनके सभी कानूनी विकल्प खत्म नहीं हो जाते. गृह मंत्रालय ने एक बयान में यह भी कहा कि अंतिम एनआरसी में जिन लोगों का नाम नहीं है ऐसे जरुरतमंद लोगों की मदद के लिये असम सरकार ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के जरिये आवश्यक इंतजाम किये हैं.

गृह मंत्रालय के बयान के मुताबिक, 'जिन लोगों का नाम अंतिम एनआरसी में नहीं हैं उन्हें किसी भी सूरत में तब तक गिरफ्तार नहीं किया जाएगा जब तक कि कानून के तहत उन्हें मिले सभी विकल्प खत्म नहीं हो जाते.' इसमें कहा गया है कि ऐसे नागरिकों के पूर्व की तरह सभी अधिकार बरकरार रहेंगे जैसे कि किसी दूसरे नागरिक को मिलते हैं. इसमें रोजगार, शिक्षा और संपत्ति का अधिकार शामिल है.

120 के भीतर साबित करना होगा
गृह मंत्रालय ने कहा कि 31 अगस्त को प्रकाशित अंतिम एनआरसी में जिन लोगों के नाम नहीं हैं उनके पास सूची के प्रकाशन के 120 दिनों के अंदर विदेशी न्यायाधिकरण (एफटी) में अपील करने के लिये पर्याप्त न्यायिक प्रक्रिया उपलब्ध है. इसमें कहा गया कि आवेदनों पर सुनवाई के लिये सोमवार से 200 नए एफटी काम करेंगे जो पहले से मौजूद 100 एफटी के अतिरिक्त हैं.

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First published: September 5, 2019, 4:10 PM IST
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