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आपके बर्गर में मीट के साथ अन्य अंग भी हैं शामिल? नई तकनीक लगाएगी पता... बड़े काम की है वैज्ञानिकों की नई खोज

भारतीय वैज्ञानिकों ने मिश्रित ऑफल मांस या जिबलेट की पहचान करने के लिए एक अनूठी तकनीक विकसित की है. (File Photo)

भारतीय वैज्ञानिकों ने मिश्रित ऑफल मांस या जिबलेट की पहचान करने के लिए एक अनूठी तकनीक विकसित की है. (File Photo)

New tech to spot offal meat: अक्सर अधिक कमाई करने के लिए स्केलेटल मीट (Skeletal Meat) को सस्ते ऑफल मांस से बदल दिया जात ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

NRCM ने ऑफल मांस या जिबलेट की पहचान के लिए अनूठी तकनीक विकसित की
वैज्ञानिकों ने अपने शोध में बर्गर, नगेट्स और खीमा में 5% ऑफल मीट मिलाने का पता लगाया
इस तकनीक से किसी भी नमूने में ऑफल मांस के 5% मिश्रण का पता लगा सकते हैं

हैदराबाद. जब कभी आप चिकन बर्गर, कटलेट या कुछ भी नॉन वेज (Non Veg Products) प्रोडक्ट खाते हैं तो आपको आश्चर्य हो सकता है कि उसमें स्केलेटल मीट के अलावा ऑफल (किसी भी जानवर के ऑर्गन जैसे लीवर, जीभ, गुर्दा) मीट भी मौजूद होता है. हालांकि अब भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत कार्य करने वाले हैदराबाद स्थित नेशनल रिसर्च सेंटर ऑन मीट (NRCM) ने कंकाल के मांस के साथ मिश्रित ऑफल मांस या जिबलेट की पहचान करने के लिए एक अनूठी तकनीक विकसित की है.

TOI के अनुसार एनआरसीएम के वैज्ञानिकों ने अपने शोध में बर्गर, नगेट्स और खीमा में 5% ऑफल मीट मिलाने का पता लगाया है. पश्चिम में, किसी भी बर्गर या नगेट लेबल में इस्तेमाल किए गए चिकन या मेमने के प्रत्येक अंग का उल्लेख होता है, लेकिन भारत में इस तरह का वर्गीकरण नहीं किया जाता. एनआरसीएम के वैज्ञानिकों ने एम आर विष्णुराज के नेतृत्व में मांस को अलग करने के लिए एक माइक्रो आरएनए (microRNA) तकनीक विकसित की. विशुराज ने समझाया कि डीएनए-आधारित विधियां इस प्रकार की अंतर-प्रजाति की मिलावट का पता लगाने में सक्षम नहीं होती. हालांकि माइक्रो आरएनए तकनीक से यह पता लगाया जा सकता है कि बर्गर, नगेट या खीमा किस अंग के साथ मिलकर बनाया गया है.

आपको बता दें कि अक्सर अधिक कमाई करने के लिए स्केलेटल मीट को सस्ते ऑफल मांस से बदल दिया जाता है. इससे खाद्य पदार्थों में मिलावट होती है. वैज्ञानिकों ने तकनीक पर अधिक जोर देते हुए कहा कि उन्होंने चिकन मीट में ऑफल की उपस्थिति का पता लगाने के लिए टिश्यू आधारित miRNA बायोमार्कर का उपयोग किया. माइक्रो आरएनए अणुओं के एक परिवार का नाम है, जो कोशिकाओं को उनके द्वारा बनाए जाने वाले प्रोटीन के प्रकार और मात्रा को नियंत्रित करने में मदद करता है. अब वैज्ञानिक किसी भी नमूने में ऑफल मांस के 5% मिश्रण का पता लगा सकते हैं.

Tags: Healthy food, New Study, Research

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