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केरल: विपक्षी नेता रमेश चेन्निथला बोले-चुनावों में फर्जी मतदाताओं की संख्‍या चौंकाने वाली

कांग्रेस नेता रमेश चेन्नितला ने कहा है कि केरल चुनावों में फर्जी मतदाताओं की संख्‍या चौंकाने वाली है.

कांग्रेस नेता रमेश चेन्नितला ने कहा है कि केरल चुनावों में फर्जी मतदाताओं की संख्‍या चौंकाने वाली है.

Kerala Assembly Elections: चेन्नितला ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘चुनाव आयोग ने अदालत में कहा कि केवल 38,586 डीएसई ही हैं. यह बड़ी चौंकाने वाली बात है. फर्जी मतदाता राज्यभर में मतदाता सूचियों में जोड़े गये हैं.’’

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 31, 2021, 6:08 PM IST
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हरिपाद (केरल). वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्नितला ने बुधवार को चुनाव आयोग के इस निष्कर्ष पर आश्चर्य जताया कि केरल में मतदाता सूचियों में एक ही मतदाता की एक से अधिक प्रविष्टियों के मामले (डीएसई) बस 38,586 ही हैं. विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया था कि मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण से साबित होगा कि 4,34,042 से अधिक फर्जी मतदाता हैं.

उनकी इस प्रतिक्रिया से एक दिन पहले चुनाव आयोग ने केरल उच्च न्यायालय को बताया था कि उसके सघन विश्लेषण से मतदाता सूचियों में 3,16,671 प्रविष्टियों में से केवल 38,586 डीएसई की पहचान हुई. चुनाव आयोग ने कहा कि राजनीतिक दलों से मिले आंकड़ों के विश्लेषण के बाद उसे 38,586 डीएसई मिले.

यह चुनाव प्रक्रिया में गला घोंटने जैसा है
चेन्नितला ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘चुनाव आयोग ने अदालत में कहा कि केवल 38,586 डीएसई ही हैं. यह बड़ी चौंकाने वाली बात है. फर्जी मतदाता राज्यभर में मतदाता सूचियों में जोड़े गये हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘140 निर्वाचन क्षेत्रों में मैंने फर्जी मतदाताओं के बारे में 4,34,000 शिकायतें दर्ज करायीं हैं. मैं उस पर अडिग हूं.’’ उन्होंने कहा कि बहुप्रविष्टियों का विषय कोई छोटा-मोटा नहीं है बल्कि यह चुनाव प्रक्रिया का गला घोंटने जैसा है.
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उच्च न्यायालय ने चुनाव आयोग को यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया कि जिन मतदाताओं के नाम विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में अलग अलग मतदाता सूचियों में हैं, वे मतदाता छह अप्रैल को विधानसभा चुनाव में एक एक वोट ही डालें. अदालत ने चेन्नितला के आवेदन पर यह निर्देश दिया. इस आवेदन में फर्जी और बहुप्रविष्टियां वाले मतदाता पर चुनाव में हिस्सा लेने से रोक लगाने का अनुरोध किया गया था. केरल की सभी विधानसभा सीटों पर 6 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे, जबकि मतों की गिनती 2 मई को होगी.

मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) टीका राम मीना ने कहा कि इस तरह के कुछ मामले सामने आने के बाद प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है. सीईओ मीना ने मीडिया से कहा, "हमने राज्य की सभी 140 विधानसभा क्षेत्रों में विस्तृत जांच के लिए कहा है. जिलाधिकारियों की प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक हमने पाया कि कई मतदाताओं के नाम दो जगह शामिल हैं.

कोट्टायम में 1600 ऐसे मामलों की जांच की गई थी, जिसमें से 590 मतदाताओं के नाम दो बार लिस्ट में शामिल थे. त्रिशूर में तो सभी 570 मामलों में यही स्थिति पाई गई. पलक्कड़ में 2004 केस ऐसे आए हैं और करीब 800 मामले ऐसे हैं जिनकी मतदाता सूची में कई बार नाम शामिल हैं."
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