2020 में देश के 116 जिलों में नहीं सामने आए मलेरिया के मामले, हर्षवर्धन ने जारी किए आंकड़े

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  • Last Updated: April 24, 2021, 4:00 AM IST
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नई दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन (Union Health Minister Harsh Vardhan) ने शुक्रवार को बताया कि वर्ष 2020 में देश के 116 जिलों में मलेरिया के मामलों की संख्या शून्य रही. उन्होंने कहा कि देश ने इस बीमारी के बोझ को उल्लेखनीय रूप से कम किया है और मरीजों के मामले में 84.5 प्रतिशत और मौतों के मामलों में 83.6 प्रतिशत कमी आयी है.

हर्षवर्धन ने कहा कि इस संबंध में देश की उपलब्धि को वर्ष 2018, 2019 और 2020 की विश्व मलेरिया रिपोर्ट में भी स्वीकार किया गया है. हर्षवर्धन ने मलेरिया उन्मूलन के लिए ‘रीचिंग जीरो’ मंच की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये अध्यक्षता करते हुए कहा कि 25 अप्रैल को हर साल विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है.

स्वास्थ्य मंत्री ने दी मंच को दी बधाई

स्वास्थ्य मंत्रालय ने यहां जारी बयान में कहा कि इस साल का विषय ‘शून्य मलेरिया लक्ष्य पर पहुंचना’ है. स्वास्थ्य मंत्री ने मंच को भी इस साल यह विषय चुनने के लिए बधाई दी और कहा कि विशेष तौर पर भारत के संदर्भ में यह महत्वपूर्ण है. देश राष्ट्रीय स्तर पर मलेरिया के उन्मूलन के लिए काम कर रहा है और स्वास्थ्य व जीवन स्तर सुधारने एवं गरीबी उन्मूलन में योगदान कर रहा है.
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मलेरिया से बचाव के तरीके



चूंकि, ये बीमारी मच्‍छर के काटने से होती है इसलिए बच्‍चें को मच्‍छरों से दूर रखें. घर के आसपास पानी न भरने दें. बारिश के मौसम में किसी भी कंटेनर आदि में पानी जमा न होने दें. कूलर को साफ रखें.

बच्‍चे को हल्‍के रंग के कपड़े पहनाएं. गहरे रंग के कपड़ों पर मच्‍छर जल्‍दी आते हैं. पूरी बाजू के कपड़े पहनाकर रखें. जितना हो सके ठंडी जगह या ए.सी में रहें.

मच्‍छर मारने की दवाओं का इस्‍तेमाल करें और सोते समय मॉस्‍किटो नैट लगाएं. लेमनग्रास, सिट्रोनैला, नीम, लैवेंडर और यूकेलिप्‍टस जैसे एसेंशियल ऑयल का भी प्रयोग कर सकते हैं.
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