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बिशप और पादरियों द्वारा किए गए यौन उत्पीड़न पर नन लिख रही आत्मकथा, कहा- सब जानते हैं कारनामे, लेकिन चुप रहते हैं

News18Hindi
Updated: December 3, 2019, 1:57 PM IST
बिशप और पादरियों द्वारा किए गए यौन उत्पीड़न पर नन लिख रही आत्मकथा, कहा- सब जानते हैं कारनामे, लेकिन चुप रहते हैं
सिस्टर लूसी ने दावा किया यह ऐसा सच है जो सबको पता लेकिन कोई कुछ बोलता नहीं.

सिस्टर लूसी ने कहा कि वह यह किताब साल 2004 से ही लिख रही हैं. उनके भी साथ कुछ कड़वे अनुभव हैं.

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  • Last Updated: December 3, 2019, 1:57 PM IST
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तिरवनंतपुरम. रेप के आरोप का सामना कर रहे बिशफ फ्रैंको मुल्क्कल  (Franco Mulakkal) के खिलाफ आंदोलन चला रही नन ने कहा है कि वह पादरियों और बिशप के द्वारा किए जा रहे यौन हिंसा के खिलाफ आत्मकथा लिखेंगी. उन्होंने कहा कि 'हर कोई इस बारे में जानता है लेकिन चुप रहता है.' सिस्टर लूसी कलपपुरा ने कहा कि उनकी किताब का नाम होगा 'कार्तविनेते नमथिल' (भगवान के नाम पर) होगा.

कलपपुरा ने समाचार एजेंसी ANI को बताया, 'यह किताब जीवन के अनुभवों और यौन शोषण और पुजारियों और बिशप द्वारा ननों के उत्पीड़नों के बारे में होगी. एक ऐसा तथ्य है, जिसके बारे में हर कोई जानता है, लेकिन चुप है.'

सिस्टर ने कहा कि 'मैंने इसे 2004-05 में लिखना शुरू किया था, क्योंकि 2000-03 के दौरान मेरा अनुभव बहुत ही खराब रहा. मुझे लगा कि इन सबका रिकॉर्ड रखना बेहतर होगा. इसलिए मैंने थोड़ा लिखना शुरू किया.'

'यह ईसा मसीह की शिक्षाओं के खिलाफ...'

उन्होंने कहा कि यौन शोषण के पीड़ितों ने अब आरोपियों का समर्थन करना शुरू कर दिया है. सिस्टर ने कहा कि 'यह ईसा मसीह की शिक्षाओं के खिलाफ है. इससे मुझे दुख हुआ और मुझे लगा कि जो भी हो रहा है इसे प्रकाशित किया जाना चाहिए.'

सिस्टर लुसी को 'गंभीर उल्लंघनों' के लिए इस साल अगस्त में फ्रांसिस्कन क्लेरिस्ट कांग्रेगेशन (एफसीसी) द्वारा निष्कासित कर दिया गया था. उस पर लोन पर कार खरीदने, ड्राइविंग लाइसेंस रखने, किताब प्रकाशित करने और अपने वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति के बिना पैसा खर्च करने का आरोप था. हालांकि उन्होंने कहा कि कई आरोप जानबूझकर लगाए गए.

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First published: December 3, 2019, 12:55 PM IST
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