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'ईद पर मुझे जय श्री राम के मैसेज मिलते हैं'- ट्रोलिंग, टीएमसी और तुष्टीकरण पर यह बोलीं नुसरत जहां

News18 को दिए इंटरव्यू में नुसरत जहां ने तमाम सवालों के जवाब दिए.
News18 को दिए इंटरव्यू में नुसरत जहां ने तमाम सवालों के जवाब दिए.

न्यूज 18 को दिए एक इंटरव्यू में नुसरत जहां ने बशीरहाट हिंसा, टीएमसी पर अल्पसंख्यकों के तुष्टिकरण का आरोप, लिंचिंग और जय श्री राम जैसे तमाम मुद्दों पर बात की.

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टीएमसी सांसद नुसरत जहां लोकसभा चुनाव जीतने के बाद से लगातार चर्चाओं में हैं. नुसरत जहां ने बशीरहाट सीट पर करीब 3.5 लाख वोटों से जीत दर्ज की. उन्होंने बीजेपी के सायांतम बासु और कांग्रेस के काजी अब्दुर रहीम को हराकर टीएमसी के ताकतवर नेता इदरीस अली की जगह ली. हालांकि जीत के साथ ही नुसरत जहां विवादों में घिरती दिखीं. जैन परिवार में शादी करने से लेकर रथ यात्रा में हिन्दू रीति-रिवाज में भाग लेने तक ऐसे कई मामले रहे जब नुसरत जहां की खूब चर्चा हुई.

न्यूज 18 को दिए एक इंटरव्यू में नुसरत जहां ने बशीरहाट हिंसा, टीएमसी पर अल्पसंख्यकों के तुष्टीकरण का आरोप, लिंचिंग और जय श्री राम जैसे तमाम मुद्दों पर बात की. उन्होंने ये भी बताया कि वह ट्रोल्स का किस प्रकार सामना करती हैं और आने वाले पांच सालों में उनकी क्या योजना है.

मैं नेता बनने के लिए बनी थी
नुसरत जहां से ये पूछे जाने पर कि इतनी कम उम्र में सांसद बनने पर उन्हें कैसा महसूस हो रहा है तो उन्होंने बताया, 'टीएमसी के लोकसभा उम्मीदवारों की सूची में अपना नाम देखकर मुझे सुखद आश्चर्य हुआ था, लेकिन अब मुझे महसूस होता है कि मैं नेता बनने के लिए बनी थी.'
नुसरत जहां ने बताया कि शुरुआत में उन्हें कुछ झटके लगे, लेकिन लोगों के साथ-साथ सीएम को उन पर बहुत भरोसा है. उन्होंने कहा कि यह बड़ी जिम्मेदारी है और मैं अब भी सीख रही हैं. जल्दी मैं जनहित के मामलों पर सवाल उठाना शुरू करुंगी.



किससे शादी करूं ये मेरी पसंद
कपड़ों को लेकर ट्रोलिंग के मुद्दे पर नुसरत जहां ने कहा कि मैं ट्रोलर्स को महत्व नहीं देना चाहती थी, इसलिए मैंने उन्हें जवाब नहीं दिया. उन्होंने कहा कि इस दौरान संसद में मेरे साथी मेरे साथ थे. इसके साथ ही कपड़े और शादी को उन्होंने अपनी व्यक्तिगत पसंद बताया. नुसरत ने कहा, "किसी को इस बात को भी देख लेना चाहिए की एक सांसद के अलावा मैं एक इंसान भी हूं और ये मेरी पसंद है कि मुझे क्या पहनना है और किससे शादी करनी है."



अल्पसंख्यकों की भलाई तुष्टीकरण नहीं
टीएमसी द्वारा अल्पसंख्यकों के तुष्टीकरण पर नुसरत जहां ने कहा कि क्या अल्पसंख्यकों की भलाई के लिए काम करना तुष्टीकरण है? उन्होंने कहा कि मैं नहीं जानती कि अल्पसंख्यकों के लिए काम करना तुष्टीकरण कैसे होता है. नुसरत जहां ने टीएमसी को धर्मनिरपेक्ष पार्टी बताया और कहा कि मुझे न तो किसी ने रथ यात्रा में जाने के लिए कहा और न ही सिंदूर लगाने के लिए.

बशीरहाट में स्थिति सामान्य
बशीरहाट में चुनाव नतीजों के बाद बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच हिंसा की कई घटनाओं की खबर सामने आई थी. जब इस पर सवाल पूछा गया तो नुसरत जहां ने कहा कि बशीरहाट कभी 'जल' नहीं रहा था, ये सिर्फ मीडिया का भ्रम है. उन्होंन कहा कि हां कुछ गड़बड़ियां थी, जिन्हें संभाल लिया गया. उन्होंने कहा कि बशीरहाट में लोग शांति से रह रहे हैं.

ईद पर मिलता है 'जय श्री राम' का मैसेज
वहीं लोगों से जबरन 'जय श्री राम' बुलवाए जाने की खबरों पर नुसरत कहती हैं, 'भगवान का नाम लेने या धार्मिक नारा लगाने में कोई गलत बात नहीं है. धर्म व्यक्ति की पहचान का एक अहम हिस्सा होता है. यह अहम है और इसे व्यक्त करना भी स्वीकार्य होना चाहिए. लेकिन इसे लेकर किसी पर जोरजबर्दस्ती करना या उकसाना गलत है. ईद भी पर मुझे हजारों ऐसे मैसेज मिलते हैं, जिनमें ईद मुबारक की जगह जय श्री राम लिखा होता है. मैं उन्हें नजरअंदाज करने की कोशिश करती हूं. इसका जवाब देने से इस तरह की सांप्रदायिक नफरत को और बढ़ावा मिलता है.'

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