लाइव टीवी
Elec-widget

कुत्ते के चार बच्चों को कुचलने वाले कैब ड्राइवर की गिरफ्तारी पर ओडिशा में बहस

News18Hindi
Updated: November 19, 2019, 9:08 PM IST
कुत्ते के चार बच्चों को कुचलने वाले कैब ड्राइवर की गिरफ्तारी पर ओडिशा में बहस
ओडिशा में कुत्ते के चार बच्चों की मौत के बाद राज्य भर में बहस छिड़ी हुई है.

करीब 10 सालों से गाड़ी चला रहे गिरि ने कहा कि कुत्ते के चारों बच्चे और उनकी मां सड़क पर बैठे हुए थे. मैंने गाड़ी धीमी की और उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की. लेकिन वो पिल्ले अपनी जगह से उठे और सड़क पार करने लगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 19, 2019, 9:08 PM IST
  • Share this:
(आनंद एसटी दास)


भुवनेश्वर. भुवनेश्वर (Bhubaneswar) में कुत्ते के चार बच्चों को पहिये के नीचे कुचलने वाले ड्राइवर की गिरफ्तारी के बाद वाहन चालकों के अधिकारों और सड़कों पर आवारा घूमने वाले पशुओं के द्वारा पैदा हुए खतरे को लेकर राज्य भर में एक बहस छिड़ गयी है.

पशु कल्याण पर काम करने वाली एक एनजीओ 'पीपल फॉर एनिमल' (People For Animal) के द्वारा रविवार को ड्राइवर के खिलाफ औपचारिक एफआईआर दर्ज़ कराई गयी थी. इसके बाद पुलिस ओला टैक्सी सर्विस (Ola Taxi Service) के ड्राइवर कान्हू चरण गिरि को सोमवार को गिरफ्तार करने के बाद भुवनेश्वर के चन्द्रशेखरपुर पुलिस स्टेशन लेकर आयी.

महिला ने देखी थी पूरी घटना
शिकायत के अनुसार 35 वर्षीय गिरि ने टाटा बोल्ट कार चलाते समय रविवार की सुबह शैलश्री विहार में हाइलैंड रेजिडेंट अपार्टमेंट के सामने सड़क पर कुत्ते के चार बच्चों को कुचल दिया था. शिकायत में यह भी दर्ज़ है कि अपार्टमेंट के सिक्योरिटी गार्ड और एक महिला ने यह घटना अपनी आंखों से देखी और गिरि को आवाज़ देकर रोकने की कोशिश भी की थी मगर उन चारों छोटे पिल्लों की मौत हो जाने बाद गिरि वहां रुका नहीं और भाग गया.

एफआईआर ( केस नंबर 451/2019 ) में गिरि पर कुल 11 आरोप लगाए गए हैं जिसमें भारतीय दंड संहिता में 279 (खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाना ) और 429 (जानवरों को अपंग बनाना या जान से मारना), पशुओं के प्रति क्रूरता रोकथाम कानून की धारा 11, 1960 (पशुओं को अकारण या जानबूझकर किसी प्रकार की हानि पहुंचाना, और मोटर वाहन क़ानून के तहत धारा 184 में 1988 (खतरनाक ड्राइविंग) प्रमुख तौर पर हैं. कानून की इन धाराओं में कैद और जुर्माने दोनों का प्रावधान है.
Loading...

ड्राइवर ने गिरफ्तारी को बताया कानून का अपमान
करीब 10 सालों से गाड़ी चला रहे गिरि ने कहा कि "कुत्ते के चारों बच्चे और उनकी मां सड़क पर बैठे हुए थे. मैंने गाड़ी धीमी की और उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की. लेकिन वो पिल्ले अपनी जगह से उठे और सड़क पार करने लगे. मुझे पता नहीं चला कि कब वे मेरी गाड़ी के नीचे आ गए. मैं रुका और दुःखी होकर उन्हें देखा फिर वहां से चला गया. इस घटना के लिए गिरफ्तार होना मुझे कानून का अपमान लगता है." गिरि ने कहा कि उन्होंने कभी भी लापरवाह तरीके से गाड़ी नहीं चलाई.

लेकिन राज्य पशु कल्याण बोर्ड के सचिव जीबन बल्लभ दास जिन्होंने इस घटना में पुलिस में शिकायत दर्ज़ की है, इससे सहमत नहीं हैं. उन्होंने पुलिस से अनुरोध किया है कि इस कैब ड्राइवर के खिलाफ कार्यवाई की जाए जिसने चार मासूम पिल्लों को मारा है.

odisha
आरोपी ड्राइवर कान्हू चरण गिरि


दास ने कहा "लोग सड़कों पर लापरवाही से गाड़ी चलाते हैं और आवारा पशुओं की मौत का कारण बनते हैं. इससे यह पता चलता है कि पशुओं की सुरक्षा को लेकर बनाये गए कानूनों को सख्ती से लागू नहीं किया जा रहा है. सड़कों पर घूमते आवारा पशुओं की सुरक्षा के मामले में यह गिरफ्तारी एक उदाहरण का काम करेगी."

पूरा दिन थाने में बैठी रही गर्भवती पत्नी और छोटे बच्चे
ड्राइवर गिरि की गर्भवती पत्नी और छोटे बच्चे को पूरा दिन पुलिस स्टेशन में बिताना पड़ा जहां गिरि को गिरफ्तारी के बाद रखा गया है. शाम को जमानत होने के बाद ही वह घर जा सके लेकिन अब उन्हें कोर्ट में उनपर लगे आरोपों का सामना करना होगा.

गिरि की पत्नी रंजुक्ता महापात्रा ने सवाल उठाते हुए कहा कि "छोटे पिल्लों पर जानबूझकर कौन गाड़ी चढ़ाता है? यह एक दुर्घटना मात्र थी. भुवनेश्वर की सड़कों पर सैकड़ों आवारा कुत्ते और पिल्ले घूम रहे हैं. उनके अलावा और भी आवारा पशु हर समय सड़कों पर घूमते रहते हैं जो ड्राइविंग को सभी के लिए खतरनाक बना देते हैं. क्या सरकार को पहले सड़कों को आवारा पशुओं से मुक्त नहीं करना चाहिए?

इस गिरफ्तारी से टैक्सी चलाने वाले ड्राइवर, प्राइवेट वाहन मालिकों और दूसरे ड्राइवर काफी क्षुब्ध हैं. भुवनेश्वर के टैक्सी ड्राइवर सरोज कुमार ने कहा कि "पिल्लों की मौत एक दुखद घटना है मगर ड्राइवर को गिरफ्तार करने से क़ानून को बहुत ऊपर ले जाया जा रहा है."

गिरफ्तारी पर उठ रहे हैं सवाल
वहीं एक वरिष्ठ पत्रकार और टिप्पणीकार रबी दास "अपने दिलोदिमाग की सही स्थिति में कोई भी व्यक्ति मुश्किल से ही किसी जानवर को मार सकता है. इस तरीके की घटना में गिरफ्तारी के लिए पशु कल्याण समूह के लोगों ने जिस तरह की तत्परता दिखाई है उसके साथ साथ उनके द्वारा लगातार अभियान भी चलाये जाने चाहिए जिससे सड़कें आवारा पशुओं से मुक्त हो सकें और लोगों के लिए ज्यादा सुरक्षित बन सकें."

टैक्सी ड्राइवर की गिरफ्तारी पर कई लोग यह भी सवाल उठा रहे हैं कि अगर उस गाड़ी को कोई अमीर या प्रभावशाली व्यक्ति चला रहा होता तो क्या पिल्लों की मौत के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज़ की जाती?

गिरि की पत्नी जिस तरह स्थानीय मीडिया में उनके पति की गिरफ्तारी को दिखाया जा रहा है उसे लेकर काफी दुखी हैं. वह यह स्वीकार भी करती हैं कि मीडिया कवरेज मिलने से सड़क सुरक्षा और पशुओं के प्रति क्रूरता जैसे महत्वपूर्ण नागरिक मामलों पर एक बहस को भी जन्म दिया है.

ये भी पढ़ें-
150 बच्‍चों को पढ़ाते हैं 2 टीचर, 6 सब्‍जेक्‍ट के लिए लेनी पड़ती है ट्यूशन

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 19, 2019, 9:08 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...