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ओडिशा का जज़्बा, Yaas तूफान के बीच भी जारी रखी ऑक्सीजन सप्लाई

यास तूफान की तबाही के बीच भी ऑक्सीजन सप्लाई का काम बाधित नहीं हुआ. (सांकेतिक तस्वीर)

Yaas तूफान भले ही बुधवार को ओडिशा (Odisha) में पहुंचा लेकिन इसे लेकर बचाव कार्य की तैयारियां पहले से जारी थीं. लेकिन राज्य सरकार ने इस बीच अन्य राज्यों को मेडिकल ऑक्सीजन (Medical Oxygen) रूपी 'संजीवनी बूटी' की सप्लाई किसी भी रूप में नहीं रुकने दी.

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    भुवनेश्वर. कोरोना की दूसरी लहर (2nd Covid-19 Wave) के बीच दूसरे राज्यों को ऑक्सीजन सप्लाई (Oxygen Supply) कर ओडिशा सरकार (Odisha Government) ने खूब सुर्खियां बटोरी हैं. अब जबकि राज्य में Yaas तूफान ने तबाही मचाई है तब भी राज्य ने ऑक्सीजन सप्लाई को नहीं बाधित होने दिया है. Yaas तूफान भले ही बुधवार को ओडिशा में पहुंचा लेकिन इसे लेकर बचाव कार्य की तैयारियां पहले से जारी थीं. लेकिन राज्य सरकार ने इस बीच अन्य राज्यों को मेडिकल ऑक्सीजन रूपी 'संजीवनी बूटी' की सप्लाई किसी भी रूप में नहीं रुकने दी. राज्य सरकार की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक बुधवार को भी अंगुल जिले से चार ऑक्सीजन टैंकर हैदराबाद-विशाखापट्टनम और दो टैंकर जयपुर-भुवनेश्वर भेजे गए.

    बीते महीने जब देश की राजधानी दिल्ली ऑक्सीजन की कमी से बेहाल थी तब ओडिशा ने सप्लाई शुरू की थी. मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने पीएम नरेंद्र मोदी बातचीत कर कहा था-'ये युद्ध जैसे हालात हैं. ऐसी स्थिति में ओडिशा मेडिकल ऑक्सीजन का प्रोडक्शन बढ़ाकर अन्य राज्यों की मदद की कोशिश करेगा.' इसके बाद से ही ओडिशा से लगातार अन्य राज्यों को ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है. ऑक्सीजन एक्सप्रेस के जरिए गंभीर कोरोना रोगियों की जान बचाने को 'सांस' भेजी जा रही है.

    Yaas ने मचाई तबाही, ओडिशा में सबसे ज्यादा बारिश
    बता दें Yaas तूफान के चलते अंडमान-निकोबार द्वीप, ओडिशा और पश्चिम बंगाल सबसे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. झारखंड में इसका असर आज भी रहेगा. ओडिशा में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई. उत्तरी ओडिशा और इसके नजदीक पश्चिम बंगाल के कई जिलों में 2-4 मीटर ऊंची समुद्र की लहरें देखी गईं. टाउते की ट्रैक लंबाई 1800 किमी थी जबकि चक्रवात यास की ट्रैक लंबाई 1000 किमी है.

    ओडिशा के संवेदनशील क्षेत्रों से 5.8 लाख लोगों को सुरक्षित स्थलों पर पहुंचाया गया
    ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) पीके जेना के मुताबिक बालासोर जिले के बहनागा और रेमुना ब्लॉक और भद्रक जिले के धामरा और बासुदेवपुर के कई गांवों में समुद्री पानी घुस गया. उन्होंने कहा कि प्रशासन स्थानीय लोगों की मदद से गांवों से पानी निकालने के वास्ते कदम उठा रहा है. जेना ने कहा कि मयूरभंज जिले के सिमलिपाल राष्ट्रीय उद्यान में भारी बारिश के कारण बुधबलंग नदी में अचानक बाढ़ आने की आशंका जताई. दोपहर में नदी का जलस्तर 27 मीटर के खतरे के स्तर के मुकाबले 21 मीटर पर था. ओडिशा के संवेदनशील क्षेत्रों से 5.8 लाख लोगों को सुरक्षित स्थलों पर पहुंचाया गया है और पश्चिम बंगाल में 15 लाख लोगों को शरणस्थलों पर पहुंचाया गया है.