महानदी जल विवाद : न्‍यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर बने ट्रिब्‍यूनल के अध्‍यक्ष

दिसंबर 2016 में ओडिशा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर महानदी की बहती धारा पर चल रहे निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की थी.

News18Hindi
Updated: March 14, 2018, 1:13 PM IST
महानदी जल विवाद :  न्‍यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर बने ट्रिब्‍यूनल के अध्‍यक्ष
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Updated: March 14, 2018, 1:13 PM IST
महानदी जल विवाद का हल निकालने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ट्रिब्‍यूनल का गठन कर दिया गया है. मंत्रालय की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक उच्‍चतम न्‍यायालय के न्‍यायाधीश न्‍यायमूर्ति ए.एम खानविलकर को ट्रिब्‍यूनल का अध्‍यक्ष चुना गया है.

इस ट्रिब्‍यूनल के सदस्‍य के रूप में पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति डॉ. रवि रंजन, दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायाधीश न्यायमूर्ति इंदरमीत कौर कोचर शामिल हैं. गौरतलब है कि दिसंबर 2016 में ओडिशा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर महानदी की बहती धारा पर चल रहे निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की थी. इसके लिए ओडिशा सरकार ने छत्‍तीसगढ़ सरकार को पत्र भी लिखा था लेकिन छत्‍तीसगढ़ सरकार ने निर्माण रोकने से इनकार कर दिया था. ओडिशा के मुताबिक महानदी के हीराकुंड बांध से 12.28 मिलियन एकड़ फीट पानी मिलना चाहिए. इसके अलावा 3.67 मिलियन एकड़ का अतिरिक्त पानी उपयोग के लिए मिलना चाहिए. ओडिशा सरकार ने तर्क दिया है कि पानी रोके जाने से लोगों को काफी दिक्‍क्‍त का सामना करना पड़ सकता है.
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