चक्रवात ‘फानी’ हुआ गंभीर, ओडिशा सरकार खाली करा रही तटीय इलाका

चक्रवात ‘फानी’ हुआ गंभीर, ओडिशा सरकार खाली करा रही तटीय इलाका
सांकेतिक तस्वीर

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि संवेदनशील क्षेत्रों से 100% लोगों की निकासी सुनिश्चित की जाए.

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बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान फानी बेहद गंभीर होता जा रहा है. ऐसी संभावना है कि फानी शुक्रवार दोपहर को पुरी जिले के चंद्रभागा से 10 किलोमीटर उत्तर में टकराएगा, जिससे ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के कम से कम 19 जिले प्रभावित होंगे.

तूफान के तट से टकराने से पहले 185 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है. तूफान जगतसिंहपुर, केंद्रपारा, भद्रक और बालासोर से गुजरते हुए पश्चिम बंगाल पहुंचेगा. इससे गंजम, गजपति, खुद्रा, पुरी, जजपुर और बालासोर जिलों के प्रभावित होने की संभावना है.

भारतीय मौसम विभाग द्वारा बुधवार शाम को जारी बुलेटिन के अनुसार तूफान अगले 12 घंटे में उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा और इसके पश्चात उत्तर एवं उत्तर-पूर्व की तरफ मुड़ जाएगा.



ओडिशा सरकार ने तूफान से प्रभावित होने वाले लोगों के लिए 900 आश्रयों की व्यवस्था की है और राज्य में आपातकालीन भोजन वितरण के लिए दो हेलीकॉप्टरों की तैनाती का अनुरोध किया है. भारतीन नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल के साथ-साथ राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की भी 78 टीमों की तैनाती की मांग की गई है. मौसम विभाग ने नेशनल क्राइसिस मैनजेमेंट कमिटी (एनसीएमसी) को अवगत कराया है कि तूफान तट से टकराते वक्त गंजम, खुर्दा, पुरी और जगतसिंहपुर के निचले इलाकों में 1.5 मीटर की ऊंचाई तक उठ सकता है और तबाही ला सकता है.
आपातकालीन स्थिति को संभालने के लिए देश के शीर्ष निकाय NCMC ने भी फानी की तैयारियों की समीक्षा की है. एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि नौसेना और तटरक्षक बल ने राहत और बचाव कार्यों के लिए जहाजों और हेलीकॉप्टरों को तैनात किया है, जबकि तीन राज्यों में सेना एवं वायु सेना को तैयार रहने को कहा गया है.

एनडीआरएफ ने आंध्र प्रदेश में 12, ओडिशा में 28 और पश्चिम बंगाल में छह टीमों को तैनात किया है. इसके साथ ही 32 टीमें नावों, पेड़ काटने वाले यंत्रों और दूरसंचार उपकरणों के साथ किसी भी स्थिति से निपटने के लिए स्टेंडबाई पर हैं. एनडीआरएफ की एक टीम में 45 लोग होते हैं.

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भारतीय तटरक्षक बल ने एक बयान में कहा कि उसने चक्रवात ओखी से मिली सीख का इस्तेमाल किया है, जो साल 2017 में तमिलनाडु और केरल के तट से टकराया था. तटरक्षक बल की तरफ से कहा गया कि 23 अप्रैल 2019 को मछुआरों, राज्य प्रशासन और स्थानीय प्रशासन को जरूरी कदम उठाने के लिए चेतावनी दी गई थी.

फानी से प्रभावित होने वाले संभावित स्थानों पर एहतियाती उपाय किये जा रहे हैं, इसके लिए आईसीजी के साथ भारतीय मौसम विभाग भी नजर बनाए हुए हैं.

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि संवेदनशील क्षेत्रों से 100% लोगों की निकासी सुनिश्चित की जाए. उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में बिजली, पानी की आपूर्ति और यातायात बहाली पर भी जोर दिया. मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है.

ओडिशा के स्पेशल रिलीफ कमिश्नर विष्णुपद सेठी ने कहा कि राज्य में गुरुवार शाम तक 10 लाख लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की योजना है. खाने के पैकेट तैयार हैं और गुरुवार से सामुदायिक रसोई बंद रहेंगी. चक्रवात को देखते हुए बीजू पटनायक प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय 2 से 28 मई के बीच होने वाली सभी परीक्षाओं को रद्द कर दिया है. एहतियात के तौर पर भुवनेश्वर का नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क भी 2-4 मई को पर्यटकों के लिए बंद रहेगा. इसके साथ ही अगले दो दिन के लिए ओडिशा हाईकोर्ट भी बंद रहेगा.

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तूफान की गंभीरता के को देखते हुए रेलवे ने 74 ट्रेनें रद्द कर दी हैं. भदरक से विजियानगरम के बीच ट्रेन की सेवाएं 2 मई की शाम से बंद हो जाएंगी.

ईस्ट कोस्ट रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे इसी के अनुसार यात्रा की तैयारी करें. इसके साथ ही भुवनेश्वर और पुरी की ओर जाने वाली गाड़ियां भी 2 मई की शाम से रद्द रहेंगी. ट्रेनों को रद्द करने के फैसले के बाद ईस्ट कोस्ट एक्सप्रेस, कोरोमंडल एक्सप्रेस 2 मई से हावड़ा से नहीं चलेंगी. वहीं पुरी से हावड़ा तक जाने वाली गाड़ी 2 मई की रात में रद्द रहेगी.

इसके साथ ही हावड़ा से चलकर, बेंगलुरु, चेन्नई और सिकंदराबाद तक जाने वाली गाड़ी भी 2 मई की शाम को रद्द हैं. भुवनेश्वर और पुरी से चलने वाली सभी गाड़ियां 3 मई को रद्द रहेंगी. वहीं भुवनेश्वर और पुरी तक आने वाली गाड़ियां भी 3 मई को रद्द रहेंगी.

वहीं आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर मांग की है कि पूर्वी गोदावरी, विशाखापत्तनम, विजयनगरम और श्रीकाकुलम में आदर्श आचार संहिता में ढील दी जाए.

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